(संदर्भ: मरीज से दुष्कर्म में हिमाचल भाजपा अध्यक्ष डॉक्टर राजीव बिंदल का भाई गिरफ्तार)
चंडीगढ़: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से खबर आई है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉक्टर राजीव बिंदल के बड़े भाई वैद्य राम कुमार बिंदल एक मरीज के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
25 वर्षीया मरीज किसी गुप्त रोग से पीड़ित थी और तमाम अंग्रेजी दवाइयों और बड़े-बड़े अस्पतालों से इलाज के बावजूद ठीक नहीं हो पा रही थी। लिहाजा खानदानी वैद्य की शरण में गई थी।
रामकुमार बिंदल भाजपा के बड़े नेता के भाई तो हैं ही, साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े हुए हैं और सोलन शहर की एक प्रमुख मंदिर समिति के अध्यक्ष भी हैं। सोलन बस अड्डे के पास पुराना भेषजालय चलाते हैं। इनके दिवंगत पिता भी शहर के मशहूर वैद्य थे।
लगभग 81 वर्ष के रामकुमार नाती-पोतों वाले हैं और भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला बताया है।
याद रहे, पिछले साल हरियाणा भाजपा अध्यक्ष मोहनलाल बडोली के खिलाफ भी हिमाचल में ऐस मामले की शिकायत आई थी, रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
इस बार सोलन पुलिस में 2 दिन जांच करने के बाद आरोपी वैद्य को गिरफ्तार कर लिया। वैद्य अस्पताल में 5 दिन की पुलिस डिमांड पर है।
फिर भी पंजाब और हिमाचल के नामवर हिंदी-पंजाबी अखबारों ने इस खबर को भरसक दबाने की कोशिश की है। फिर चाहे वह हिमाचल का नंबर एक होने का दावा करने वाला अमर उजाला हो या पंजाब का नंबर एक केसरी। केसरी ने यह खबर अपनी वेबसाइट पर तो मरी-गिरी चलाई लेकिन पंजाब में नहीं छापी है। यहां से निकलने वाला और बेधड़क अखबार हेडलाइन में ही खेल कर गया!
दैनिक भास्कर ने हेडलाइन इस “कारस्तानी” से और भाजपा नेताओं की दलीलों के अनुरूप लगाया कि मानो 82 साल का वैद्य 25 साल की मरीज से दुराचार नहीं कर सकता है। दीगर है, यह खुद को इन दिनों अपने मस्तूल पर “बेधड़क” अखबार लिखते फिर रहा है।
याद रहे, दुराचार एक व्यापक कानूनी शब्द है। धन्य हो, हिमाचल के छोटे से अखबार ‘दिव्य हिमाचल’ और ‘हिमाचल दस्तक’, इनने इसे ठीक से छापा है।
ट्रिब्यून और दूसरे अंग्रेजी अखबारों ने तो खैर इसे उस तरीके से दिया ही है जैसे कम-से-कम उनसे उम्मीद की जाती है।


भड़ास को एक महिला पत्रकार द्वारा भेजे गए मेल पर आधारित…


