यूपी में जंगलराज : अंधेर नगरी चौपट राजा, परेशान होना हो तो जौनपुर के ARTO ऑफिस आजा

सेवा में
श्रीमान्
मुख्यमंत्री महोदय, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ
जिलाधिकारी / पुलिस अधीक्षक / ARTO महोदय, जौनपुर

महोदय,

सर्वप्रथम…..गुस्ताखी माफ़ कीजियेगा.. मैं आप सबको बड़ी शर्मिंदगी के साथ अपना परिचय बताना चाहता हूँ, श्रीमान् मैं अजय पाण्डेय उसी राज्य के उसी जौनपुर ज़िले का मूल निवाशी हूँ जहां के आप लोग संवेदनहीन मुख्यमंत्री, डीएम, एसपी और ARTO हैं। क्या मुख्यमंत्री जी..? आपके तो सारे दावे, सारी हेल्पलाईनें तो सिर्फ हवा हवार्इ है। आपके पास की गयी कम्प्लेन या निवेदन का कितना असर होता है ये हमने भली भांति देख लिया है।

सीएम् साहब…अब डींगियेगा मत…फालतू में, कि हमने ये हेल्प लाइन बनायी… वो बनायी । उत्तर प्रदेश में जनता के लिए इतने एक्टिव हैं हम…फला… फला. फला.. क्योंकि आपके मुंह से ऐसी बाते अब बिल्कुल शोभा नहीं देती हैं। आदरणीय मुलायम सिंह जी के बनाये हुए उत्तर प्रदेश को क्यों इतने संवेदनहीन होकर उजाड़ रहे हैं?

युवा होने का ये मतलब तो नही जो “अंधेर नगरी चौपट राजा” वाली कहावत चरितार्थ करें आप….? आपके अधिकारी इतने बेलगाम क्यों हो गए हैं?  आप भी कुम्भकर्णी निद्रा में इतने लीन क्यों हैं ….साहब? आखिर क्यों? अब तो जागिये…

कुछ दिन पहले आपको हमने जौनपुर ARTO विभाग की अनियमितता के सन्दर्भ में ट्वीट करके जानकारी दी थी और अपने ड्राइविंग लाइसेंस को पाने के लिए आपसे निवेदन भी किया था। लेकिन आपने क्या किया? कुछ नहीं! अखिलेश जी अब तो मुझे खुद शर्म आ रही है कि मैं आपसे दुबारा अपनी पीड़ा कह रहा हूँ लेकिन ऐसा नहीं है……मैं जनता को हकीकत से वाकिफ करवाने के लिए सच्चाई लिख रहा हूँ। और आपतक अपनी बात पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया हूँ।  आपसे हमे अब कोई उम्मीद भी नहीं है। हो सके तो अपने आप में आप सुधार लाएं….यूपी को तबाह मत करें, ऐसे अधिकारियों के माध्यम से।

मुख्यमंत्री जी यह पूरा मामला आपके उत्तर प्रदेश के सबसे बदहाल और दलाली में मशगूल ज़िले जौनपुर का है। जहाँ पर वर्तमान में भानूचंद गोस्वामी जी  – डीएम और अतुल सक्सेना  जी – एसपी जैसे प्रशासनिक अधिकारी पदासीन हैं। यहां का भ्रष्ट ARTO ऑफिस, जहाँ ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और प्राप्त करने में कई साल बीत जाते हैं, फिर भी बिना दलालों से संपर्क किये उन्हें मुहमाँगा पैसा दिए बगैर आसानी से लाइसेंस नहीं मिलता है। ARTO दफ्तर में कार्यरत बाबुओं- कर्मचारियों की तो आपके सत्ता और शासन में इतनी हनक है कि जिला प्रशाशन भी इनके आगे पोलियोग्रस्त होकर घुटने टेकता दिखाई देता है।

