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उत्तर प्रदेश

शाइन सिटी घोटाला : भव्य ब्रॉडकास्टिंग से राहत फाउंडेशन तक HC को मिला फ्रॉड ही फ्रॉड

खनऊ के शाइन सिटी घोटाला मामले में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने जांच एजेंसियों को जमकर फटकारा. नौ मई को अदालत ने ईडी व एसएफआईओ के डायरेक्टर को तलब किया है.

इलाहाबाद हाई कोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ में शामिल न्यायाधीश सिद्धार्थ और न्यायाधीश प्रशांत कुमार के सामने ईओडब्ल्यू डीजी की जगह आईजी प्रशांत कुमार द्वितीय, गृह सचिव, ईडी और एसएफआईओ व सीबीआई के अफसरों ने जांच रिपोर्ट पर सफाई पेश की. एजेंसियों ने कहा कि 128 करोड़ की सम्पत्तियों को जब्त किया गया है.

हाई कोर्ट ने जब प्रत्यर्पण और लुकआउट की जानकारी मांगी तो एजेंसियों ने कहा कि इससे संबंधित 2022 में जारी किए गए थे. निवेशकों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र नाथ श्रीवास्तव ने कोर्ट के सामने जुलाई 2020 में जारी पत्रों की प्रतियां पेश की. कोर्ट ने एजेंसियों से मामले में श्रीवास्तव से सहयोग लेकर सही दिशा में जांच करने को लेकर ताकीद किया. ईओडब्ल्यू ने राशिद और आसिफ की पत्नियां सलमा परवीन और जीनत फातिमा की जांच नहीं की है. दोनों ही राहत फाउंडेशन और भव्य ब्रॉडकास्टिंग में ट्रस्टीज थीं. शेयर होल्डिंग भी शाइन सिटी के कालेधन से हासिल की.

कानपुर में पोल स्टार प्रोजेक्ट में हुई रजिस्ट्रियों का करोड़ों रुपया शाइन सिटी प्रॉपर्टीज के खाते में पहले लिया. इसके बाद फैज अहमद के जरिए भव्य ब्रॉडकास्टिंग में भेज दिया गया. राहत फाउंडेशन में तीन करोड़ जाने की बात ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में स्वीकार की. अफसरों के मुताबिक फाउंडेशन को रायबरेली रोड स्थित 105 एल्डिको के पते पर रजिस्टर्ड कराया गया है. जो शाइन सिटी कंपनी का दफ्तर है.

अतीक और शाइन सिटी की जांच कहां तक पहुंची
अतीक अहमद और शाइन सिटी घोटाले के मास्टरमाइंड राशिद नसीम के बीच सैकड़ों करोड़ का कनेक्शन है. जांच में हीलाहवाली पर हाई कोर्ट सख्त है. हाई कोर्ट ने एजेंसियों से साफतौर पर पूछा कि अतीक और शाइन सिटी के कनेक्शन की जांच आखिर पहुंची कहां तक.

अखबार के खुलासे पर गठित हुई जांच कमेटी
हिंदी दैनिक संदेश वाहक ने 15 अप्रैल के संस्करण में वाराणसी जेल में बंद शाइन सिटी के डायरेक्टर ने लखनऊ में कर डाली रजिस्ट्री शीर्षक से खबर प्रकाशित करके अमिताभ श्रीवास्तव और अफसरों की सांठगांठ का खुलासा किया था. करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री मोहनलालगंज के डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में हुई थी. जमीन को छह दिनों बाद पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बेटे को बेच कर दोबारा रजिस्ट्री कराई गई. मनी लॉन्ड्रिंग के खेल पर वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र नाथ श्रीवास्तव ने इस प्रकरण को हाई कोर्ट में रखा. हाई कोर्ट के पूछने पर ईओडब्ल्यू के आईजी ने बताया कि हाई लेवल जांच गठित की गई है. हाई कोर्ट ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बेटे द्वारा ली गी जमीन वापस लेने को कहा है.

इससे पहले का माजरा जानने के लिए नीचे लिंक पर जाएं…

60 हजार करोड़ से ज्यादा के ‘शाइन सिटी स्कैम’ की जांच 16 माह से सुस्त, हाई कोर्ट नाराज

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