नई दिल्ली। देशभर में निष्क्रिय पड़ी पत्र-पत्रिकाओं के खिलाफ प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (PRGI) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन काम करने वाले PRGI ने 24 अगस्त 2026 को जारी एडवाइजरी नंबर 21 ऑफ 2026 में 8,564 ऐसे टाइटल्स को डिफंक्ट सूची में रखा है, जिन्हें उनके मालिकों या प्रकाशकों ने अब तक प्रेस सेवा पोर्टल (Press Sewa Portal) पर मैप नहीं किया है।
PRGI के मुताबिक इन प्रकाशनों से संबंधित कई अनिवार्य प्रक्रियाएं भी लंबित हैं। इनमें वित्तीय वर्ष 2022-23 तक के बकाया जुर्माने का भुगतान नहीं किया जाना तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए वार्षिक विवरण (Annual Statements) दाखिल नहीं किया जाना शामिल है।
प्रकाशकों को क्या करना होगा?
PRGI ने संबंधित प्रकाशकों को कार्रवाई से बचने के लिए 30 दिन का समय दिया है। इस अवधि में उन्हें प्रेस सेवा पोर्टल पर अपने टाइटल की मैपिंग करनी होगी। इसके साथ ही प्रकाशन का Publication Continuity Certificate (PCC) ऑनलाइन जमा करना होगा और लंबित सभी जुर्माने का भुगतान करना होगा।
एडवाइजरी में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं करने वाले प्रकाशनों के खिलाफ Press and Registration of Periodicals Act, 2023 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पहले निलंबन, फिर रद्द हो सकता है पंजीकरण
PRGI ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर अधिनियम की धारा 11(2) के तहत संबंधित टाइटल का पंजीकरण पहले निलंबित किया जा सकता है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
PRGI की इस कार्रवाई से देशभर के उन प्रकाशकों पर सीधा असर पड़ सकता है, जिनके पत्र-पत्रिकाओं के टाइटल लंबे समय से निष्क्रिय हैं या जिनसे संबंधित वार्षिक विवरण, PCC और अन्य नियामकीय औपचारिकताएं लंबित हैं। संबंधित प्रकाशकों के लिए अब 30 दिन की समयसीमा में अपनी स्थिति स्पष्ट कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा।
नीचे लिंक में देखें पूरी लिस्ट…
https://drive.google.com/file/d/188dcV5NqopjU_S8mPv-uWMfZzwENPxCa/view?usp=drivesdk


