‘खबर मंत्र’ के स्थानीय संपादक शंभू नाथ चौधरी का इस्तीफा, ‘नेशन संवाद’ से जुटे

रांची से प्रकाशित होने वाले दैनिक खबर मंत्र से स्थानीय संपादक शंभू नाथ चौधरी ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपनी नयी पारी की शुरूआत हिंदी समाचार पत्रिका नेशन संवाद के संपादक के रूप में की है। सूत्रों के मुताबिक खबर मंत्र में डायरेक्टर के रूप में वीणा सिंह के ज्वाइन करने के बाद जो चल रहा था, वह बतौर संपादक शंभूनाथ चौधरी को पसंद नहीं था।

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Comments on “‘खबर मंत्र’ के स्थानीय संपादक शंभू नाथ चौधरी का इस्तीफा, ‘नेशन संवाद’ से जुटे

  • Subodh Rawat says:

    खबर मन्त्र –एक मुर्दे का पोस्टमॉर्टम
    इन दिनों ख़बर मंत्र अख़बार मॆं जो उथल पुथल चल रही है उसका ज़िम्मेदार और कोई है लेकिन बलि का बकरा बेचारे एडिटोरियल स्टाफ को बनाया जा रहा है और इसकी सारी जानकारी रतीश कुमार चार्टेड अकाउंटेंट( ज्योति जी) C.A को भी है. डॉ.अभय सिंह शुरू से इसका संचालन अपने हाथ में नहीं रखा बल्कि चार्टेड अकाउंटेंट रतीश कुमार उर्फ़ ज्योति के हाथ में सौप दिया जब आज होश में आये तो सब कुछ हाथ से निकल चूका था–“न खुदा ही मिला न विसाले सनम “.
    रांची से प्रकाशित “खबर मन्त्र “का जन्म ही विकलांगता के साथ हुआ,डॉ.अभय सिंह के मुख्या आर्थिक सलाहकार चार्टेड अकाउंटेंट रतीश कुमार उर्फ़ ज्योति जी ने गुमराह किया और वित्तीय योजना नहीं बनाया क्यों की इस में उनका निजी स्वार्थ छिपा था.खबर मन्त्र की पूरी आधारभूत व्यवस्था के उन्हों ने आपने हाथ में रखा और लाखो -लाख रुपये बनाये और किसी चीज़ का एकाउंटिंग सही नहीं किया.डॉ.अभय सिंह,मालिक ने रतीश कुमार उर्फ़ ज्योति पर अंध विश्वास किया जिस कारण रतीश कुमार ने मीठी छुरी से डॉ. अभय सिंह को हलाल कर दिया और उनको भ्रमित कर रखा है.डॉ.अभय सिंह की भी मज़बूरी है की रतीश कुमार चार्टेड अकाउंटेंट उनका सभी कच्चा चिठा और काले कारनामे को जानता है इस कारण डॉ. अभय सिंह उस पर हाथ नहीं डालते.वीणा सिंह इस खबर मन्त्र का दाह संस्कार कर फिर कोई दूसरा मोटा आसामी पकड़ लेगी क्यों की यही उसका धंधा है.आज डॉ. अभय सिंह इस अख़बार के कारण करोड़ों रुपये क़र्ज़ में है, स्टाफ और सिक्योरिटी एजेंसीज को तीन महीने का वेतन बाकि है,इनका प्रॉपर्टी का धंधा चौपट हो गया है जिस कारण वह अपना मानसिक संतुलन खो दिया है. कहावत सुनि होगी
    माल मियां का
    मिर्ज़ा खेले होली
    और
    खेत खाय गधा ।
    मार खायें जुलाहा
    इस सबके पीछे वीणा सिंह है यह वीणा सिंह सेकेंड हैंड जवानी के कारण Management को अपनी मुठठी में कर रखा है. डॉ अभय सिंह के लिय साबित बिष कन्या होगी.

    वैसे भी इस अख़बार का भगवान ही मालिक है.

    आपका
    Pranjal Raj
    Subodh Rawat

    Reply
  • Subodh Rawat says:

    वीणा के बीन से खबर मंत्र में दिख रहा है यह कैसा *UGLY SEEN*, शेम -शेम, अखबार में यह क्या चल रहा है?

