वैभव कृष्ण के जाने के बाद अखबारों को भी उनकी ‘बुराई’ याद आने लगी!

जब तक नोएडा में एसएसपी के रूप में वैभव कृष्ण पदस्थ रहे, सारे अखबार उनके माउथपीस बन गए थे. वे जो कहते, जो प्रेस रिलीज जारी कराते, बस वही अखबारों में छपता.

अखबारों और उसके क्राइम रिपोर्टरों ने अपने आंख कान नाक बंद कर लिए थे. न तो दूसरे पक्ष का वर्जन, न पुलिस द्वारा प्लांट की गई स्टोरी की सच्चाई समझने की न्यूनतम कोशिश. जुबां पर तल. कलम पर लगाम.

प्रेस रिलीज छापते रहो. हो गई पत्रकारिता.

चाहे पांच पत्रकारों पर गैंगस्टर लगाने का मामला हो या अन्य कई मामले, नोएडा के अखबारों ने पुलिस विभाग की तेलहाई की हद कर दी थी.

अब जब वैभव कृष्ण सस्पेंड होकर नोएडा से चले गए तो धीरे धीरे अखबारों के मुंह भी खुलने लगे, रिपोर्टरों के कलम भी चलने लगे.

नीचे दो अखबारों की कटिंग है. एक है दैनिक जागरण. दूसरा है नवोदय टाइम्स. दोनों में देखिए क्या छपा है-

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बहुत बेआबरू हो कर नोएडा से वैभव कृष्ण निकले!

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Comments on “वैभव कृष्ण के जाने के बाद अखबारों को भी उनकी ‘बुराई’ याद आने लगी!

  • Vikash singh says:

    यशवंत सर शायद आप अवगत नहीं हैं।।।
    नवोदय टाइम्स नोएडा ब्यूरो ने शुरू से ही एसएसपी वैभव कृष्ण को लेकर जो भी खबरें प्रकाशित की हैं वह उनके कारनामों को बयां करते हैं। उनके कार्यकाल के दौरान सबसे अधिक उनके विरोध की खबरें छापी गयी हैं।।।

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