
संजय दुबे-
एक ठो एलन मस्क है, पूर्व में ट्विटर मौजूदा एक्स के मालिक। इनकी कई ठो कम्पनी है। न जाने का – का बनाते हैं। बैटरी वाली गाड़ी से लेकर अंतरिक्ष यान तक। आजकल एक नई कम्पनी बनाये हैं। दिमाग़ में चिप लगाते है।
हाँ! तो भईया, मस्कवो ग़ज़बे मर्द आदमी है। ओकरा दिमाग़ में खाली उलटे-पुलटे चलता रहता है। एको मिनट शांत नहीं बैठता है। बताइये! इहाँ सरकार दिवाली, छठ पर जनता को ओकरे घरे नहीं भेज पाती अउर मस्क भाई है कि कहता है- “पइसा लाओ रे भयवा, मंगल घुमा दें।”
दिमाग़ में चिप लगाने के प्लान ओकरा कइसे आया ये भी एक रहस्य ही है। अहीर टोला वाले गुनिया बाबा अपना मंतर से देख कर बताये कि वो इस ग्रह का मानव नहीं है। उनके बात में दम है। काहे की पृथ्वी के अलावा दूसरे ग्रह से आये आदमी को एलियन कहते है। इनका भी नाम एलन है। वैसे ही जैसे अंटू, मंटू, हरीश, गिरीश। वैसे ही एलियन और एलन।
ऊ जइसा सोचान सोचता है नासा के वैज्ञानिको लोग नहीं सोच पाता है। खाली सोचबे नहीं करता है ओकरा धाय से लांच भी कर देता है।
एगो आदमी के लकवा मार दिया था कहा कि एकरा पे रिसर्च होगा। हम, इसको वीडियो गेम खेलाएंगे। भयवा! पट्ठा सही में खेला दिया ओकरा गेम। ऑपरेशन कर के ओकरा दिमाग़ में डाल दिया चिप। उहो जवान खाली जइसे सोचता ओइसे गेम स्क्रीन पर चलता। ई प्रयोग जबसे सफल हुआ है कई देश में हड़कंप मच गया है। ख़ासकर हिंदुस्तान, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया, अमरीका, इजराइल जइसे देश एलन के ग्राहक बनने को लाइन लगाये है।
एलन भाई को मालूम है इमरान भाई, शरीफ ब्रदर्स, भुट्टो एंड संस, आर्मी कम्पनी, मुँहमाँगा दाम देंगे। मोसाद की ख़ुफ़िया रिपोर्ट है कि इमरान भाई एलन को अपना फिफ्टी-फिफ्टी का पार्टनर बनाने का ऑफर दे चुके हैं। एलन भाई अभी ज़वाब नहीं दिया है।
हिंदुस्तान से भी कई लोग उनसे सम्पर्क में है। सबको पता है ट्रम्प और मस्क में नहीं पटती पर आजकल दोनों चाय पी रहे हैं। ये सारी ख़ुफ़िया रिपोर्ट केजीबी के पास है मुझे बेलौझा चट्टी के बसावन भाई से पता चला है। वो अभी हाले रूस से लौटे हैं। इहाँ से दलाल सब यूक्रेन में रिफाइनरी में काम दिलाने के बहाने उसको ले गया वहां, बसावन को सीधे मोर्चा पर ज्वाइन करा दिया। गांव में गुलेल से बानर भगाने में कुल कर्म हो जाता था इनका। इहाँ बड़का मशीनगन उठाने में नाड़ा उखड़ – पुखड़ गया।
कैसो जान-परान बचा के रो-गा के भाग कर आये। पूजा घर में एस. जयशंकर का फोटो लगाये हैं। पूछने पर बताये कि ई नहीं होते तो हम तो रूसे में दफ़न हो जाते। हनुमान ज़ी के बाद एस. जयशंकर ज़ी की भी जै बोलते हैं।
ई तो ओनकरा(एलन मस्क) विदेशी ग्राहकों की सूची है। देसी ग्राहकों में कई ठो नेशनल पोलिटिकल पार्टी, दर्जनों रिजनल पार्टी, जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर, चेयरमैन तक लाइन में लगे है। समझे में नहीं आ रहा है कि पार्टी तक तो ठीक है, उसके बाद के लोग काहे लाइन में लगे है? बूझ नहीं पा रहे हैं?
