
पत्रकारिता से जुड़े अधिवक्ता अरुणेश वाजपेयी की समाजसेवा की रचनात्मक एवं प्रेरक यादें शहर की फिजाओं में नमी बिखेर गयीं. जेके पब्लिक स्कूल में हुई श्रद्धांजलि सभा में शिक्षा, साहित्य सहित विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों ने स्मृतिशेष वाजपेयी के सामाजिक कार्यों को याद करते हुए उन्हें परमार्थ पथ का विराट व्यक्तित्व बताया. सभी ने कहा अरुणेश वाजपेयी से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं को उसी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाते रहेंगे.
उनकी स्मृति में पत्रिका प्रकाशित करने का निर्णय हुआ और प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव भी आया. सभी का आभार जताते हुए उनके पुत्र सुयश वाजपेयी ने हर रचनात्मक कार्य में सहयोग करने का संकल्प दोहराया. इसी के साथ सामूहिक संकल्प गूँजा-चरैवेति चरैवेति ही मंत्र है अपना. सतत चलना, सतत चलना, नहीं रुकना, नहीं रुकना.
पूर्व जिलाधिकारी ए के सिंह राठौर ने कहा कि अरुणेश वाजपेयी के विराट व्यक्तित्व को शब्दों में समेटना मुश्किल है. गम्भीर अस्वस्थता में वे समाजसेवा में लगातार सक्रिय रहे. श्री राठौर ने कहा मेरे जिलाधिकारी रहने के दौरान स्वर्गीय वाजपेयी ने अपने प्रयासों से बच्चों और आम नागरिकों के लिए जिले में साइंस एक्सप्रेस का तीन दिन तक ठहराव कराकर देश भर में हरदोई में सबसे अधिक देखने का रिकार्ड स्थापित करा दिया.
पूर्व सांसद डॉ. अशोक वाजपेयी ने कहा कि अरुणेश वाजपेयी निर्भीक, ईमानदार और निष्ठावान व्यक्तित्व थे. उन्होंने हरदोई को प्रतिबिम्ब के माध्यम से साँस्कृतिक माहौल दिया. डॉ. वाजपेयी ने कहा कि उनमें संकल्प को सिद्धि में परिवर्तित करने की क्षमता थी.उन्होंने सार्वजनिक जीवन के हर निर्णय को उनकी सलाह से ही आगे बढाया. विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह रानू ने स्वर्गीय वाजपेयी के चित्र पर पुष्पाँजलि अर्पित करते हुए उन्हें सच्चा समाजसेवी बताया.
पूर्व गृह सचिव मणिप्रसाद मिश्र ने कहा अरुणेश वाजपेयी के व्यक्तित्व का दायरा बहुत विस्तृत था. जिससे हरदोई तो लाभान्वित होता रहा. साथ ही उन्हें और बड़ा अवसर मिलता देश-दुनिया को प्रभावित कर सकते थे. विभिन्न रूपों से उनकी स्मृतियों को उजागर कर समाज को प्रेरित किया जाए. वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रबन्ध न्यासी भुवन चतुर्वेदी ने अपने पिता पूर्व जिलाधिकारी अमियकृष्ण चतुर्वेदी से अरुणेश वाजपेयी की निकटता को याद किया. कहा कि उनके मिलने से वरदान ट्रस्ट ने अब तक निर्विघ्नता से लम्बी यात्रा पूरी की. कहा स्वर्गीय वाजपेयी वरदान ट्रस्ट के एक मजबूत स्तम्भ थे.
स्मृतिशेष अरुणेश वाजपेयी के अग्रज प्रोफेसर अखिलेश वाजपेयी की स्मृतियों से शुरू हुई श्रद्धांजलि सभा में प्रतिबिम्ब के महासचिव अनिल श्रीवास्तव ने उनके सम्पूर्ण जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला. महेश मानव ने स्वर्गीय वाजपेयी की महत्वपूर्ण रचनात्मक गतिविधियों को रेखांकित किया. कोषाध्यक्ष आनन्द गुप्ता, पारूल दीक्षित, गायत्री परिवार के मृदुल कपूर, बैंक यूनियन के रमेश वाजपेयी, अभयशंकर गौड, महात्मागाँधी जनकल्याण समिति के जगिन्दर गाँधी, सीएसएन डिग्री कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. नरेशचन्द्र शुक्ल ने स्वर्गीय वाजपेयी को लोकचिन्तक, सिद्धांतवादी और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तित्व बताया. संचालन मनीष मिश्र ने किया.
कला-संगीत के श्रेयांश गुप्ता, हिमांशु मिश्र और सगुन शुक्ला के भजन की धुन से शुरू हुए कार्यक्रम में कंचन वाजपेयी, राजीवमोहन अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार, रमेश पाठक, अविनाश मिश्र, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र, राजेश अग्निहोत्री व संजय सिंह गुड्डू, स्वप्निल वाजपेयी, पूर्व प्रमुख समीर सिंह, कमलेश पाठक, डॉ. बीडी शुक्ल, डा. ईश्वरचंद्र वर्मा, डॉ. बीएस पाण्डेय, डॉ. अमित वर्मा, राजावक्श सिंह, शैलेन्द्र खन्ना, राकेश पाण्डेय, मनीष मिश्र, अदिति गौड, चित्रा वाजपेयी, स्वर्णिमा सिंह, संग्राम सिंह सहित सभी ने अरुणेश वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की.




