वरुण उपाध्याय-
भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति संकट की आशंका के बीच सरकार ने जारी किया नया आदेश, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने पर जोर
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बनाए रखने तथा जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए नया अस्थायी नियामक आदेश जारी किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून 2026 को राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित करते हुए “मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल (खुदरा विक्रय केंद्रों के माध्यम से आपूर्ति का अस्थायी विनियमन) आदेश, 2026” लागू कर दिया है।
सरकार ने आदेश में कहा है कि दुनिया के कुछ क्षेत्रों में चल रही भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम आपूर्ति शृंखलाओं और शिपिंग लॉजिस्टिक्स पर पड़ रहा है। इसके कारण भविष्य में आपूर्ति संबंधी चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। सरकार का कहना है कि ऐसी स्थिति में उपलब्ध ईंधन का विवेकपूर्ण प्रबंधन और संरक्षण आवश्यक हो गया है।
अधिसूचना के अनुसार औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ता अब खुदरा पेट्रोल पंपों से पेट्रोल या डीजल नहीं खरीद सकेंगे। उन्हें अपनी जरूरत का ईंधन केवल अपने उपभोक्ता पंपों से ही प्राप्त करना होगा। सरकार का मानना है कि थोक और खुदरा कीमतों के अंतर के कारण बड़े उपभोक्ता पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे थे, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध ईंधन प्रभावित होने का खतरा पैदा हो रहा था।
सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि पेट्रोल पंप संचालक हाई स्पीड डीजल केवल वाहन के टैंक या PESO से अनुमोदित कंटेनरों में ही बेच सकेंगे। साथ ही किसी एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं दिया जाएगा। खरीदा गया डीजल दोबारा बेचा भी नहीं जा सकेगा।
सरकार ने तेल विपणन कंपनियों और पेट्रोल पंप डीलरों को इन प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आदेश के उल्लंघन को रोकना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
यह व्यवस्था शुरू में अधिकतम 90 दिनों के लिए लागू की जा सकेगी। यदि सरकार को जरूरत महसूस हुई तो अलग आदेश जारी कर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है।
अधिसूचना में राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी निर्देश दिया गया है कि वे जमाखोरी, कालाबाजारी, अनधिकृत खरीद और ईंधन की हेराफेरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। आदेश का उल्लंघन आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और अन्य लागू कानूनों के तहत दंडनीय होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पेट्रोल और डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने, आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और किसी भी संभावित आपूर्ति संकट की स्थिति से निपटने के लिए उठाया गया है।


