Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

पाकिस्तान गईं पत्रकार सुप्रिया रॉय से भारतीय मीडिया के रवैये को लेकर पूछे गए प्रश्न!

वभारत टाइम्स, सीएनईबी समेत कई संस्थानों में कार्यरत रह चुकीं प्रतिष्ठित सीनियर जर्नलिस्ट सुप्रिया रॉय (58) पाकिस्तान की यात्रा करके वापस आई हैं. 13 नवंबर 2024 को अमृतसर, बाघा बॉर्डर होते हुए उन्होंने पाकिस्तान में एंट्री ली थी.

सुप्रिया जी, सिक्खों के एक डेलीगेशन के साथ ननकाना साहिब, पंजा साहिब, डेरा सच्चा सौदा, चुना मंडी लाहौर, गुजरावाला टाउन, शेखुपुरा इत्यादि प्रसिद्ध जगहों पर 10 दिन बिताकर 24 नवंबर को वापस भारत लौटी हैं.

भड़ास से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि, पहले तो उन्हें इस बात की उम्मीद ही नहीं थी कि सिक्खों के डेलीगेशन के साथ एक नॉन सिक्ख को शायद ही इजाजत मिले. अगस्त में वीजा के लिए अप्लाई किया था. इधर मैंने पैकिंग भी कर रखी थी, अंदर से कुछ यकीन था कि मुझे जाना है, बाकी प्रभु पर छोड़ दिया था. दो दिन पहले कॉल आया- आप जा रहे हो!

सुप्रिया जी ने बताया कि पूरे भारत से लगभग तीन हजार लोगों को वीजा दिया गया था, जिनमें 2500 लोग गए थे. 1000 लोग विदेश से भी आए थे. कुछ विदेशी संवाददाता/पत्रकार भी थे.

चारों तरफ पूरी चाक चौबंद सिक्योरिटी. कहीं बाहर निकलने की इजाजत नहीं, हां, लेकिन लाहौर में हम सभी को जरूर सुरक्षा बंदोबस्त से आजादी मिली. हम यहां अपनी मर्जी से घूमें, लोगों के साथ फोटो खिचवाई. लोगों ने हमसे बात भी की.

हमें कहीं से भी यह नहीं लगा कि हम उस पाकिस्तान में हैं, जैसा हमारा मीडिया हमें दिखाता है. लाहौर में जहां भी, जो भी लोग हमसे मिल रहे थे वह हमें भारतीय जानकर खूब…खूब प्यार दे रहे थे. हमारी मदद को आतुर दिख रहे थे. यहां तक की एक युवक ने हमारे ई-रिक्शा का किराया तक दिया. हमने मना किया तो उसका कहना था- आप भारत से हैं और हमारे मेहमान हैं!

गवर्नर की बेटी चश्मे में के साथ पत्रकार सुप्रिया रॉय
https://twitter.com/bhadasmedia/status/1861306060176531966?t=BEf0X1ofhwZkzIMoy61cgw&s=08

लाहौर में हमारे लिए एक दिन आयोजन भी किया गया. वहां के गवर्नर की बेटी हमसे चलकर मिलने आई. हमारे साथ तस्वीरें खिंचाईं. कुल मिलाकर सबकुछ अद्भुत था. सब तरफ गजब था.

हां, उस समय मैं जरूर हैरान रह गई जब एक सभ्रांत महिला ने आकर मुझसे पूछा कि, भारत का मीडिया हमें दुश्मन की तरह क्यों ट्रीट करता है?

मैंने कहा, नहीं तो!

यह बात यहां एक महिला तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि कई लोगों ने हमसे मीडिया व अन्य कुछ संगठनों को लेकर सवाल किए, जिनका मेरे पास कोई जवाब नहीं था. और जवाब देती भी क्या?

कुछ अन्य तस्वीरें भी देखें…

गुरु नानक देव जी को मुस्लिम ने यहां दफनाया था उनके फूलों को शरीर तो किसी को भी नहीं मिला था
करतारपुर साहेब
ननकाना साहिब
पंजा साहिब
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन