Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

कुंभस्नान से लौटे जनसत्ता के पूर्व खेल संपादक सुरेश कौशिक नहीं रहे!

ओम थानवी-

सुरेश कौशिक (72) के निधन की ख़बर सदमे वाली है। कुंभस्नान को गए, वापसी में निमोनिया हो गया, आज दोपहर दिल के दौरे में जान चली गई।

वे जनसत्ता में हमारे खेल संपादक थे। शालीन और मेहनती। हरदम काम में लगे रहते थे। उनके पिता केवल कौशिक जी पर कैसी गुजरी होगी, जिन्होंने टाइम्स ऑफ़ इंडिया में खेल पत्रकारिता में नाम कमाया और अभी नब्बे पार की वय में हैं।

सुरेशजी की स्मृति को नमन। केवलजी और परिजन इस सदमे को झेल सकें। हालाँकि कहना आसान है; जिन पर गुजरे वही जान पाते हैं।

शंभुनाथ शुक्ला-

जनसत्ता जब निकला तब शुरू में जो साथी आये, उनमें सुरेश कौशिक भी थे। आज अभी गणेश झा की पोस्ट से सूचना मिली कि वे नहीं रहे। उनकी स्मृतियों को नमन! साथियों का बिछड़ते जाना कष्टदायी है।

संजय स्वतंत्र-

मेला पीछे छूटा राही चल अकेला…

सोचता हूं कि
खुद से ही कर लूं दोस्ती,
मेरे अंदर का शख्स
अरसे से तन्हा है।

सचमुच आज फिर से थोड़ा छिज गया, थोड़ा सा और तन्हा हो गया। पत्रकारिता में मेरे मार्गदर्शक रहे समाचार एजेंसी ‘भाषा’ के संपादक कुमार आनंद जी से पता चला कि अग्रज और शुभचिंतक एवं हमारे वरिष्ठ सुरेश कौशिक नहीं रहे। रविवार दोपहर दिल्ली के गुलमोहर पार्क स्थित आवास पर उन्होंने अंतिम सांसें लीं। सुरेश जी जीवन और कार्य क्षेत्र को खेल का मैदान मानते रहे। उन्होंने खेल भावना के साथ जीना और साथियों के साथ काम करना सिखाया।

जनसत्ता के खेल संपादक के रूप में उनका शानदार करिअर रहा। देश के कई बड़े खिलाड़ियों के साथ सुरेश जी के सहज संबंध रहे। अपने विनम्र स्वभाव से वे सभी को अपना बना लेते थे। मैंने कभी उनको क्रोधित होते नहीं देखा। उनके चेहरे पर सदैव मीठी-सी मुस्कान खिली रहती।

जिन वरिष्ठ पत्रकारों के साथ मैंने भी थोड़ा अनुभव अर्जित किया, उनमें से वो एक थे।… आप बहुत याद आएंगे सुरेश जी। यकीन नहीं होता आप यूं अचानक चले जाएंगे। शोक की छाया से स्वयं उबर ही रहा था कि एक बार फिर नश्वरता ने बोध कराया है। हम सब जीवन के इस मेले को छोड़ कर निकलेंगे किसी दिन।

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन