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वेब-सिनेमा

यूट्यूब पर अभिसार, रवीश और ध्रुव राठी के बाद साक्षी जोशी ही बैटिंग कर रही हैं!

साक्षी जोशी-

प सबका इतना प्यार देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया…

इस लिस्ट में Individual creators और Network की तरह काम करने वाले चैनल एक साथ रखे गए हैं. तो मैं Individual creator (यानी अकेले आपके सामने content बनाने वाली) हूँ तो उस हिसाब से देखा जाए तो मैं चौथे स्थान पर हूँ.

पहले नंबर पर अभिसार शर्मा दूसरे पर रवीश कुमार तीसरे पर ध्रुव राठी और चौथे पर मैं यानी साक्षी जोशी.

नेटवर्क में एक पूरी टीम की तरह काम होता है जिसमें कई लोग वीडियो बनाते हैं तो ज़ाहिर है कि उनके वीडियोज़ ज़्यादा होते हैं इसलिए टोटल व्यूज़ भी ज़्यादा होते हैं.

आप सब लोगों का इतना प्यार बरसाने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया.

सत्यमेव जयते, देखें लिस्ट….


संजय शर्मा-

मेरे करियर की शुरूआत से आज तक मेरे साथ ये हुआ कि जब-जब मुझ पर हमला किया गया तब-तब ईश्वर ने मेरी ताकत और मेरी तरक्की को दोगुना किया है.

बीते दिनों भी 4PM चैनल को लेकर लोगों में तरह-तरह की अफवाहें फैलाने की कोशिश की गई और इस बार ईश्वर ने प्यार से मेरी तरक्की दोगुनी नहीं बल्कि छह गुना कर दी.

पिछले महीने भी हम देश भर के राजनीतिक टिप्पणीकारों में नंबर एक पर थे. नंबर 2 की पोजीशन से 80 लाख व्यूज ज्यादा थे. तब लोगों ने कहा कि अब देखना अगले महीने 4PM नीचे आ जाएगा.

अब इस महीने के आंकड़े आ गए हैं और हम फिर नंबर वन पर है. लेकिन इस बार अंतर 80 लाख से बढ़कर सवा छह करोड़ का हो गया. मतलब सामने है, पहले स्थान और दूसरे स्थान के बीच सवा छह करोड़ का अंतर है .

मैं विनम्रतापूर्वक कहना चाहूँगा कि हमले और तेज करो, इतने से काम नहीं चला. मुझे प्यार करने वाले हमारे प्यारे सब्सक्राइबर्स हमेशा हमारे साथ हैं.

मैं दिल की गहराइयों से आपके इस प्यार के लिए आभारी हूँ. आप मेरी ताकत हैं. ये बनाए रखिएगा..


ख़ुशदीप सहगल-

देश के मेन स्ट्रीम मीडिया के बड़े हिस्से (लगभग सारे) को सत्ता पक्ष में खूबियां ही खूबियां नज़र आती हैं और विपक्ष में खामियां ही खामियां.

वहीं यूट्यूब पर देश के जितने लीडिंग पॉलिटिकल कंटेंट देने वाले हैं उनमें कमोवेश सारे सत्ता पक्ष की खिंचाई करने वाले हैं.

यानि खांचें साफ़ हैं…यही बंटवारा देश की पत्रकारिता की त्रासदी है… दुनिया के जितने भी देशों में फ्रीडम ऑफ प्रेस इंडेक्स ऊंचा है वहां पॉलिटिकल न्यूट्रलाइजेशन एक विशेषता है. वहां राजनीति के रंग के हिसाब से पत्रकारिता नहीं होती. वहां ग़लत को ग़लत और सही को सही कहा जाता है…और अहम मुद्दों पर पत्रकारिता का स्टैंड मोटे तौर पर एक जैसा यानि जनहित में रहता है.

मैंने यही देख अपने यूट्यूब चैनल ‘देशनामा’ को राजनीति से दूर रखा हुआ है, कंटेंट युवाओं की पसंद के अन्य मुद्दों पर केंद्रित है…स्पीड स्लो है. तीन साल में सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा अब जाकर 50,000 को छूने वाला है…ये दिल को ज़रूर सुकून देता है. राजनीतिक किचकिच के बिना भी ‘देशनामा’ ये छोटा सा मक़ाम हासिल कर पाया, इसलिए सारे स्पोटर्स का दिल से शुक्रिया…

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2 Comments

2 Comments

  1. Mahendra

    October 28, 2024 at 8:31 am

    4 pm has increased due to Adanis support which was silently helping him. A secret understanding. 4 pm used people. It betrayed the supporters.
    Hence don’t compare him. Your audience are genuine.
    PP Vajpayee is very technical but focused on topic. All the best to independent solo u tubers.

  2. Satyam Mishra

    October 28, 2024 at 8:53 pm

    UPTak और News Tak को शायद दौड़ में शुमार करना भूल गए नहीं तो शायद परिणाम कुछ और होता।

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