एक देश एक चुनाव की कोशिश और अलग-अलग मतदान का लाभ उठाने की संभावनाओं के बीच दिल्ली में अपराध की खबरें और दिल्ली सरकार के मंत्री, सौरभ भारद्वाज का कहना कि उपराज्यपाल सरकार के काम-काज में टांग अड़ाने की बजाय अपराध नियंत्रित करने पर ध्यान दें (द हिन्दू, पेज 2) – पहले पन्ने पर नहीं है। सादे कपड़ों वाले कांस्टेबल को गाड़ी से घसीट का मार देने की खबर टाइम्स ऑफ इंडिया में लीड और हिन्दुस्तान टाइम्स में अधपन्ने पर लीड है।

आज की तमाम खबरों में एक खबर है, “कठुआ की रैली में भाषण देते हुए कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे की तबियत बिगड़ी”। थोड़ी देर बाद ठीक होने पर उन्होंने कहा, “पीएम नरेन्द्र मोदी को सत्ता से हटाये बिना मरने वाला नहीं हूं”। वैसे तो, मरना-जीना व्यक्ति के हाथ में नहीं है पर 83 साल का कोई व्यक्ति, बीमार होने के बाद कहे कि लक्ष्य हासिल किये बिना मरने वाला नहीं हूं तो निश्चित रूप से यह खबर है। खासकर तब जब कई डॉक्टर असमय काल के गाल में जा चुके हैं और कोविड के बाद किसी डॉक्टर ने भी अपने या दूसरे के लिए ऐसा नहीं कहा है। अमर उजाला ने दो लाइन के शीर्षक और 13 लाइन में यह खबर सिंगल कॉलम में छापी है। शीर्षक है, “रैली में खरगे की तबीयत बिगड़ी, पीएम ने की बात”। कहने की जरूरत नहीं है कि अमर उजाला के अनुसार पीएम ने खरगे से बात की, भी ‘खबर’ है या यही खबर है। बेशक, हो सकती है पर खरगे ने जो कहा वह निश्चित रूप से अनूठा है और महत्वपूर्ण है। मेरे सात अखबारों में अकेले नवोदय टाइम्स ने पहले पन्ने की खबर (दो कॉलम) के शीर्षक में लिखा है, “…. बोले मोदी को हटाने तक मरूंगा नहीं”। सिंगल कॉलम की अलग खबर है, “प्रधानमंत्री ने खरगे से फोन कर उनका हाल पूछा यह जो मूल खबर के साथ और प्रधानमंत्री की फोटो के साथ छपी है”। मेरे पांच में से चार अंग्रेजी अखबारों में यह खबर पहले पन्ने पर नहीं है। सिर्फ द हिन्दू में सिंगल कॉलम की खबर से बताया गया है कि अंदर खबर है। इसका शीर्षक है, “प्रधानमंत्री को पद से हटाने तक राजनीति में रहूंगा : खरगे”।
दि एशियन एज में आज मन की बात चार कॉलम में लीड है। इसके साथ तीन कॉलम में खरगे की खबर है और इसका शीर्षक है, मोदी को पद से हटाने तक नहीं मरूंगा। उपशीर्षक है, कांग्रेस जम्मू और कश्मीर को राज्य का दर्जा देने के लिए लड़ेगी। मन की बात की खबर टाइम्स ऑफ इंडिया में पहले पन्ने पर एक फोटो के साथ है। इसके शीर्षक से पता चलता कि एमकेबी की 10वीं सालगिरह पर मोदी ने स्वच्छ भारत की सफलता की प्रशंसा की। इसके साथ एक साफ सड़क पर कूड़ा बीनते, मास्क लगाये लोगों की तस्वीर है जो आम नहीं है और मुझे एक पांच सितारा होटल के समुद्र तट पर कूड़ा बीनते प्रधानमंत्री के वीडियो की याद आई। यहां यह बताना उपयुक्त होगा कि आज सुबह मैं सड़क पार करने के लिए बीच सड़क पर खड़ा था तो तेज बदबू आई जबकि आस-पास कोई खुला नाला नहीं था और बीच सड़क पर कुछ बदबूदार नहीं होना चाहिये। मैं आवासीय मोहल्ले में था तो देखा कि खाने की चीजें (सड़े हुए केले समेत) डिवाइडर तथा कथित सेंट्रल वर्ज पर रखे हुए थे और उसी से बदबू आ रही थी। गाजियाबाद में सुबह टहलते हुए गाजियाबाद नगर