मुर्धनी काका देसी ठीके से लगा कर आ रहे थे। बाते – बात में बक दिए कि जिला पंचायत अध्यक्ष बदलने वाले है। हमने पूछा – आपको कइसे पता? बोले – हम एंटी पार्टी के किचेन कैबिनेट में है। इस कैबिनेट मीटिंग में क़ोई चिप के बात -चीत हुई है। जिससे अध्यक्ष की कुर्सी पलट जायेगी। क़ोई इन लोगों को राय दिया है कि मस्क ज़ी के ऊपर कहाँ से दवाब पड़ सकता है? ऊ, केकरा बात सुन सकते हैं? पता करो। ननिहाल, बुआ, मौसी, दीदी, ससुराल। उनकी रिश्तेदारी खोजी जा रही है जहाँ से उन पर दवाब बने तो वो मान जाय?
हम तो जबसे सुनें है हमरा दिमागे घूम गया है? वाह रे अपना देश! अइसे ही थोड़े हम विश्व गुरु बनेंगे। योग्यता है न! मजाल है दुनिया के कउनो और देश में आपदा में अवसर दिखा? हम ही लोग इसे पहचान पाये। जानते हैं, चिपवा जो बना है न, ओकरा थोक थाक में खरीद के सीधे विधायक ज़ी, सांसद ज़ी, बीडीसी मेंबर लोगों के दिमाग़ में लगवा देना है बस! ओकरा बाद सारी सरकार आपकी।
अब केहूँ… मंत्री रहें ओकरा रातों रात आसानी से पलटा जाई। एतने नहीं यहीं चिपवा कहीं डायरेक्ट भोटरन के दिमाग़ में फिट करवा दिए तो क्या कहना! बस! ओकरा बाद भोगिये न राज! महराज। ज़ब ले मन करें तब ले। लेकिन इहो जान लीजिये विज्ञान का नियम -सिक्का के दो पहलू है, स्वतः लागू हो जायेगा। मान लीजिये एगो पार्टी भोटर के दिमाग़ को हैक कर लेगा, एंटी पार्टी भोटिंग मशीन को हैक करेगी। इससे मस्क भयवा के कम्पनी को तो फायदा होगा ही होगा, जनता सब को भी रोजगार मिलेगा।
चिप लगाने के लिए डिश टीवी की तरह झोला, पिलास लेकर लड़का लोग दहेजू मोटर साइकिल पर इंजिनियरिंग करेगा। अब ई मत पूछियेगा कि डिश फिट करने वाले को इंजिनियर बोलेंगे कि डिश फिटर? अरे महराज दहेजू मोटर साइकिल फिटर पे नहीं इंजिनियर पर मिलता है। समझे की नहीं समझे।
छोटी नौकरी हो चाहे बड़ी ई देश में ओकरा अलग चार्म है। नौकरी नहीं कल्प वृक्ष है भले वो संविदा की हो, बस विभाग सरकारी हो। देखिये! चंडीगढ़ में संविदा पर 15 हज़ारी माहवारी नौकरी जो सफाई कर्मी की है, का जो आवेदन मिला है उसमें लगभग 50 हजार पोस्ट ग्रेजुएट फॉर्म भरें है। ज़बकि साफ़ साफ़ बताया गया है कि काम क्या है?
अहर्ता वाले लाखों में है। एतने से बूझ जाइये कि नौकरी काहे स्टार्ट अप से ज्यादा सफल है? चिप भले मस्क भयवा खोजें ओकरा सही उपयोग हमनी के सब करी.
मऊ निवासी संजय दुबे कई समाचार पत्र-पत्रिकाओं में पिछले 20 वर्षों से स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं. उनके कॉलम हिंदुस्तान, जनसत्ता, दैनिक जागरण, देशबंधु इत्यादि अखबारों में लगातार छपते हैं. उनसे संपर्क- 98898 34756 पर कर सकते हैं.