इतना ही नहीं, जौनपुर के कुछ वरिष्ठ और दलाली के महारथी, चाटुकारिता में अव्वल योग्यता रखने वाले पत्रकारों की भी दलाली इस ARTO दफ्तर में जोर-शोर से चलती है।  इसी का दंश आम जनता को झेलना पड़ रहा है। इसकी वजह से कोई हाय-हल्ला कहीं अखबारों- चैनलों पर दिखाई नहीं देता है। ऐसे तमाम पत्रकार आरटीओ ऑफिस के बाबू राकेश श्रीवास्तव का जाकर सुबह-दोपहर-शाम बड़ी ईमानदारी से चरण बंदन करते दिखाई देते है जो जौनपुर के दुर्दिन का मुख्य कारण भी है।

अब अपनी बात पर आता हूँ-  जौनपुर ARTO ऑफिस में मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है। पहले का बना हुआ किताब वाला लाइसेंस जिसकी वैधता 2032 तक है, को हमने कम्प्यूटराइज़्ड स्मार्ट कार्ड में परिवर्तित करवाने के लिए पिछले साल दिनांक 01/04/2015 को ARTO दफ्तर में जाकर समस्त प्रक्रियाओं को पूर्ण किया, वहाँ पर 200 रूपये जमा करके रसीद देकर यह कहा गया जाइये आपके घर के पते पर डाक द्वारा भेज दिया जायेगा।

इसी इंतज़ार में 1 साल से ज्यादा बीत गए….लेकिन अब तक नहीं मिला….19 बार ARTO दफ्तर जाकर वहाँ के बाबू राकेश श्रीवास्तव से इस बाबत में बात भी की हमने, लेकिन दलालों से भरा दफ्तर एकदम से बेख़ौफ़ रहता है। कोई पहचानता ही नहीं। कब? कहाँ? किसके साथ आये थे ?? जवाब में ऐसी बातें करते मिलते है लोग। कोई कुछ सुनने को तैयार ही नही होता। ARTO के बाबू राकेश श्रीवास्तव को कई बार जाकर अपना रसीद नम्बर DL नम्बर कागज पर लिखकर दिया, कहते थे कि यहां दफ्तर में नहीं है घर पर रखे रहते हैं, कल ढूंढकर लायेंगे….आइयेगा ले जाइयेगा। इसी तरह 19 बार बीत गए, आजतक नहीं मिला। एक बार उन्होंने हमसे रसीद ही लेकर रख ली। कहे दीजिये इसी से ढूंढकर लेते आयेंगे कल, आकर लेते जाना।  वो तो अच्छा था कि हमने उसकी फोटोकापी करवा कर घर पर रखी थी और फोन से फ़ोटो भी खींच लिया था रसीद का। अब न तो वो रसीद मिल रही है और न ही 1 साल से ज्यादा समय पहले का ड्राइविंग लाइसेंस।

फ़िलहाल अब ARTO दफ्तर और वहाँ के हरामखोर अधिकारियों और कर्मचारियों से परेशान हो चुका हूँ। इसलिए अब नहीं जा सकता, लाइसेंस मिले या न मिले। हमारी सारी परेशानियों की वजह है कि मैं फालतू पैसा किसी को देना नहीं चाहता हूँ…और न ही दूंगा….लाइसेंस मिले या न मिले….जिसके कारण वहाँ के अधिकारी कर्मचारी हमे लाइसेंस नहीं देना चाह रहे है।

जौनपुर के डीएम और एसपी साहब… आप लोगो को भी सूचित करना चाहता हूँ कि मेरे पास मौजूदा समय में ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है। इसलिए आप अपनी जौंनपुर पुलिस/ प्रशासन को इस मामले से अवगत करा दीजिये….क्योंकि रसीद की फोटोकापी को कोई मानता नहीं है। आखिर क्या करूँ जब 1 साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी आपका ARTO विभाग हमें लाइसेंस डाक द्वारा भेज ही नहीं रहा है तो कब तक चालान भरूंगा? इसलिए अब मेरे बर्दाश्त के बाहर है।

