एंकर को ‘भूकंप का झटका’

“नमस्कार! आप देख रहें हैं ABC News आपके साथ मैं हूँ शिवांशु शुक्ला। इस वक़्त की बड़ी खबर आपको बता दें…तेज़ भूकंप के झटके महसूस किये गए हैं… जी हाँ फिर भूकंप आया है और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 माँपी गयी है। 

बड़ी ख़बर…भूकंप का केंद्र एक बार फिर नेपाल ही है। नेपाल-चीन के बॉर्डर पर आए भूकंप ने दिल्ली एनसीआर तक को हिला दिया। यहाँ भी झटके महसूस किये गए।उस वक़्त 12:35 मिनट पर मैं स्टूडियो में ही मौजूद था लाइट्स हिलने लगी…लगा जैसे चक्कर आ रहे है……” 

इधर भूकंप में आधा ऑफिस लॉन में ….घर पर फ़ोन मिला रहा है कोई…तो एक तरफ चार साथ खड़े गपियाते हुए….”अबे !पता ही नहीं चला भूकंप आया…चल चाय पिला.”..तब तक एक दूर से अंदर लगा मॉनिटर देखते हुए…. “अबे! भूकंप तो बड़ा ज़बरदस्त था बेचारा एंकर…अंदर ही है क्या?”….तीसरा “तो और कहा जाएगा बड़ी खबर है।” और इधर एंकर के घरवाले भी परेशान हैं… भूकंप की वजह से पूरे लखनऊ की बिजली काट दी गई है… घर वाले इतना ही देख पाए थे कि दिल्ली- एनसीआर में भी भूकंप के ज़ोरदार झटके… उसके बाद से बत्ती गुल है… मां लगातार शिवांशु को फ़ोन मिला रही है… लाइव में फंसा शिवांशु फोन से दूर है और शिवांशु की सलामती के लिए परेशान उसकी मां उससे दूर… पूरी दुनिया को भूकंप की खबर देने वाला एंकर अपनी ही मां को अपनी सलामती की खबर नहीं दे पा रहा…

एंकर मन में भूकंप है तो क्या काम तो करना होगा और पुरे जोश में….

“एक बार फिर आपको बता दें बड़ी खबर 25 अप्रैल के ज़ख्म अभी भरे ही कहाँ थे और ये भूकंप फिर……” धाराप्रवाह बोले जा रहा है एंकर… तभी PCR से आवाज़ सीधा कान में “भाई! साँस ले ले… तेरे पर भी आया है क्या भूकंप!”….. एंकर मुस्कुराता दोबारा गहरी साँस भर कर और शुरू हो गया।

इधर न्यूज़रूम में हल्ला मचा हुआ है। बॉस चिंता में ” 15 मिनट हो गए अबतक फोन नहीं मिला क्या। भू वैज्ञानिक को फोन लगाओ…अपना कौन कौन रिपोर्टर बाहर है डिप्लॉय करो जल्दी…भोपाल से विवेक को लो….पटना से शिशिर को लो.. “

शिफ्ट ख़त्म कर सुमेधा न्यूज़रूम आई ही थी हलचल देखने कि बॉस ….” सुमेधा इधर आ… एक काम कर सिस्टम ले मैप खोल कहाँ कहाँ झटके आए एक बार ब्रीफ कर….ज़रा लाइव दे”

सुमेधा पूरे जोश के साथ इनपुट पे पहुँची सर क्या कैसे करना है और जवाब “अभी देखते है।”

इतने में न्यूज़रूम में आधा पगलाया rundown पर बैठा प्रोड्यूसर टॉक बैक पर इनपुट से “क्या आज फोनो मिलेगा या कल भूकंप का इंतज़ार करें!”

उधर से आवाज़

“दे रहें है फ़ोन शिशिर का …अब लग नहीं रहा तो का फ़ोन में घुस जाए का…बात करते है…ANI पर लाइव तस्वीर हैं काटिए….” टॉक बैक बंद कर बगल में बैठे साथी से हैकड़ी से “बताओ हमको बताते है। देख लिये न हमार जवाब”

याद रहे 15 मिनट से एंकर बोल रहा है।

आखिर पटना से शिशिर का फ़ोन लग गया….एंकर जोश से लबरेज़ ” शिशिर हमारे साथ पटना से जुड़ गए है …शिशिर पटना के क्या हालात है?”

दूसरी तरफ सन्नाटा

PCR “भाई दोबारा पूछो अब कनेक्ट है…”

सवाल को दोबारा अच्छे से पिरो के जोश से एंकर ने पूछा

“शिशिर …दिल्ली एनसीआर में लोग घरों से बाहर आ गए…कुछ वक़्त के लिए दफ्तर खाली हो गए…यहाँ लोग थोड़ा डरें हुए हैं…पटना के क्या हाल है?”

