न्यूज़24 की इस ग्राफिक पोस्ट में दावा किया गया है कि “2031 तक देश में प्रति व्यक्ति आय 4.63 लाख करोड़ रुपये होगी” — यह दावा न केवल हास्यास्पद है बल्कि आर्थिक समझ की पूरी कमी को भी उजागर करता है। अगर यह सच होता, तो भारत का GDP ही पूरे ब्रह्मांड की अर्थव्यवस्था से बड़ा हो जाता! दरअसल, भारत में वर्तमान में प्रति व्यक्ति आय लगभग 2 लाख रुपये सालाना के आसपास है, और अगले कुछ वर्षों में इसके कुछ गुना बढ़ने का अनुमान तो है, लेकिन लाखों करोड़ तक पहुंचना गणित और यथार्थ—दोनों के साथ धोखा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसे बेतुके आंकड़े अब राष्ट्रीय चैनल भी बिना जांचे प्रसारित कर रहे हैं — जिससे यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या अब TRP के लिए डेटा की हत्या भी सामान्य पत्रकारिता का हिस्सा बन चुकी है?

अशोक कुमार पांडेय-
46 हज़ार देकर एक ढंग का एडिटर रख लो भाई। मतलब प्रति व्यक्ति आय का मतलब समझते हो? इतनी तो अम्बानी की भी पर्सनल आय नहीं है महीने की। 5 साल में औसत भारतीय महीने/ साल का 4.63 लाख करोड़ कमाएगा! मतलब हद है

अशोक पांडेय की इस पोस्ट पर आए कुछ कमेंट्स भी पढ़िए….
अनिल-
काश 50% भारतीय भी इस बात को समझते तो News 24 की समझदारी पर पानी खाकर थूकने वालों की कमी न होती।
देवा-
गांजा शायद सब्जी के दुकान में मिलने लगा है। News वाले गजब मौज में है। ढंग का न्यूज नहीं देना है, खोजी पत्रकारिता खुद भुला गई है। कुछ भी लिख दो, सरकारी लिफाफे से मस्त जिंदगी कट रही है।
समीर खान-
खुद गोदी हो या चैनल ये present वर्तमान की बाते करते ही नहीं…सिर्फ भूत और भविष्य काल की बातें…. लोगों को उम्मीद रहे की होगा…हिम्मत नहीं हारने दे रहे लोगों को
सत्य देव वर्मा-
अनपढ़ों को सिर्फ़ फेंकना है और गोबर खाने वालों को लपकना है, बाकी सिर्फ़ झूठ ही झूठ
अल्ताफ शेख-
2031 में भारत का हर व्यक्ति 4.63 लाख का कर्जदार होगा?? ये सरकार देश को तबाह करके छोड़ेगी?
पवन कुमार-
मिडिया वाले मोदी जी की चापलूसी में अंधे हो गए हैं। आकंड़ों में घपला कर देते हैं।



Anurag
October 30, 2025 at 9:09 am
अरे भाई, यह कांग्रेस के राजीव शुक्ला की धर्मपत्नी अनुराधा प्रसाद का चैनल है.
Subhash Mehta
October 31, 2025 at 1:04 pm
कांग्रेसी नेता का यह चैनल भी गोदी मीडिया हो गया है क्या। अब गरिमा सिंह क्या करेगी। बेचारी रोज तो माथा कूटती है सरकार को गालियां देती है और चैनल गोदी मीडिया बन गया।
Kamal
October 30, 2025 at 10:11 am
सब इतने नेगेटिव क्यों हैं क्या पता ये सच हो जाए तो?