यदि मेरे साथ जौनपुर पुलिस/प्रशाशन द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस के सन्दर्भ में उसे कही भी आईडी प्रूफ के तौर पर लगाकर प्रयोग किया गया या अन्य किसी प्रकार का अन्याय हुआ तो मैं जौनपुर जिला प्रशासन के साथ ही ARTO जौनपुर के खिलाफ न्यायालय की शरण में जाने को विवश होऊंगा। इसलिए अभी आप सब से निवेदन करते हुए यह जानकारी दे रहा हूँ  कि जौनपुर के ARTO ऑफिस के इस शर्मनाक रवैये से आप लोग वाकिफ हो जाये। और अपनी- अपनी कुम्भकर्णी निद्रा से जागें….वहाँ पर हो रही दलाली , गुंडागर्दी के खिलाफ कुछ करे, जिससे आम जनता राहत के साथ ARTO दफ्तर में जाकर अपना काम करवा सके। यदि आप लोगो से कुछ हो सके तो इस दिशा में कम से कम अब से कुछ करे। ऐसे तमाम पीड़ित लोग ARTO दफ्तर का एक वर्षो से चक्कर काट रहे है।

श्रीमान् आप लोग भली भाँती जानते हुए भी क्यों आँख पर पट्टी बांधे हुए रहते  है। आखिर क्यों? जौनपुर प्रशाशन ARTO दफ्तर के आगे क्यों घुटने टेककर लाचार हो गया है?  डीएम साहब क्या ये आपके अधिकार क्षेत्र से बाहर है क्या जो आप ARTO ऑफिस की तरफ देखना भी उचित नही समझते है? आदरणीय डीएम साहब और एसपी साहब, क्या आप लोगों को हकीकत में नहीं पता है कि आपके ऑफिस से चंद दूरी पर स्थित ARTO ऑफिस में दलाली आसमान छूती है? बिना दलाओं के कोई काम नहीं होता। ARTO ऑफिस में एक बाबू से लेकर अधिकारी तक का समस्त कार्य खुद वहाँ के बाबू राकेश श्रीवास्तव जी ही कर देते हैं।

एकदम अच्छे से पता है लेकिन क्यों चुप रहते है आप लोग? ARTO ऑफिस में दलाओं और आम जनता से आये दिन मारपीट होती है.. आप लोग कबतक सोये रहेंगे? शायद आप लोगों के शपथपत्र में यही लिखा गया था क्या? अरे साहब क्यों सब लोग एक तरफ से अंधेर नगरी चौपट राजा वाली कहावत को चरितार्थ करने पे लग गए हैं? अब तो जाग जाइये कम से कम। यदि आप लोगों को अपनी कमी छुपानी हो तो ARTO ऑफिस के कम्प्यूटर से मेरा रिकार्ड डिलीट करवा दीजिये क्योंकि यही एक तरीका आसान है आप लोगों के लिए, जिसे हम खुद बता दे रहे है आप लोगों से।

ARTO जौनपुर आपसे निवेदन है या तो आप मेरा किताब वाला जमा किया गया ड्राइविंग लाइसेंस 200 रूपये के साथ ससम्ममपूर्वक वापस कर दें। या नया स्मार्ट कार्ड वाला बना हुआ ड्राइविंग लाइसेंस हमे अतिशीघ्र डाक द्वारा भेज दें। यदि मेरे ड्राइविंग लाईसेंस का कहीं भी आईडी प्रूफ के तौर पर या किसी अन्य तरीके से गलत तरीके से प्रयोग हुआ तो मैं आपके खिलाफ न्यायलय में निवेदन करूँगा। पूर्व में आपको सूचित इसलिए कर रहा हूँ ताकि आप मेरे लाइसेंस का रिकार्ड अपने कम्प्यूटर से डिलीट करवाकर बच जाने की भूल कर लें। आप सभी लोगो को ह्रदय से कोटिशः साधुवाद। लेकिन निवेदन है अगर उचित लगे तो हमारी वजह से नहीं बाकि अन्य तमाम पीड़ितों के लिए ही सही, समय निकालकर अपने ज़िले के भ्रष्ट ARTO दफ्तर पर नजर फेरिये ।

धन्यवाद…

प्रार्थी –
अजय कुमार पाण्डेय
(स्वतंत्र पत्रकार )
शाहगंज – जौनपुर
9453-86-6464
9454-86-6464



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