नोयडा : राष्ट्रीय सहारा प्रबंधन ने अपने लखनऊ एडीशन के स्थानीय संपादक मनोज तोमर को डिमोट कर दिया है. सहारा मीडिया के पूर्व सीईओ उपेन्द्र राय ने पांच माह पूर्व लखनऊ एडीशन के स्थानीय संपादक मनोज तोमर को दो रैंक पदोन्नति देकर सीनियर एक्जक्यूटिव से मैनेजर रैंक प्रदान करते हुए नोयडा स्थानांतरित कर दिया था. इस स्थानांतरण से दुखी श्री तोमर ने सहारा नोयडा में ज्वाइन तो किया, लेकिन कुछ ही दिन बाद सहारा से त्यागपत्र देकर वापस लखनऊ लौट आये. बाद में उन्होंनेललखनऊ में दूसरा मीडिया ग्रुप ज्वाइन कर लिया.
इस बीच श्री तोमर ने सहारा पर तरह-तरह से दबाव बनाकर अपना सारा बकाया और पीएफ आदि का भुगतान ले लिया, जबकि दूसरे सहारा छोड़ने वाले कर्मचारियों का अभी तक भुगतान लम्बित पड़ा है. इस बीच सुब्रत राय के जेल से छूटने के बाद श्री तोमर ने उनसे मिलकर सहारा छोड़ने के लिये माफी मांगी और दोबारा सहारा ज्वाइन करने का अनुरोध किया. इस पर श्री राय ने अनुमति दे दी. इस पर श्री तोमर ने आनन-फानन में सहारा नोयडा में ज्वाइन कर लिया और फिर लखनऊ के स्थानीय संपादक पद पर अपना स्थानान्तरण करा लिया.
इस बीच लखनऊ में तैनात स्थानीय संपादक दयाशंकर राय ने इसका जबरदस्त विरोध किया, लेकिन उनकी किसी ने एक न सुनी. इधर जब सहारा प्रबंधन ने पूर्व सीईओ उपेन्द्र राय के तमाम कामों पर दोबारा विचार किया और उनके कई निर्णयों पर रोक लगा दी. इसी बीच श्री तोमर के खिलाफ किसी सहारा मीडिया के कर्मचारी ने उच्च प्रबंधन ने शिकायत कर दी. जिस पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए सहार प्रबंधन ने उपेन्द्र राय द्वारा पूर्व में दिये गये दो रैंक पदोन्नति को निरस्त कर दिया. प्रबंधन के इस निर्णय के बाद श्री तोमर अब फिर से सीनियर एक्जक्यूटिव हो गये है.
2 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- MIB की सख्ती; मंत्रालय से अगली अनुमति मिलने तक किसी भी चैनल की रेटिंग जारी न करे BARC
- हिन्दुस्तान टाइम्स में राधिका भिरानी बनी संपादक (लाइफस्टाइल)
- एबीपी न्यूज़ की कवरेज से बिलबिला गए विहिप वाले!
- विस्तार न्यूज़ को बड़ा झटका, सीनियर एंकर विवेक शुक्ला ने दिया इस्तीफ़ा!
- ‘द सूत्र’ के 5 वर्ष : बड़े मीडिया संस्थानों की नौकरी छोड़कर दो भाइयों की मेहनत और संघर्ष की दास्तान!
- दैनिक भास्कर में अनमोल शर्मा का प्रमोशन, अमर उजाला से कार्तिकेय दिवाकर की नई पारी
- अमृतलाल एंड गन्नाकरी कंपनी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि जनता इथेनॉल वाले तेल से बहुत गुस्से में है!
- दैनिक जागरण की संपादकीय बैठक में नरेंद्र मोहन की एक टिप्पणी पर मेरा फौरी जवाब उन्हें नागवार गुजरा, उन्होंने माफी मांगने का संदेश भेजा तो मैंने डाक से इस्तीफे की सूचना भेज दी!
- आज के अखबार : सरकार के खुलते कारनामे, ढंकने की कोशिशों के बीच ‘चौकीदार चोर है’ जैसा सच भी है!
- राघव चड्ढा को दिल्ली हाई कोर्ट से पाँच सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का आदेश!
- लंबी चुप्पी के बाद फिर शुरू हो गए अमिताभ ठाकुर!
- दैनिक भास्कर छोड़ तहलका मैगजीन से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार सुजीत ठाकुर!
- राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एनडीटीवी और आजतक की कवरेज में इतना फर्क क्यों?
- हरदोई में 21 विभूतियों को मिला अरुणेश बाजपेयी स्मृति सम्मान
- जी मीडिया से पंकज श्रीवास्तव और टाइम्स नेटवर्क से अफजल खान के बारे में सूचनाएं!
- भाजपा अपनी छवि के मामले में पिछले 14 साल के न्यूनतम पर है!
- नायरा ने पेट्रोल-डीजल का दाम जितना बढ़ाया उतना ही कम किया, सरकारी कंपनियों से उम्मीद न रखें!
- सांध्य दैनिक ‘गांडीव’ की मालकिन ने रक्षा मंत्रालय की संपत्ति को अपना बताकर किया था 3 करोड़ का फ्रॉड!
- राम मंदिर लूट कांड: सवालों में दिल्ली की खामोशी, टीवी-अखबार चिल्ला रहे हैं!
- प्राइम न्यूज़ से एंकर श्रुति अंगद ने ली विदाई, अब इस चैनल से करेंगी नई शुरुआत
- शब्दचर्चा 93 : स्मृति मलहोत्रा शादी के बाद क्या हुईं – ईरानी या इरानी?
- मिशन शक्ति: DIG वैभव कृष्ण की पहल पर 40 आदिवासी महिलाओं ने पहली बार देखी काशी!
- चेहरे पर नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर हो रही चोरी, देखें वीडियो
- चित्रा जी, पत्रकार का काम सत्ता से सवाल करना है न कि सत्ता के लिए सवालों को ब्लॉक करना!
- इंडिया टीवी और टाइम्स इंटरनेट से दो युवा महिला पत्रकारों की नई पारी
- पीटीआई में अकांक्षा शर्मा की तरक्की, जागरण समूह से जुड़े साहिल बहल
- कोकिलाबेन अस्पताल में शिफ्ट किए गये वरिष्ठ फिल्म पत्रकार सुमंत मिश्र
- आज के अखबार : ऑपरेशन सिन्दूर के शहीदों पर घिरी सरकार, राजनाथ सिंह के इस्तीफे की मांग पर कुछ नहीं
- पूर्व चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को मोदी भक्ति का मिला बड़ा इनाम!
- ठगी प्रकरण में सांध्य दैनिक ‘गाण्डीव’ की मालकिन रचना अरोड़ा, मीरा अरोड़ा और राजकुमार बाजपेयी जेल भेजे गए!
- AAP सांसद संजय सिंह ने अंधभक्तों के लिए जारी किए एक दर्जन से ज्यादा पत्र; कहा- 2021 में की थी शिकायत, नहीं हुई सुनवाई!
- सूचना प्रसारण मंत्रालय ने रोका था, फिर BARC ने इस न्यूज़ चैनल की TRP कैसे जारी कर दी?
- घोटाले का दिल्ली मॉडल : ORS से एक्स-रे मशीन तक पूरे 650 करोड़ रुपये का स्कैम, एंटी करप्शन ब्रांच की एफआईआर में कई चौंकाने वाले खुलासे!
- स्वतंत्र पत्रकार सार्थक गोस्वामी ने नितिन गडकरी के इथेनॉल ब्लेंडिंग की पूरी कलई खोलकर रख दी!
- करप्शन का गुजरात मॉडल : राजकोट में बुलडोजर अभियान पर तीन करोड़ रुपये खर्च हुए!
- ठगी में बनारस के गांडीव अखबार का पूरा प्रबंधन गिरफ्तार
- 4PM मीडिया हाउस को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में चाहिए तेजतर्रार मीडियाकर्मी
- 1 जुलाई से पेट्रोल-डीजल पर 200 लीटर की सीमा खत्म
- आज के अखबार (दो) : चढ़ावा घोटाले पर योगी के सख्त रुख और चोरी के खिलाफ मुहिम से संघ में बेचैनी
- धीरेंद्र शास्त्री से बृजभूषण सिंह तक; चोर शिरोमणि का नाम लेने में डर क्यों लग रहा?
- आज के अखबार : चढ़ावा चोरी का मामला ‘चौकीदार चोर है’ वाला ही लेकिन मीडिया बहला रहा है
- दिल्ली का तापमान लगातार दूसरे दिन 50°C रहा, हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ा!
- अयोध्या कांड : मिश्राजी की खबर का इंतजार कीजिए, एक बड़ी गिरफ्तारी होने वाली है!
