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उत्तर प्रदेश

ओछी हरकतों पर उतर आई योगी सरकार, पत्रकारों के साथ अब तक का सबसे बुरा बर्ताव

अब ओछी हरकतों पर उतर आई योगी सरकार. विधानसभा में कुछ मंत्रियों के इशारे पर पत्रकारों के साथ इस दशक का सबसे बुरा बर्ताव. कैंटीन में हाथ से छिनवा ली गई भोजन की थैलियां. आधा दर्जन मोस्ट सीनियर्स महिला पुरुष पत्रकारों के साथ उद्दंड बदतमीज मार्शलों ने की अभद्रता. मुंह से छीना कौर. हाथ से थाली. एक दर्जन सीनियर पत्रकारों को कैंटीन से बाहर खदेड़ा. नियमों का हवाला देते हुए धक्का मार कर खदेड़ा. इस बीच सब कुछ देखते और हंसते रहे आला अफसर.

अब ओछी हरकतों पर उतर आई योगी सरकार. विधानसभा में कुछ मंत्रियों के इशारे पर पत्रकारों के साथ इस दशक का सबसे बुरा बर्ताव. कैंटीन में हाथ से छिनवा ली गई भोजन की थैलियां. आधा दर्जन मोस्ट सीनियर्स महिला पुरुष पत्रकारों के साथ उद्दंड बदतमीज मार्शलों ने की अभद्रता. मुंह से छीना कौर. हाथ से थाली. एक दर्जन सीनियर पत्रकारों को कैंटीन से बाहर खदेड़ा. नियमों का हवाला देते हुए धक्का मार कर खदेड़ा. इस बीच सब कुछ देखते और हंसते रहे आला अफसर.

पत्रकारों में नाराजगी. सुरेश खन्ना का किया घेराव. असल में कई दिनों से विधानसभा की बखिया उधेड़ रिपोर्टिंग से अफसर मार्शल थे नाराज. बड़ों के इशारे पर छीनी खाने की थाली. हड़कम्प. पत्रकारों का भीषण विरोध. बात विधानसभा अध्य्क्ष तक पहुंची. विधानसभा में मुफ्त में सरकारी खाना खा रहे पत्रकारों के हाथ से प्लेट छीन कर भगा देने के मामले ने तूल पकड़ा.. विपक्ष ने सरकार पर लगाया मीडिया की आवाज़ दबाने का आरोप.. विधान परिषद के सदस्यों ने मामला सदन में उठाया.. दूसरी तरफ भुक्खड़ और बेगैरत पत्रकारों की भी हो रही आम जन में निंदा. लोग कहने लगे हैं कि आखिर कितना गिर गए हैं पत्रकार. ये खाना खाने के लिए जूता खाने को भी तैयार रहते हैं. 

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2 Comments

2 Comments

  1. Rajat mishra

    July 23, 2017 at 10:39 am

    झगड़ा खाने को लेकर नही बल्कि वहाँ मैजूद पत्रकारों के साथ मार्शल द्वारा की गई बत्तमीजी पर था, जिसने एक साथी को पानी पीने के लिए उठाई गयी बोतल को वापस रखने के लिए बोल दिया था, साथ ही पटल से मिलने वाली बजट सामिग्री को लेकर बनाई गई लिस्ट पर था जो पटल के बाहर चस्पा कर दी गई थी, जिसमे कुछ ऐसे चैनल और लोगो के नाम थे जो या तो बन्द हो चुके है या कभी नही आते। मुद्दा ये था कि पटल से मिलने वाली सामिग्री में भेदभाव किया जा रहा है। अधिकतर लोगों ने इसी कारण भोजन का पूर्ण बहिष्कार किया था, जो अगले दिन तक जारी था और कल होने वाले सेशन में भी जारी रहेगा। इस पूरे प्रकरण में संसदीय कार्यमंत्री , विधानसभा अध्यक्ष तक ने माफ़ी मांगते हुए खेद प्रकट किया है और अपनी गलती स्वीकार की है।हांलाकि इसके बाद भी कुछ तथाकथित पत्रकार भोजन का आनंद लेने चले गए थे।

  2. sanjib

    July 23, 2017 at 7:56 pm

    Ye naya kya hai?! Aaj Jyadatar Patrakar ‘Muftkhor, Bhukkhad aur Dalali’ ke kaam me lagey hain. Mulayam Raj me inki khub chalti rahi, chhanti rahi. Ab BJP ki Yogi sarkar hai, jo kehti hai- “na khaunga, na khaney dunga”. To bura kya hai bhaiyye…?

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