अंबेडकरनगर/जौनपुर। वरिष्ठ पत्रकार और अंबेडकरनगर की पत्रकारिता के प्रमुख हस्ताक्षरों में शुमार डॉ. भूपेंद्र वीर सिंह गर्गवंशी का निधन हो गया है। वह 75 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। शनिवार सुबह जौनपुर में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
डॉ. गर्गवंशी को क्षेत्र के पत्रकारों के बीच पत्रकारिता का ‘पितामह’ भी कहा जाता था। चार दशक से अधिक समय तक सक्रिय पत्रकारिता से जुड़े रहे गर्गवंशी अपनी निडर लेखनी और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते थे।
जौनपुर में चल रहा था इलाज
जानकारी के मुताबिक, डॉ. भूपेंद्र वीर सिंह गर्गवंशी लंबे समय से बीमार थे और जौनपुर में उनका इलाज चल रहा था। शनिवार सुबह इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए लाया गया।
शनिवार शाम टांडा के महादेवा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अंबेडकरनगर से रहा गहरा नाता
डॉ. गर्गवंशी अकबरपुर के गांधीनगर के निवासी थे और मूल रूप से बेवाना थाना क्षेत्र के अहलादे गांव के रहने वाले थे। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा और उन्होंने कई पीढ़ियों के पत्रकारों का मार्गदर्शन किया।
उनके परिवार में पत्नी डॉ. तारा सिंह, इकलौते पुत्र सोमेंद्र वीर सिंह और अन्य परिजन हैं। डॉ. तारा सिंह कटेहरी क्षेत्र के एक निजी महाविद्यालय में प्राचार्या हैं, जबकि उनके पुत्र सोमेंद्र वीर सिंह बेवाना स्थित कन्हैया विभूति स्मारक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं।
पत्रकारों ने जताया शोक
डॉ. गर्गवंशी के निधन पर प्रेस क्लब अंबेडकरनगर और जिले के अनेक पत्रकारों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पत्रकारों ने उन्हें बेबाक पत्रकारिता का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि उनके निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
निडर लेखनी और सच के प्रति प्रतिबद्धता के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. भूपेंद्र वीर सिंह गर्गवंशी का जाना क्षेत्रीय पत्रकारिता के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है। उनकी पत्रकारिता और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों के पत्रकारों को प्रेरित करते रहेंगे।


