अशोकनगर : समाचार पत्र हॉकरों को उनका हक मिलना चाहए। शासन या तो उन्हें जनसम्पर्क नीतियों में शामिल करे अथवा श्रम विभाग अपनी नीतियों के तहत उन्हें सुविधाए प्रदान करे। यह बात पत्रकार देवेन्ध ताम्रकार ने अखबार हॉकर्स यूनियन के द्वारा आयोजित बैठक में जिलेभर के हॉकर्स को संबोधित करते हुए कही। समाचार पत्र के हॉकर्स सुबह से उठकर घर-घर समाचार पत्र पहुंचाने का काम करते हैं। तभी कहीं जाकर लोगों तक अखबारों की खबरें पहुंच पाती हैं।
शासन ने पत्रकारों सहित सभी वर्ग के लोगों के लिए तमाम कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, पर अखबार हॉकर्स के लिए किसी प्रकार की कल्याणकारी योजना शासन ने अभी तक प्रदान नहीं की है। पत्रकार ताम्रकार ने कहा कि इस संबंध में सभी हॉकर्स भाईयों को एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जनसम्पर्क एवं श्रम मंत्री को ज्ञापन देकर कर अपनी मांगों से अवगत कराया जाए।
बैठक के दौरान पत्रकार नीरज शुक्ला ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी हॉकर्स की जायज मांगों को लेकर वे हर संभव मदद करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि समाचार पत्र हॉकर्स शब्द मानसिक गुलामी का प्रतीक है, पहले इसे सुधार करते हुए समाचार पत्र अथवा अखबार दूत का नाम दिया जाए इस तरह की शासन से मांग आवश्यक है। बैठक के दौरान अखबार हॉकर्स यूनियन के जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह राजपूत ने यूनियन के गठन के तीन वर्ष उपरांत यूनियन के साथियों की एकता पर धन्यवाद देते हुए उनके हकों की लड़ाई को लडने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि इसके लिए वे अशोकनगर से भोपाल तक अपने सभी साथियों की मदद से लड़ाई लडने तैयार हैं।
इस संबंध में हॉकर्स यूनियन ज्ञापन सौंपेगा। बैठक में देवेन्ध नामदेव, अरूण श्रीवास्तव, मुकेश श्रीवास्तव, लखन ओझा, जगदीश नामदेव, सोनू यादव, राकेश प्रजापती, अरूण ओझा, नवीन चंदेल, आशीष चंदेल, सुनील अग्रवाल, रामसेवक महाराज, हेमंत शाक्य, सुरेश जोशी, सचिन भारिल्ल, राजकुमार प्रजापती, रामजी लाल, राजेश जोगी, रविन्द चंदेल, दिनेश चंदेल, सोनू गोस्वामी सहित बैठक में अनेक हॉकर्स उपस्थित है।