- मेरठ में हादसे का शिकार होने पर पत्रकारों को मिलेगा एक लाख रुपये का सहयोग!
- ऋचा अनिरुद्ध ने डिजिटल प्लेटफार्म ‘कड़क’ से किया किनारा
- सेशेल्स को एम्बुलेंस देंगे मोदी; भारत में खाट पर अस्पताल जा रही प्रसूता! देखें वीडियो
- राम मंदिर की मीडिया कवरेज पर पाबंदी; दिल्ली दरबार से था मामला रफा-दफा करने का निर्देश!
- लल्लूराम में सतीश सिंह की नई पारी, ITV नेटवर्क से वंशिका आहुजा अलग हुईं!
- फाइनेंशियल एक्सप्रेस से जुड़े विपुल दास, सुहैब चौधरी ने इंडिया न्यूज छोड़ा
- अमरनाथ झा : पत्रकारिता से नदी-पानी के जनसरोकार तक की अविस्मरणीय यात्रा
- अमर उजाला के पूर्व पत्रकार समेत चार पर FIR, पिस्टल सटाकर धमकाने का आरोप!
- पेट के कीड़े मारने की एल्बेंडाजोल-400 नामक दवा आपको ही निपटा सकती है!
- 137 करोड़ का मौसम मशीन स्कैम : क्या तत्कालीन OSD डॉ. मनोज कुमार थे पूरी ‘डील’ के सूत्रधार? दस्तावेज़ों से उठे कई सवाल!
- ‘सूचना विभाग’ का पावरफुल बाबू ‘आपदा प्रबंधन’ में मचाये है आतंक, किसी की हिम्मत नहीं उसे हिला सके!
- आज के अखबार : महाराष्ट्र में पेपर लीक की खबर जैसे तैसे निपटा दी, ‘खुशी’ चढ़ावा चोरों के ‘इस्तीफे’ की!
- प्रसार भारती में संवाददाताओं की भर्ती, 1.25 लाख रुपये तक वेतन; आवेदन करें
- स्कूलों में पत्रकारों की एंट्री को लेकर सिंगरौली DEO कविता त्रिपाठी के आदेश पर विवाद!
- पीटीआई के पूर्व ब्यूरो चीफ (ओडिशा) शरत चंद्र दास का निधन!
- भारत को हसीन झटका; बांग्लादेश ने चीन को सौंपा मोंगला पोर्ट, मीडिया में सन्नाटा!
- कभी मैं एडिटर था, आज मैं वोट विहीन, पासपोर्ट विहीन हूँ -आर. राजगोपाल
- ऑफ एयर हुआ कोलकाता का ये दो दशक पुराना रीजनल न्यूज़ चैनल!
- मध्य प्रदेश की पत्रकारिता और साँप-साधु संवाद!
- राम मंदिर डकैती कांड : कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि का क्या होगा?
- DD News उत्तर प्रदेश से प्रशांत तिवारी का इस्तीफा!
- प्रभात ख़बर से बतौर विशेष संवाददाता जुड़े वरिष्ठ पत्रकार पंकज त्रिपाठी!
- आज के अखबार : हिन्दी में सूत्रों का ‘इस्तीफा’ और अंग्रेजी में गिरफ्तारी व न्यायिक हिरासत महत्वपूर्ण है
- खनन कारोबारी ने बच्चे की मौत की खबर चलाए जाने से नाराज होकर जी न्यूज चित्रकूट के रिपोर्टर ओंकार सिंह चंदेल पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज करा दिया!
- मीडिया संस्थानों को जिलों में तैनात अपने प्रतिनिधियों की शिक्षा चेक करनी चाहिए!
- दैनिक जागरण में तबादलों की नई पारी: रविरंजन आसनसोल, रामजी यादव मुख्यालय तलब
- वरिष्ठ पत्रकार देवकी नंदन मिश्रा बने ‘Nation 27’ के मैनेजिंग एडिटर और सीओओ
- चंपत राय और अनिल मिश्रा को लेकर “आज की ख़बर” न्यूज़ चैनल के दावे पर लगी मुहर!
- दिग्विजय ने यशवंत से पूछा- “आगे क्या करेंगे?”, सुनिए जवाब
- एक नया फेंकू : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को एक साल पहले भरी संसद में झूठ बोलते देखिए!