    झारखंड की राजधानी से जो खबर आ रही है, वह मीडिया जगत के लिये एक तरह से शेम -शेम वाली बात है। रांची में ही रंजीत उर्फ रक़ीबुल का मामला सामने आने के बाद भी इससे सबक नहीं लिया जा रहा है। मीडिया में कुछ लोग ऐसे हैं, जो सोच रहें हैं कि वे अखबार के मालिक हैं, स्टेट हेड हैं, उपसंपादक हैं , रिपोर्टर हैं, उनका क्या कोई बिगाड़ेगा। तो यह सोच उनपर कभी भी भारी पड़ सकती है। क्योंकि यह पब्लिक है, जो सब जानती है ।
    ताज़ा -ताज़ा मामला रांची से प्रकाशित दैनिक खबर मंत्र से मीडिया 4 झारखंड को पहुंच रही है। जहां पिछले दस दिनों से *UGLY SEEN* क्रिएट हो रहें हैं। जिसमें हर कोई आपस में भिड़ रहें हैं । प्रधान संपादक हरिनारायण सिंह का मालिक से, संपादक और स्टाफ का महिला डायरेक्टर से। आखिर यह सब क्यों हो रहा है, यह कहानी शुरू करने से पहले यह याद दिलाना जरूरी है कि किसी भी घर में महिला आ गयी तो उसका किरदार अहम हो जाता है, उसे बनानें और बिगाड़ने में।
    खबर मंत्र में पहले सब कुछ अच्छा चल रहा था। लेकिन अखबार के मालिक ने महिला डायरेक्टर में वीणा सिंह को क्या बिठाया कि सबों के अच्छे दिन चले गए हैं। इसी में हर दिन दफ्तर में हॉट टॉक जारी हैं। मैडम हैं कि खुद हाजिरी लें रही हैं और इसी पर बावेला मचा है। फोटोग्राफर जावेद ने दो दिन पहले महिला डायरेक्टर के इतिहास का पन्ना छपरा टू मुंबई फिर रांची भाया बोकारो पलट दिया। ऐसे में खूब विरोधियों पर गाज गिर रही है। अबतक राणा गौतम, फोटोग्राफर कमलेश समेत छह लोग अखबार छोड़ चुकें हैं।
    जो हाल है, उसमें किसी दिन भी प्रधान संपादक या संपादक या अन्य महत्पूर्ण चेहरे बदल जायें तो उसमें आश्चर्य नहीं होगा। शुक्रवार को दूसरे अख़बारों में खबर मंत्र का रिक्ति संबंधी लेटेस्ट विज्ञापन भी यही बता रही है कि कुछ गड़बड़ है। जिसमें स्थानीय संपादक, एचआर मैनेजर, प्रोडक्शन मैनेजर, सब एडिटर, फोटोग्राफर समेत कई वैकेंसी निकाली गयी है गयी है। जिससे यह चर्चा और गर्म हुई है। एक तो तीन माह से स्टाफ को पेमेंट नहीं मिल रहा है, ऊपर से विज्ञापन में लाखों खर्च करके वैकेंसी निकली जा रही है।
    ऐसी बात नहीं है कि अखबार में मचे घमासान की चिंता डायरेक्टर वीणा सिंह को नहीं है। अखबार की ही चिंता में मैडम जी घंटों दफ्तर के ऊपरी तल्ला में बने विशेष कमरे में इस समस्या का हल ढूंढने हैं। उनकी यह बैठक अखबार के मालिक अभय सिंह के साथ चल रही हैं । इस अहम बैठक के दौरान दरवाजे पर नो इंट्री बोर्ड लग जा रहा है। अभी तक इस मंत्रणा में कुछ भी हासिल नहीं हुआ है।
    Subodh Ranawat

    Reply
  • महोदय, यशवंत सिंह जी..एवं सुबोध रावत जी..
    मुझे कहना है कि बेवजह इस मामले में मेरा नाम घसीटा जा रहा है। मै आज भी बकायदा खबर मन्त्र में कार्यरत हूं। मैने कोई इस्तीफा नहीं दिया है। आपसे आग्रह है कि कृपया इस तरह की चीजें लिखने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर लें। बेवजह मामले में मेरा नाम घसीटे जाने से मुझे एक-एक सहयोगी, व्यक्ति को सफाई देने में परेशानी हो रही है।
    राणा गौतम, खबर मन्त्र ब्यूरो, रांची।

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