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लॉक डाउन के दौरान आकाशवाणी दिल्ली के कैजुअल कर्मियों (न्यूजरील प्रोडक्शन) के हितों के संरक्षण हेतु प्रार्थना

सेवा में,

माननीय प्रधानमंत्री जी

भारत सरकार

विषय – आकाशवाणी दिल्ली में कार्य करने वाले कैज्यूल (न्यूजरील के प्रोडक्शन) कर्मियों के हितों का लॉक डाउन के दौरान संरक्षण हेतु प्रार्थना

महोदय,

निवेदन यह है कि हम 10 -15 या इससे भी ज्यादा वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं आकाशवाणी दिल्ली के न्यूज़रील विभाग में देते आ रहे हैं। हमें प्रत्येक माह 6-12 या उससे अधिक दिन कार्य हेतु बुलाया जाता है। प्रत्येक ड्यूटी के लिए “एक हज़ार” रुपए मेहनताना दिया जाता है। (2012 से अभी तक यही लागू है)।

कोरोना महामारी ने हमारे जीवन को और परेशानियों में डाल दिया है। इस परिस्थिति में ड्यूटी करें तो कोरोना का खतरा, ना करें तो रोजगार का खतरा। कई सहकर्मी अपनी सेवाएं अभी दे रहे हैं। हमारे सामने जीवन यापन की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो चुकी है, क्योंकि विभाग तो केवल उन्हीं दिनों की पेमेंट हमें करेगा, जिन दिनों हम ड्यूटी पर जायेंगे। परन्तु संकट के इस दौर में सभी के लिए ड्यूटी कर पाना संभव नहीं। इसलिए कई कर्मी कोरोना महामारी को और फैलने से रोकने के लिए सरकारी निर्देशों के तहत घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी सभी ड्यूटी से भी वंचित होना पड़ रहा है।

हम कैज्यूल कर्मी आज तक एक दिहाड़ी मजदूर की भांति ही विभाग में काम कर रहे हैं।

हम कैज्यूल कर्मियों को विभाग द्वारा दैनिक मेहनताना के अलावा कोई सुविधा नहीं दी जाती है। विभाग द्वारा हमें आज तक कोई भी ऐसा पहचान पत्र नहीं दिया गया, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि हम आकाशवाणी में सेवा देते हैं।
ऐसे मुश्किल वक्त में जब स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पूरे देश की जनता को घरों से बाहर निकलने से मना किया है तो हम कैसे अपनी आर्थिक ज़रूरतों की पूर्ति करें?

हमारी प्रार्थना:-

1- संकट की इस घड़ी में सभी कैज्यूल कर्मियों को कम से कम तीन माह तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि लॉक डाउन को और प्रभावी बनाया जा सके।

2- हम सभी कैजुअल कर्मियों के लिए स्वास्थ्य बीमा करवाया जाए, ताकि संक्रमण की स्थिति में हमारा उपचार संभव हो सके।

3- अगर कोई सहकर्मी काम करता है तो उसे इस जोखिम के समय में सेवा देने के लिए अधिक मेहनताना दिया जाए।

4- दैनिक वेतन में बढ़ोतरी की जाए (2012 से अब तक सिर्फ एक हज़ार का दैनिक वेतन)। ताकि हमारा भी उत्थान हो सके।

हमारी उपरोक्त परेशानियों को ध्यान में रखते हुए कोई उचित निर्णय ले जिससे हमारे हितों की सुरक्षा निश्चित हो।

आशा है आप हमारी परेशानी का निवारण करेंगे।

आपके विश्वासी

सभी न्यूज रील कैजुअल कर्मी

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