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सियासत

राहुल गाँधी को देखकर सोचती हूं कि कोई व्यक्ति आख़िर कितनी असफलता पचा सकता है?

Kanupriya-

क्या आपको राहुल गाँधी को देखकर युवराज की फीलिंग होती है?

सच कहूँ तो जब भी बेहद हताश होती हूँ और अचानक राहुल गाँधी का कोई वीडियो सामने आ जाता है तो सोचने लगती हूँ कि कोई व्यक्ति आख़िर कितनी असफलता पचा सकता है, कितनी? आख़िर वो क्या है जो लगातार हार के बाद भी मोटिवेट करता रहता है? वो क्या है जिसने लगातार मज़ाक बनाये जाने के

बाद भी भीतर की warmth ख़त्म नही की. और कोशिश, और मेहनत के लिये क्या inspire करता है?

भाड़ में जाओ सब, ये भी एक विकल्प होता है. मेरी तो ख़ुद अब कुछ लिखने की इच्छा ही नही होती,

क्या वाक़ई राहुल गाँधी के पास जीवन मे विकल्पों की कमी है?

देश की पैदल यात्रा कहीं से भी आसान काम नहीं, तिस पर भीड़ वोट में बदलेगी भी या नही पता नही, गुजरात में ही कॉंग्रेस की जगह आप लेती दिखाई दे रही है, फिर भी व्यक्ति अपना कर्म किये जा रहा है, ये बात वाक़ई प्रेरणादायी है.

राहुल अगर वाक़ई युवराज हैं तो वो अपनी विरासत का दायित्व बख़ूबी निभा रहे हैं.

थका हुआ सफ़ेद दाढ़ी से भरा चेहरा, बोल बोल कर फटी आवाज़, लोगों को लगातार समझाते रहने की कोशिश, चेहरे से गुलाबी युवा आकर्षक रंगत ग़ायब है मगर एक व्यक्ति के रूप में राहुल निखरते जा रहे हैं.

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1 Comment

1 Comment

  1. Santosh kumar

    October 17, 2022 at 3:27 pm

    agar ek vakya me kaha jaye to “kabiliyat nahi hai”.

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