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सीरियल किलर रविंद्र जैसो को उन्हीं के अंदाज में क्रूरतम दंड मिले

अब तक करीब 35 बच्चों के साथ रेप और मर्डर की वारदात अंजाम देने वाला दिल्ली का सबसे बड़ा सीरियल किलर रविंद्र सनसनीखेज खुलासे कर रहा है। कैमरे के सामने रविंद्र अपना एक-एक जुर्म कबूल कर गया। वो बताता है कि शराब पीने के बाद उसे जाने क्या हो जाता था। वो नशे में चूर होकर बच्चों के साथ हैवानियत की हद तक गुजरता था।

अब तक करीब 35 बच्चों के साथ रेप और मर्डर की वारदात अंजाम देने वाला दिल्ली का सबसे बड़ा सीरियल किलर रविंद्र सनसनीखेज खुलासे कर रहा है। कैमरे के सामने रविंद्र अपना एक-एक जुर्म कबूल कर गया। वो बताता है कि शराब पीने के बाद उसे जाने क्या हो जाता था। वो नशे में चूर होकर बच्चों के साथ हैवानियत की हद तक गुजरता था।

सीरियल किलर खुलासा करता है कि वो सोते वक्त या किसी सूनसान जगह पर बच्चों को टार्गेट करता था। वो  शराब के नशे में अपने घर के बच्चों को भी नहीं छोड़ता था। अब वो खुद के लिए मौत मांग रहा है। बेहद ही चौंकाने वाला मामला है ये, शायद निठारी से भी ज्यादा खौफनाक क्योंकि निठारी कांड तो एक कोठी के अंदर हुआ था जबकि रविंद्र ने दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत जाने कितने राज्यों में घूम-घूमकर बच्चों को मारा है। 

अब रविंद्र अपने गुनाह की एक एक परत खोल रहा है। वाकई इस खुलासे ने मुझे भी हिलाकर रख दिया। सोचिए दो ढाई साल के बच्चों की भला क्या औकात होती है। ये नर पिशाच उन्हें भी नहीं छोड़ता था। कह रहा है कि एक फिल्म देखकर वो खौफनाक बन गया। रविंद्र अकेला नहीं है। इस तरह के कई पिशाच घूम रहे हैं और बच्चों को किडनैप कर वारदात को अंजाम दे रहे हैं ।उन बच्चों के माता-पिता की आंखों के आंसू सूख चुके हैं लेकिन उनके कलेजे के टुकड़ों का सुराग नहीं मिल सका।

मैंने देखा है, अकसर माता-पिता भी लापरवाही बरतते हैं लेकिन अब भरोसा टूट रहा है। खासकर बच्चों को लेकर होशियार रहना चाहिए। किसी की भी भी नजर संदिग्ध लगे, अलर्ट हो जाना चाहिए। ये नहीं सोचना चाहिए कि अभी तो हम सुरक्षित हैं लेकिन हो सकता है अगली बारी आपके बच्चे की हो। वर्षों से अपराध पर लिख रहा हूं। कई तरह की स्टोरी पर काम किया लेकिन आज भी किसी बच्चे के साथ अपराध को देख-सुनकर कलेजा कांप उठता है। अरे उस बच्चे ने तो अभी तुतली आवाज में बोलना ही शुरू किया था कि उसका अंत कर दिया गया। अब वक्त आ गया है कि ऐसे अपराधियों को उन्हीं के अंदाज में सजा दे दी जाए। जेल में पाला ना जाए, जैसे सुरेंद्र कोली और मोहिंदर सिंह पंढेर की मेहमाननवाजी की जा रही है।

लेखक एवं युवा टीवी जर्नलिस्ट अश्विनी शर्मा से संपर्क

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