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दैनिक भास्कर के नए संपादक ने दावा किया है कि सीजेपी की फंडिंग अमेरिका से है!

Front page of a Hindi newspaper with a large bold headline, subheadings, and a photo collage (a woman, a man, and a small group) plus a right-hand sidebar box labeled 'आज अहम सुर्खियाँ'.

नितेश त्रिपाठी-

दैनिक भास्कर के संपादक बदल गए हैं, नए संपादक आए हैं। नए संपादक ने अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन के बयान को प्रमुखता से पहले पन्ने पर छापा है। गायिका का दावा है कि CJP को अमेरिका से फंडिंग है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया है। ये बहुत गंभीर आरोप हैं, इसका सबूत भी देना चाहिए था। मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर ये दावा किया।

क्या आपको लगता है कि सरकार इस मसले पर हाथ पर हाथ धरे बैठी होगी? CJP के पहले आंदोलन (जुलाई) से ही सरकार ने फंडिंग या फिर CJP को खत्म करने की कोशिश शुरू कर दी होगी। लेकिन अखबार इंस्टग्राम पर महज 1 लाख फॉलोअर वाले अमेरिकी गायिका के बयान पर खबर गढ़ देता है और इसे पहले पन्ने पर एक तरह से लीड के रूप में छापता है। कल कोई भी ऐरा गैरा कुछ भी कह देगा और अखबार उसे छाप देगा।

मैं भास्कर को पिछले पंद्रह साल से पढ़ रहा हूं। दैनिक भास्कर ने कोरोना के समय काफी अच्छी खबरें छापी थीं, जो पहले पन्ने पर लीड गईं थी। अखबार ने संगम किनारे जलाए जा रहे शवों की ड्रोन फोटो ली थी, जो सरकार के दावों की पोल खोलते था। तब अखबार लगातार खबरें छाप रहा था और बेहद मुखर था। इनाम ये मिला कि 2021 में ही जून जुलाई के महीने में अखबार के दफ्तर पर आईटी की रेड पड़ गई। पत्रकारों के फोन जब्त कर लिए गए। हालांकि पिछले पांच सालों में अखबार ने कई बार बीच-बीच में दिलेरी दिखाई, लेकिन भोपाल में बैठे नेशनल न्यूज रूम के संपादक के बदले जाने का असर अखबार पर साफ दिख रहा है। जब कल्पेश याग्निक थे तब भी अखबार खूब लिखता था, छापता था। लेकिन अब धार कुंद होती प्रतीत होती है।

अखबार ने जिस टटपुजिया गायक के दावे को इतना बड़ा बना दिया है वो मोदी समर्थक हैं और कई बार पीएम मोदी के पक्ष में बोलती नजर आई हैं।

कौन है मैरी मिलबेन?

मैरी मिलबेन एक अफ्रीकी-अमेरिकी गायिका हैं। मैरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपने सार्वजनिक समर्थन के लिए भी जानी जाती हैं। साल 2023 में प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा के दौरान वॉशिंगटन डीसी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया था। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के पैर छूने के उनके अंदाज ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं।

इस साल की शुरुआत में मिलबेन ने सार्वजनिक जीवन में प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी थी। उन्होंने मोदी को ‘भारतीय सपने का चमकता हुआ प्रकाशस्तंभ’ बताया था।

दो महीने पहले अगस्त में भी वह न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत से जुड़े कार्यक्रम का समर्थन करने को लेकर चर्चा में आई थीं। उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि कुछ लोग इस कार्यक्रम का विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि वे प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ हैं।

वर्ष 2025 में मिलबेन ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना ‘अच्छा मित्र’ बताया था और उनके नेतृत्व की तारीफ की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात के अपने अनुभव को यादगार और प्रेरणादायक बताया था।

मैरी मिलबेन भारत से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रख चुकी हैं। इनमें किसान आंदोलन और CAA जैसे विषय शामिल हैं।


महज एक लाख फॉलोअर वाली गायिका के बयान को लीड-नुमा छाप दिया। माइकल जैक्सन ऐसा बयान देते तो संपादक जी पूरे दो पन्ने में डबल डेकर हेडिंग लगाकर छापते। और भी तमाम प्रयोग करते।
-वेद रत्न शुक्ला, पत्रकार

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