मैहर। पत्रकारिता का असली उद्देश्य सिर्फ खबर लिखना नहीं, बल्कि समाज से जुड़े उन मुद्दों को मजबूती से उठाना है जिनसे आम लोगों की जिंदगी प्रभावित होती है। मैहर में खुले और असुरक्षित खदानों, हैवी ब्लास्टिंग और नियमों की अनदेखी के मामले में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ गोविंद तिवारी की रिपोर्टिंग इसी जिम्मेदारी का उदाहरण बनकर सामने आई है।

खनन क्षेत्र से जुड़े गंभीर मुद्दों पर लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद हलचल मचना शुरू हुई। कई खदान संचालकों की ओर से संपर्क करने के प्रयास किए गए। खबरों को रोकने, बातचीत के जरिए मामला शांत करने जैसे प्रयासों की चर्चाएं भी सामने आईं, लेकिन जनहित से जुड़े मुद्दे पर गोविंद तिवारी ने अपनी पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को प्राथमिकता दी।
गोविंद तिवारी ने साफ संदेश दिया कि पत्रकारिता किसी दबाव या प्रभाव के लिए नहीं, बल्कि जनता की आवाज बनने के लिए होती है। मैहर के ग्रामीण क्षेत्रों में खनन गतिविधियों से पैदा हो रही समस्याएं, ब्लास्टिंग से परेशान लोग, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण से जुड़े सवाल लगातार उनकी रिपोर्टिंग का हिस्सा रहे हैं।
कहा जाता है कि मजबूत पत्रकार वही होता है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे न हटे। गोविंद तिवारी ने भी यही साबित किया कि कलम का काम सवाल उठाना है और प्रशासन तक जनता की आवाज पहुंचाना है।
दैनिक जागरण में प्रकाशित लगातार खबरों के बाद जिला प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया। मैहर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने खदानों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
आज के दौर में जब कई बार खबरों पर प्रभाव डालने की कोशिश होती है, ऐसे समय में गोविंद तिवारी जैसे पत्रकार यह भरोसा कायम रखते हैं कि जनहित की पत्रकारिता अभी भी मजबूती से खड़ी है। मैहर में खनन के मुद्दे पर उनकी रिपोर्टिंग ने एक बार फिर साबित किया कि जिम्मेदार पत्रकारिता समाज में बदलाव की ताकत रखती है।