निगम की गाड़ियां अक्सर कई जगह खड़ी मिलती हैं और कहा जा सकता है कि स्वच्छ भारत से रेल पटरियां साफ हुई हों पर अब आवासीय मोहल्ले बदबूदार हैं। जो नालियां खुली हैं, सफाई नहीं होती वह सब तो है ही गौमाता की सेवा में खाने की जो सड़ी हुई चीजें रखी जाती हैं वह तो राजनीति का ही कमाल है। हालांकि, मैं विषयांतर हो गया था। प्रेस कांफ्रेंस किये बगैर 10 साल प्रधानमंत्री रहते हुए मन की बात के 10 साल पूरे होने की खबर आज हिन्दुस्तान टाइम्स में तीन कॉलम में है और यह लीड के साथ है जो बताता है कि चुनाव वाले महाराष्ट्र के लिए प्रधानमंत्री ने 11.2 हजार करोड़ की योजनाएं घोषित की हैं।
जब झूठे दावे और उसके प्रचार की बात चली है तो आज के लीड की बात करना दिलचस्प होगा। आप जानते हैं कि कि कल कश्मीर में चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण का मतदान है और चुनाव आयोग ने भाजपा की मांग पर हरियाणा के चुनाव की तारीख बढ़ा दी है और कश्मीर में कल चुनाव प्रचार का अंतिम दिन था। आतंकवाद और पत्थरबाजी खत्म करने के दावों के बावजूद आज कठुआ में एक आतंकवादी ढेर, राजौरी में भी मुठभेड़ शीर्षक खबर नवोदय टाइम्स में चार कॉलम में टॉप पर है। और लीड, एक देश एक चुनाव के लिये तीन बिलों पर विचार है। इस बीच खबर है कि हरियाणा में पांच अक्तूबर को मतदान से पहले किसान सम्मान निधि की राशि स्थानांतरित की जा सकती है और चुनाव प्रचार के दौरान मांस, मछली और मुसलमान के साथ तुष्टिकरण की बात की जा सकती है जो कश्मीर चुनाव के कारण करनी पड़ रही थी और मुफ्त सिलेंडर देने की घोषणा करके की ही गई है। कहने की जरूरत नहीं है कि एक देश एक चुनाव अगर लागू हो जाये तो सरकार मतदाताओं से इस तरह के खेल नहीं कर पायेगी और इलाके विशेष चुनाव प्रचार तथा सम्मान राशि के रूप में मतदान से पहले आधिकारिक तौर पर रिश्वत देना संभव नहीं होगा। आप जानते हैं कि नरेन्द्र मोदी मुफ्त बिजली, शिक्षा चिकित्सा आदि की सुविधा को ‘रेवड़ी’ कहते रहे हैं और खुद सरकारी पैसे से नमक समेत राशन बांट कर नमक की कीमत वसूलने के उपाय किये गये हैं।
मणिपुर में अपहृत युवकों का मामला
द हिन्दू में आज दो कॉलम की एक खबर का शीर्षक है, मणिपुर में अपहृत दो युवकों ने मुख्यमंत्री से मदद मांगी। खबर के अनुसार 27 सितंबर को कुकी आतंकियों द्वारा अपहृत तीन मैतेई युवकों में से दो ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह से जान बचाने की अपील की है। यह अपील सोशल मीडिया पर आये एक वीडियो के जरिये की गई है। खबर के अनुसार, इसके बाद मुख्यमंत्री ने भिन्न दलों के विधायकों के साथ बैठक की। टाइम्स ऑफ इंडिया में यह टॉप पर सिंगल कॉलम की खबर है। यहां शीर्षक है, बिरेन ने कुकी उग्रवादियों पर दो मणिपुरी युवकों के अपहरण का आरोप लगाया। आज ज्यादातर अखबारों में इस्राइल की खबर ही लीड है।
घूमने गये भारतीय वापस नहीं आये