इधर एंकर डर कर बड़ा सवाल पूछ रहा है पता नहीं शिशिर कनेक्ट हुआ के नहीं उधर से rundown से चिल्लाने की आवाज़ ” अरे ! एंकर से कहो इतने लंबे सवाल नहीं पूछने हैं”

इधर शिशिर बोला ” शिवांशु क्या अपना सवाल दोहराएंगे?”

rundown की फटकार और सवाल की दो बार ऐसी तैसी के बाद एंकर ने पूछा

“शिशिर आप पटना के हाल बताएं”

और शिशिर लगा बोलने ….

कुछ परेशान लोग सवालों के जवाब दे रहें हैं….कुछ शिशिर से दूर जा रहे है…”

एंकर स्थिति को सँभालने के लिए बोल पड़ा ” हम देख सकते हैं घर जाये तो भूकंप का डर और बाहर तेज़ गर्मी ज़ाहिर है लोग आखिर करें तो करें क्या लेकिन….”

अभी सवाल पूछने को ही था कि दोबारा rundown ” क्यों बोल रहा है एंकर इतना…”

उस से कहो सिर्फ शिशिर बोलेगा…अभी शिशिर बोला ही था की “देखो देखो नए विज़ुअल रिपोर्टर को चुप कराओ…एंकर से कहो बोले…”

और एंकर आँख खोले… ज़ुबान संभालें …दिमाग को शांत करके फिर बोलने लगा…करते करते 1 घंटा बीत गया।

इधर सुमेधा कैमरा , माइक , लाइट ,सिस्टम ऑन करके दो दो फोन लेके बैठी हैं 1 घंटा हो गया ….

“अभी तक patch नहीं हुआ क्या…कब से बैठी हो…” producer मज़े से।

सुमेधा झल्ला के ” सुबह 6 बजे से आई हूँ 4 बुलेटिन निबटा के शिफ्ट ओवर करके पागलों की तरह बैठी हूँ…मुझसे नहीं इनपुट pcr मर्ज़ी आये जहाँ पूछो …मुझे नहीं पता।”

इधर एंकर खड़ा हैं… भूकंप नेपाल में आया पानी के लाले स्टूडियो में पड़े है…दूर से ग्लास देख रहा है लेकिन पी नहीं सकता न जाने कब on air cut कर दिया जाए…. ख़ैर काम हैं…ईमानदारी से करना है ।क्या हुआ जो कुछ देर प्यासे रह गए।

और आख़िरकार 1 घंटे बाद नया एलिमेंट मिला …..”सुमेधा मेरे साथ न्यूज़रूम से जुड़ गयी हैं…बताएं सुमेधा किन किन इलाकों में भूकंप आया?”

और एक घंटे से भन्नाए दिमाग लेकिन शांत चेहरे से सुमेधा बोलना शुरू हुई ….मजबूरी है शांत दिखना। ख़ैर…

भूकंप का असर rundown से pcr…pcr से एंकर तक पास होता रहा …

एंकर ग्राफ़िक दिखाओ B WALL पर.. ANI के visual पर बोलो…एंकर फोनों लो…. ज़्यादा मत बोलो….अरे एंकर चुप क्यूँ हैं….उस से कहो बोलो..

जैसे तैसे 3 घंटे लगातार anchoring करके शिवांशु शुक्ला studio से बाहर आया। सोचा शायद आज बढ़िया निभा लिया…ज़रा rundown के चक्कर काट लिया जाए….माहौल भी पता चल जाएगा।आत्मविश्वास के साथ शिवांशु शुक्ला ऊपर गया।

“सर, ठीक रहा!” सर का जवाब सिर्फ एक शब्द “हाँ !”

अभी शिवांशु सोच ही रहा था इतनी मेहनत के बाद सिर्फ ‘हाँ!’

की इतने में खंबे के पास बकैती काटते दो लड़कों ने एक दूसरे से कहा ” एंकर करते ही क्या है?”

एंकर को “भूकंप का झटका”

रिक्टर पैमाना ……?

फ़ोन बजा

माँ “बेटा कैसा है तू.. भूकंप आया, सब ठीक हैना..बोल बेटा!”

शिवांशु बोला “हाँ!”

माँ “सिर्फ हाँ?”

शिवांशु “माँ..अभी बिज़ी हूँ..बाद में”

फोकस न्यूज की एंकर मीनाक्षी जोशी के फेसबुक वॉल से

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