उसने किरायेदार की बेटी से रेप किया और अपराधबोध होने पर रेल से कट कर मर गया!

Vishnu Nagar : आज एक हिला देने वाली खबर छपी है। दिल्ली की स्लाइट कालोनी में भारतीय वायु सेना के एक भूतपूर्व अफ़सर ने अपने भाई के मकान में रहने वाले एक किरायेदार की आठ साल की बच्ची से बलात्कार किया। फिर उसे अपराध बोध हुआ कि उसने यह क्या कर दिया। उसने अपने भाई के सामने अपना अपराध क़ुबूल कर लिया और उसे बात दिया कि वह आत्महत्या करने जा रहा है।

भाई पुलिस से कहकर कुछ कर पाता, इससे पहले ही रेल के नीचे आकर उसने आत्महत्या कर ली।

बलात्कारियों को अपराधबोध होने के उदाहरण कम मिलते हैं और ऐसा अपराधबोध कि तुरंत आत्महत्या कर ली। वह तो मुक्त हो गया क्योंकि जीवन से ही मुक्त हो गया। उसने तो अपनी राह एक तरह से आसान कर ली। उसे अगर सज़ा भोगना ही था तो अपना अपराध पुलिस में जाकर स्वीकार करता और अंत तक अपनी बात पर टिका रहता, सज़ा भोगता, अपराधबोध के साथ बाकी जीवन जीता। यह देखता कि उसके अपने ही उस पर कैसे-कैसे थू-थू कर रहे हैं, उस बच्ची का जीवन उसने किस तरह बर्बाद कर दिया है, जिसने उस पर विश्वास किया था, जिसने सोचा भी नहीं था कि अंकल ऐसा भी कर सकते हैं।

चलो, वह तो मुक्त हो गया, मगर वह बच्ची क्या करे? क्या यह हादसा उसकी ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित नहीं करेगा? वह कैसे मुक्त हो वायु सैनिक साहब! आपको तो अब कुछ सुनाई, दिखाई नहीं देगा।

वरिष्ठ पत्रकार और कवि विष्णु नागर के फेसबुक वॉल से.

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