Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

health

बिना डॉक्टरी सलाह के दवा न खाएं वरना इस वरिष्ठ पत्रकार की तरह भुगतना पड़ सकता है!

मनीष दुबे-

स्टार न्यूज, न्यूज24, न्यूज एक्सप्रेस जैसे विभिन्न टीवी चैनलों में काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश शर्मा पिछले दस दिनों से अस्पताल में तमाम दर्द झेल रहे हैं. उनकी गलती बस इतनी है कि उन्होंने बिना डॉक्टरी परामर्श के कुछ दवाएं खा ली थीं.

हाल ही में वे एक न्यूज चैनल में नोएडा जाकर ज्वाइनिंग ले लिए थे. वहां भी कुछ शारीरिक तकलीफ होने पर दवा खाई और दीपावली में कानपुर आए थे. बीच त्योहार उन्हें भयानक किस्म का दर्द उठा तो हॉस्पिटलाइज होना पड़ा.

ब्रजेश बताते हैं कि डॉक्टर को दिखाया तो ज्वाइंडिस की शिकायत मिली. बकौल ब्रजेश, डॉक्टर ने उनसे कहा कि आपने जो दवा खाई है वह रिएक्शन कर गई है. नतीजतन लिवर से लेकर शरीर के अन्य हिस्सों में मेजर इफेक्ट हुआ है.

शरीर में कई जगहों की नसों में रक्त के थक्के बन गए हैं. पूरे पांव में पट्टी बंधी है, जिसमें रक्त के थक्कों को गलाने के लिए विशेष प्रकार की दवा लगाई जाती है. महंगे इंजेक्शन लग रहे हैं. रोज का खर्चा 30 हजार रुपये का पड़ रहा है.

इन हालातों में भी उन्होंने किसी किस्म की किसी से मदद लेने से इनकार किया है. साथ ही कहा कि जिस दवा कंपनी वाले मित्र ने उन्हें वे दवाइयां खाने को दी थीं, अब वह भी उनका फोन नहीं उठाता.

वरिष्ठ पत्रकार ने इतना जरूर कहा कि भड़ास में मेरी हालत को छाप जरूर देना कि- कभी भी बिना डॉक्टरी परामर्श के किसी भी तरह की दवा का सेवन कतई भूलकर भी न करें. अन्यथा मेरी तरह ही आपको भुगतना पड़ेगा. जागरुकता बहुत जरूरी है.

ब्रजेश से इस नंबर पर बात की जा सकती है. मदद नहीं हौंसला बढ़ाने के लिए- 86871 64643

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
2 Comments

2 Comments

  1. Brajesh

    November 12, 2024 at 8:16 am

    धन्यवाद,,, भड़ास एवम यशवंत सर,,, आपने मेरी तकलीफ को इस तरह उजागर किया है कि शायद मेरी गलती से कुछ बहुत लोग प्रभावित जरूर होंगे,,, अलग अलग बदल बदल कर दवा खाना आज मेरे लिए ही तकलीफ बना हुआ है

  2. संजय शर्मा

    November 13, 2024 at 7:52 pm

    कोरोना काल में 50 लाख लोग अस्पतालों में डॉक्टरों ने मारे थे और जो घर में रहकर ईलाज किए वो सब बच गये इसलिए ना ये बताना कि क्या दवा ली थी क्यों ली थी और ना कुछ नाम पता बताने का मतलब है कि ये केवल कहानी है जागरूकता कुछ नहीं है इसमें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन