आशीष सागर दीक्षित-
यूपी की पूर्व समाजवादी सरकार में हुए मौरम घोटाले की 8 साल से सीबीआई जांच कर रही है। इसमें बुंदेलखंड के हमीरपुर से फतेहपुर और सोनभद्र तक लाल मौरम खनन घोटालों व अनियमिता बरतकर खनन पट्टे की जांच शामिल है।
गौरतलब है कि तत्कालीन हमीरपुर डीएम से तत्कालीन देवरिया डीएम-फतेहपुर-सोनभद्र तक की ब्यूरोक्रेसी इस जांच में शामिल थी। सीबीआई ने तत्कालीन देवरिया डीएम को जांच में शामिल किया था।
सीबीआई ने अफसर पर यूपी सरकार से अभियोजन चलाने की मंजूरी मांगी थी। लेकिन राज्य सरकार ने आईएएस विवेक पर अभियोजन स्वीकृति देने से इनकार किया है। इस व्यापक मौरम घोटाले में तत्कालीन खनिज मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति का नाम सुर्खियों में था।

वहीं, तत्कालीन सपा एमएलसी हमीरपुर भी चर्चा में थे। सीबीआई के आठ साल गुजरे लेकिन जांच चल रही है। उधर बीते सात साल में बुंदेलखंड क्षेत्र में अवैध मौरम खनन यथावत चलता है। लोकल मीडिया लिखती है, खबरें रद्दी बन जाती है।
स्थानीय पत्रकार व्यवस्था का कोप झेलते है और बाहरी मीडिया मौन रखकर इन अफसरों पर रामराज्य के आशीर्वाद की खुशहाली मनाती है। अपवाद में कभी ब्यूरोक्रेट्स फंस जाएं वो अलग बात है। कार्यवाही तो निचले कार्मिक की किस्मत है।
ममता त्रिपाठी-
IAS मतलब I Am Safe ….. इस परिभाषा को उत्तर प्रदेश के अफ़सरों ने पूरी तरह से सच साबित करके दिखा दिया।
कभी बुलडोज़र से पूरी बस्तियों को उजाड़ देने का फ़रमान जारी करते हैं तो कभी परिक्षाओं में मनमाने बदलाव करने वाले ये अफ़सर मौजूदा वक्त के राजा हैं इनका बाल भी बाँका नहीं कर सकता कोई…
संविधान की क़सम खाने वाले ही संविधान की धज्जियाँ उड़ाते हैं…
CBI ने चार IAS अफ़सरों का ख़िलाफ़ जाँच की परमिशन माँगी लेकिन साथी IAS अफ़सरों ने जाँच की माँग ठुकरा दी। है ना मज़ेदार…घोटाला भी करें, जाँच भी ना होने दें…
जनता बेचारी मौजूदा राजाओं की बेलगाम हसरतों की तमाशबीन बन कर सारी क्रूरता बर्दाश्त कर रही है, आईएएस एसोसिएशन.



Shahzad Akhtar
November 7, 2024 at 9:24 pm
Bhai aapne ias ka naam nahee likha, Agar likne me dar lagta ho to aadha adhura nahee likhna chahiye.