- टीवी9 भारतवर्ष के इस पत्रकार ने चंदा चोरों के अड्डे में घुसकर पूरी बहादुरी के साथ पूछा सवाल, देखें वीडियो
- NDTV बोर्ड में सेंथिल चेंगलवरायण की दोबारा नियुक्ति, एजीएम में राहुल कंवल ने क्या कहा, पढ़िये-सुनिए!
- मोदी जी के नगीने : अपने ही मंत्रालय से खुद को 99 लाख की सब्सिडी देने वाले केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी को “खीरा रत्न अवार्ड” मिलना चाहिए!
- वरिष्ठ पत्रकार आदर्श प्रकाश सिंह ने ‘पत्रकारिता के टेढ़े मेढ़े रास्ते’ से निकलकर किताब लिख दी!
- यूपी बीजेपी के मीडिया संयोजक मनीष दीक्षित पर पत्रकारों से दुर्व्यवहार का आरोप!
- पत्रकार यतेंद्र शर्मा को भाजपा के पक्ष में बैटिंग करने का इनाम मिला है क्या?
- इस बार SGPGI लखनऊ इलाज के लिए गईं मेरी माँ वापस नहीं लौटीं; माँ के साथ अंतिम क्षणों में हुआ क्या था, अस्पताल ने पोर्टल से मरीज की डिटेल गायब क्यों कर दी?
- आज के अखबार (दो) : डिजिटल अरेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का स्वतः संज्ञान लेना और अब सीबीआई की जांच, छापे
- आज के अखबार : चढ़ावा चोरी मामले में FIR की खबर छापनी ही पड़ी, TOI में सिंगल कॉलम हिन्दू में अंदर
- दैनिक भास्कर और जागरण न्यू मीडिया में विभिन्न पदों पर वैकेंसी!
- द इंडियन एक्सप्रेस (हिंदी) से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार निखिल दुबे!
- दीपेश जी ने टी-20 मैच देखने की योजना बनाई थी, लेकिन उससे पहले नियति ने अंतिम पटकथा लिख दी!
- न्यूज़18 के पॉलिटिकल एडिटर यतेंद्र शर्मा को भाजपा ने यूपी का प्रदेश मंत्री बनाया!
- यूपी में राम मंदिर दान चोरी, एमपी में मोहन यादव जमीन कांड के बाद हरियाणा में शिक्षा घोटाले का बड़ा खुलासा!
- पत्रकारों ने किया बहिष्कार तो बैकफुट पर आए गालीबाज सांसद संजय दीना पाटिल, माफी मांगने का वीडियो देखें
- देश में बढ़े निजी FM रेडियो स्टेशन, पर विज्ञापनों की कमाई घटी, कई स्टेशन धड़ाधड़ बंद भी हो रहे!
- रेडियो मिर्ची दूसरी कंपनी को सौंपेगी कानपुर, लखनऊ और नागपुर के FM स्टेशनों का संचालन
- न्यूज़ एंकर पद्मजा जोशी की किताब और ZEE मुखिया डॉ सुभाष चंद्रा का शो : कुछ सूचनाएँ
- दु:ख किसी को नहीं छोड़ता, सलमान ख़ान को भी नहीं, अलका याज्ञनिक को भी नहीं!
- एसोसिएटेड प्रेस से जुड़ीं अंजलि कृष्णन, जागरण डिजिटल से साक्षी शुक्ला की निकासी!
- मुंबई टीवी जर्नलिस्ट संघटन TVJA चुनाव विवाद: चैरिटी कमिश्नर का नोटिस पढ़ें!
- NDTV से कार्यमुक्त हुए वरिष्ठ पत्रकार प्रियदर्शन को मिला नया ठिकाना!
- शिवसेना के गालीबाज सांसद संजय पाटील का मुंबई के पत्रकारों ने किया बहिष्कार
- ‘आज की खबर’ न्यूज़ चैनल एक्सक्लूसिव : राम मंदिर ट्रस्ट में मचा भूचाल, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा
- व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र की तस्वीर भेजना प्राइवेसी उल्लंघन का केस नहीं बनता: गुजरात हाईकोर्ट
- मुख्यमंत्री मोहन यादव की जमीनों का खुलासा करने वाले रिपोर्टर के लिए अनंत गोयनका ने क्या लिखा? पढ़िए
- पत्रकारों को धमकाने के आरोपों में घिरे शिवसेना सांसद संजय पाटिल, गालियां बकीं, देखें वीडियो!




नारद
July 29, 2016 at 6:52 pm
यह तो होना ही था। वैसे सहारा में कुछ भी संभव है। सहारा के बारे में पत्रकारिता क्षेत्र में एक चर्चा आम है वह यह कि यहां पर फ्यूज बल्ब भी जल जाते हैं।
kumar kalpit
July 30, 2016 at 6:48 pm
सहारा श्री के नाम खुला पत्र… हे परम आदरणीय प्रातः स्मरणीय (अगर प्रातः स्मरणीय न होते तो मुझे पागल कुकुर ने नहीं काट रखा है कि मैं सुबह 4 बजकर 51 मिनट पर यह कमेंट लिखता ।) बहरहाल, पटवारी से पत्रकार बने मनोज तोमर को आपने यूं ही नहीं हटाया आदतन आपने ” एक तीर से कई निशाने साधे हैं । लगे हाथ आपको याद दिला दें कि मनोज तोमर अगर इस पद के योग्य नहीं थे वैसे यह तोमर जी भी स्वीकार करते होंगे कि वे तत्कालीन दर्जनों वरिष्ठ अनिल पांडेय, दयाशंकर राय, अशोक शुक्ला, प्रेमेन्द्र श्रीवास्तव, प्रभाकर शुक्ला, अभयानंद शुक्ला को रौंदते हुए यहां तक पहुंचे नहीं पहुंचाये गए। वैसे आपके याददाश्त को घुन नहीं लगा होगा फिर भी आपको याद दिला देंं। आपने डस्टविन से झाड-पोंछकर रणविजय सिंह , स्वतंत्र मिश्र और गोविंद दीक्षित को जहाँ से जहां पहुंचा दिया क्या वो इस पद के काबिल थे।
याद करिये अपने उस आदेश को (जिसे नोटिस बोर्ड पर मैंने भी पढा था) जब आपने अपने इन दोनों “जमूरों ” को अदना (अपमान के लिए नहीं) से रिपोर्टर होते हुए प्रबंधक और सम्पादक बना दिया और ये आदेश चस्पा करा दिया कि अनिल पांडेय रणविजय सिंह को और रामाज्ञा तिवारी स्वतंत्र मिश्र का सहयोग करेंगे। इस तरह का शायद ही किसी ने दिया हो “शेखचिल्ली” को छोड़ कर।
अब यदि उपेन्द्र राय ने गलत किया तो क्या बुरा किया। जब आप संवादसूत्र रहे उपेन्द्रर को सर्वेसर्वा बना सकते हैं तो उपेन्द्र फोटोग्राफर रहे जितेन्द्र नेगी को राष्ट्रीय सहारा देहरादून का स्थानीय संपादक क्यों नहीं बना सकते। आखिर आपने ही तो परिपाटी डाली है। क्या श्री राय (आप नहीं) उस पद के योग्य थे) प्रसंगवश विजय राय विजय ही क्यों नशीद जोशी, राजीव सक्सेना, श्याम सारस्वत, मनीषा, कलाम खान, रमेश अवस्थी, अजीम (आपके दोनों पुत्रों में से किसी एक के दोस्त और…..) क्या जो भी बनाये गए उसके योग्य थे। आपने क्रमशः राजीव सक्सेना और विजय राय को तमाम आरोप लगाते/लगवाते हुए निकाल बाहर किया फिर बाद में रख लिया क्यों ? निकाला फिर रखा तो फिर उन आरोपों का क्या हुआ? यदि आप गलत थे तो आरोप लगाने वालों को दंडित क्यों नहीं किया? यदि आप गलत थे आपका फैसला गलत था तो प्रायश्चित क्यो नहीं किया?
हे सहारा श्री ऐसे कितनों को हटायेगे पूरा संस्थान खाली हो जाएगा। चलिये एक शेर के साथ अपनी बात को समाप्त करते हैं
“बरबाद गुलिश्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी है।
अंजाम गुलिश्तां क्या होगा हर शाख पर उल्लू बैठा है ।।
अपना नाम इसलिए नहीं दे रहा हूं कि जब दिल्ली के सीएम केजरीवाल को डर सता सकता है कि पीएम उसकी जान ले सकते हैं तो मेरी क्या औकात। कहा-सुना माफ करियेगा। वैसे भी कबीरदास जी ने कहा है “क्षमा बड़न को चाहिए छोटन को “खुराफात”
आपका
कुमार कल्पित