नभाटा वाले अपने युवा पत्रकार के नाम के आगे ब्रैकेट में इंटर्न भी लिख देते हैं!

A N Shibli : मेरी फ्रेंड लिस्ट में जो भी पत्रकार दोस्त है वह अपनी राय दें. यहां नवभारत टाइम्स में प्रकाशित इस स्टोरी के राइटर के नाम के बाद ब्रैकेट में ‌‌इंटर्न लिख देना क्या उचित है?

Rizwan Shahid : उचित का नहीं पता लेकिन ग़ैरज़रूरी है. शायद अख़बार की पॉलिसी हो. सही-ग़लत अलैहदा मसला है. बाइलाइन एक पारितोष है. सम्मान है. सबसे बड़ी बात, पत्रकार का हक़ है. इसके साथ इंटर्न जुड़ने से स्टोरी या पत्रकार छोटा नहीं हुआ बल्कि संपादक और संस्था की संकीर्ण मानसिकता को ज़रूर दर्शाता है.

अतुल दुबे : ये बड़े अखबार की छोटी मानसिकता है, इसके सिवाय और कुछ नहीं।

Wadood Sajid : It’s not appropriate but media organisations for the sake of saving themselves from any litigation do this. Even The Indian Express dose like this.

महिला इंस्पेक्टरों ने इस टीवी पत्रकार की बैंड बजा दी!

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Posted by Bhadas4media on Thursday, September 12, 2019
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One comment on “नभाटा वाले अपने युवा पत्रकार के नाम के आगे ब्रैकेट में इंटर्न भी लिख देते हैं!”

  • घोर निंदनीय है.. ये उनकी ओछी मानसिकता का परिचायक है..

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