नई दिल्ली। मीडिया संस्थान इंडिया अहेड ने अपने चैनल से जुड़ी कथित भ्रामक खबरों, फर्जी नियुक्ति और अवैध वसूली के आरोपों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। यह स्पष्टीकरण उस खबर के बाद सामने आया है, जिसे भड़ास 4 मीडिया ने प्रकाशित किया था।
जारी बयान में इंडिया अहेड ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश ब्यूरो से जुड़े बताए जा रहे नागेंद्र प्रताप सिंह और दानिश वारसी को लगभग दो महीने पहले ही चैनल प्रबंधन द्वारा हटा दिया गया था। वर्तमान में इन दोनों का इंडिया अहेड या उसके उत्तर प्रदेश ब्यूरो से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है।

चैनल ने यह भी कहा है कि उसकी छवि धूमिल करने और चैनल के नाम के कथित दुरुपयोग के मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्पष्टीकरण में यह भी दोहराया गया है कि इंडिया अहेड संवाददाता, रिपोर्टर, स्ट्रिंगर या किसी अन्य पद पर नियुक्ति के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लेता और न ही संबद्धता या अन्य किसी उद्देश्य से धनराशि की मांग करता है।
इसके अलावा चैनल ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इंडिया अहेड के नाम पर फर्जी वसूली या नियुक्ति के नाम पर पैसे मांगता है, तो उसकी जानकारी [email protected] पर ईमेल के माध्यम से दें। बयान में कहा गया है कि चैनल निष्पक्ष, तथ्यपरक और विश्वसनीय पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध है तथा तथ्यों से किसी प्रकार का समझौता नहीं करता।
साथ ही बताया जा रहा है कि नागेंद्र और दानिश ने जिन रिपोर्टरों से विज्ञापन के नाम पर वसूली की है उन्हें जल्द ही नागेंद्र द्वारा रुपये वापस लौटाए जाने का आश्वासन भी दिया गया है।


इंडिया अहेड की तरफ से भड़ास को भेजा गया स्पष्टीकरण…
उगाही के आरोपों को लेकर “इंडिया अहेड” प्रबंधन का आया बयान- नागेंद्र और दानिश हटाए जा चुके हैं!
मूल खबर…