पैसे वाले लोग स्वेच्छा से बाकायदा भारत छोड़ रहे हैं, नौकरी की तलाश में लोग अवैध रूप से विदेश जा रहे हैं, दलालों पर कोई रोक नहीं है और ऐसे लोगों के एक पूरे विमान को वापस किये जाने के बावजूद पलायन जारी है और तरीके अलग-अलग है। इंडियन एक्सप्रेस की आज की लीड के अनुसार आप्रवासन ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार विजिटर वीजा पर विदेश गये करीब 30,000 भारतीय वापस नहीं आये हैं। साइबर स्लेवरी (गुलामी, दासता) की रपटों के बीच पैनल ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश से कहा है कि जमीन पर आंकड़ों की पुष्टि करें। वापस नहीं आने वालों में पंजाब के लोग सबसे ज्यादा हैं। खबर के अनुसार जनवरी 2022 से मई 2024 के बीच 73,138 भारतीय कंबोडिया, थाईलैंड, म्यामार और वियतनाम गये थे। इनमें से 29,466 वापस नहीं आये हैं। इनमें से आधे से ज्यादा 20-39 साल के है, 21,182 पुरुष या लड़के हैं।
सीबीआई अधिकारी बनकर सात करोड़ ठगे
इंडियन एक्सप्रेस की खबरों के अनुसार वर्धमान समूह के सीएमडी से सात करोड़ रुपये ठगे जाने के मामले में दो लोग गिरफ्तार किये गये हैं जबकि पूर्व स्टॉक ब्रोकर केतन पारेख के खिलाफ दो करोड़ रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया गया है। वर्धमान समूह के सीएमडी से धन लूटने के लिए सुप्रीम कोर्ट की फर्जी ऑनलाइन सुनवाई का नाटक भी किया गया। इससे आप समझ सकते हैं कि अपराधियों के हौसले कितने बढ़े हुए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया में तीन दिन से लगातार अपराध की खबरें पहले पन्ने पर छप रही हैं। शनिवार को एक कार शोरूम पर अंधाधुंध गोलियां दागने की खबर छपी। शुरुआती जांच में इसे वसूली से जुड़ा बताया गया था। अगले दिन यानी इतवार को दो कॉलम की खबर छपी होटल, मिठाई की दुकान पर गोलियां। उधर तमिलनाडु में एटीएम चुराने वाले हरियाणा के 70 लोगों के एक गैंग का पता चला है। इससे पहले जेल में बंद रैनबैक्सी के सिंह भाइयों को जमानत दिलाने के नाम पर उनकी पत्नियों से 200 करोड़ रुपये से ज्यादा ठगे जा चुके हैं। आरोपी सुकेश चंद्रशेखर रोहिणी जेल में बंद था उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
अगर आपको लगता है कि यह सब बड़े लोगों का मामला है और आम आदमी के रूप में आप सुरक्षित हैं तो मुझे सोशल मीडिया पर एक वीडियो याद आता है। गूगल करने पर ऐसी एक खबर जागरण डॉट कॉम पर मिली। खबर के अनुसार, 21 अगस्त को तान्या पंत एक ऑटो में प्रीत विहार से आईटीओ की तरफ जा रही थी। विकास मार्ग पर लक्ष्मीनगर मेट्रो स्टेशन से आगे बिना नंबर की एक बाइक पर सवार दो युवकों ने उसका बैग छीन लिया और फरार हो गए। पीड़िता ने बताया कि उसने तुरंत 112 पर कॉल किया था और छतरपुर थाने पहुंच कर पूरे मामले की जानकारी दी। छीने गये बैग में उसके मोबाइल से पेयर किया हुआ उसका हेडफोन था इसलिए उसे अपने हेडफोन से बदमाशों का लोकेशन मिल गया जो उसने पुलिस को बताया। इसके बाद कुछ पुलिस वालों के साथ पीड़िता लोकेशन पर गई लेकिन वहां पहुंचने पर कई लोगों ने उसे घेर लिया। पुलिसवाले सिविल ड्रेस में थे। खबर के अनुसार किसी तरह पुलिस कर्मियों ने पीड़िता को वहां से बचाकर निकाला। सामान तो नहीं ही मिला, अभी तक मिला या नहीं, यह मैं पता नहीं कर पाया लेकिन पूरे मामले से साफ है कि पीड़िता कितना डर गई होगी और पुलिस ने सहायता के नाम पर उसे किस खतरे में डाल दिया था। यह देश की राजधानी में ‘सुरक्षित हिन्दू’ की हालत है।


