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दूसरी बार भी न्यूज एक्सप्रेस में टिक नहीं पाए एसएन विनोद, अब दूसरी बार जिया न्यूज पहुंचे

वरिष्ठ पत्रकार एसएन विनोद के दिन ठीक नहीं चल रहे हैं. कभी यहां तो कभी वहां. पर इससे बड़ी बात ये कि वे अब एक ही डाल पर बार-बार बैठने-उड़ने लगे हैं. न्यूज एक्सप्रेस से इस्तीफा देने के बाद एसएन विनोद जिया न्यूज पहुंचे थे. जिया न्यूज से इस्तीफा देकर फिर न्यूज एक्सप्रेस आए. अब खबर मिल रही है कि उन्होंने फिर से न्यूज एक्सप्रेस छोड़ दिया है. वे फिर जिया न्यूज पहुंच गए हैं.

<p>वरिष्ठ पत्रकार एसएन विनोद के दिन ठीक नहीं चल रहे हैं. कभी यहां तो कभी वहां. पर इससे बड़ी बात ये कि वे अब एक ही डाल पर बार-बार बैठने-उड़ने लगे हैं. न्यूज एक्सप्रेस से इस्तीफा देने के बाद एसएन विनोद जिया न्यूज पहुंचे थे. जिया न्यूज से इस्तीफा देकर फिर न्यूज एक्सप्रेस आए. अब खबर मिल रही है कि उन्होंने फिर से न्यूज एक्सप्रेस छोड़ दिया है. वे फिर जिया न्यूज पहुंच गए हैं.</p>

वरिष्ठ पत्रकार एसएन विनोद के दिन ठीक नहीं चल रहे हैं. कभी यहां तो कभी वहां. पर इससे बड़ी बात ये कि वे अब एक ही डाल पर बार-बार बैठने-उड़ने लगे हैं. न्यूज एक्सप्रेस से इस्तीफा देने के बाद एसएन विनोद जिया न्यूज पहुंचे थे. जिया न्यूज से इस्तीफा देकर फिर न्यूज एक्सप्रेस आए. अब खबर मिल रही है कि उन्होंने फिर से न्यूज एक्सप्रेस छोड़ दिया है. वे फिर जिया न्यूज पहुंच गए हैं.

 

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कोई कह रहा है कि वे जिया न्यूज नामक मैग्जीन लांच कराएंगे और दिल्ली में बैठेंगे. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि वे जिया न्यूज के नाम पर मुंबई में बैठेंगे और वहीं से कुछ कामकाज करेंगे. केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के करीबी कहे जाने वाले एसएन विनोद के बारे में चर्चा तेज है कि दूसरी बार भी वे जिया न्यूज में कितने दिन रुक पाते हैं, यह देखने लायक होगा.

उल्लेखनीय है कि एसएन विनोद जहां भी गए, वहां उनको लेकर या उनका प्रबंधन से विवाद हुआ. उसके बाद उन्हें जाना पड़ा. देशोन्नति से लेकर साधना तक और न्यूज एक्सप्रेस से लेकर जिया न्यूज तक का इतिहास यही बताता है. कहने वाले कह रहे हैं कि जब केंद्र सरकार में अच्छे दिन वाले आ गए हैं तो एसएन विनोद जी के भी अच्छे दिन आने चाहिए लेकिन अब तक तो उन्हें कोई बड़ा बैनर और बड़ा पद मिलता नहीं दिख रहा है.

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आपको भी कुछ कहना-बताना है? हां… तो [email protected] पर मेल करें.

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0 Comments

  1. sudhir pandey

    July 19, 2014 at 6:52 pm

    VINOD ji ki dimand bhaut hai aajkal saf suthara sampadak milta kahan hai

  2. Akki

    July 21, 2014 at 2:42 pm

    dalalon k beech mein mehnati, suchche logon ki shayad yahi dasha hoti hai…kami unme nahi hai kami unme hai jo journalism ko vyapaar mein tabdeel kar rahe hain….afsos lafz k siva kya keh sakte hain….

    – vinod ji jaise or log ho tabhi patrakarita apne asli mukam tak pahuch sakti hai……

  3. anup

    July 22, 2014 at 10:37 am

    vinod jee ko jo log jaante hai wo aisa sapne me bhe nai soch sakte……vinod jee ne journlism me wo mukam hasil kiya hai jo kise kise ko he nasib hota hai..ha wo aaj ke patarkaro ki tarah dalali nai karte …wo nispaksh hai aaj bhe

  4. Bankhandi Mishra

    August 2, 2014 at 8:33 am

    विनोद जी की दूरदृष्टि और कल्पनाशीलता का मुरीद मैं भी हूं। उन्होंनेे कम वक्त में मीडिया-जगत में जो चमत्कार पैदा किया है, वह असाधारण है। संघर्षशीलता उनके जीवन का मूलमंत्र है और हमें आशा है कि वे किसी नयी करिश्मा के लिए सन्नद्ध हो चुके हैं।

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