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सुख-दुख

उंगलियों के निशान भी सेफ नहीं, 1000 रुपये में फिंगर प्रिंट डुप्लीकेट मिलने लगा!

Soumitra Roy : अगर आप ये सोचते हैं कि आपकी उंगलियों के निशान यूनिक हैं और दुनिया में और किसी के पास नहीं हो सकते तो आप मूर्ख हैं।

गुजरात पुलिस ने एक गैंग को पकड़ा है। ये 1000 रुपये में फिंगर प्रिंट के डुप्लीकेट बनवाता था।

अब आप सोचें कि आपने कितने जगह अपने फिंगर प्रिंट लगा रखे हैं? मोबाइल से लेकर दफ्तर के गेट पर थंब स्कैनर तक।

गांव का ग़रीब तो मानता ही है कि ईश्वर ने उसे अंगूठा दिया ही ठप्पा लगाने के लिए है। ताकि उसका हक कोई शातिर हड़प ले।

मैं अंगूठे वाली व्यवस्था के पहले से ही खिलाफ़ रहा हूँ। किसी भी व्यक्ति या उसकी ईमानदारी की पहचान अंगूठा नहीं हो सकता। लेकिन DL, आधार बनवाने से लेकर मोबाइल अनलॉक तक के लिए धड़ल्ले से अंगूठा लिया जा रहा है।

ये अंगूठा आपको मूर्ख बना रहा है। अंगूठा टेक। एक बार फिर मशीन पर सवाल है। व्यवस्था पर, आपकी चुप्पी पर सवाल है।

इसका विरोध कीजिये। सिविल नाफरमानी कीजिये। ठान लीजिये, हम अंगूठा नहीं लगाएंगे।

शुरुआत मोबाइल के अनलॉक को बदलने से ही कीजिये।

पत्रकार सौमित्र राय की एफबी वॉल से.

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2 Comments

2 Comments

  1. देवेश श्रीवास्तव एडवोकेट

    February 8, 2020 at 12:57 pm

    व्हाट्सएप से कोई खबर शेयर नहीं हो रही है

  2. Chandan Sharma

    February 11, 2020 at 1:49 am

    गांव का गरीब5 बेहतर तरीके से जानता है अंगूठा का कॉपी बनता है। और सबसे बड़ी बात है गाज़ीपुर में एक हजार नहीं सौ रुपये में भी बनता है और बखूबी काम करता है

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