10 वर्षों में हर वर्ग की आवाज बना और जन भावनाओं को ईमानदारी और निष्पक्षता से सामने लाया हिल-मेल
युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, आम नागरिकों और सैनिकों, सभी को एक सूत्र में बांधकर रखे डिजिटल चैनलः जनरल चौहान
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म और न्यूज चैनल उत्तराखंड के लोगों, यहां की संस्कृति और सफलता का कैनवस बनेगा
हिल-मेल की दस वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और जनसरोकारों से जुड़े कार्यों को भी साझा किया गया
विजय नेगी, देहरादून
उत्तराखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक और जनसरोकारों से जुड़ी आवाज को मजबूती से उठाने वाले हिल-मेल ने अपने दस वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर डिजिटल चैनल का शुभारंभ किया। देहरादून स्थित जेएसआर कॉन्टिनेंटल में आयोजित भव्य समारोह में देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान वर्चुअल माध्यम से जुड़े और डिजिटल चैनल का औपचारिक उद्घाटन किया।
समारोह में पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और सुबोध उनियाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार, कलाकार और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए। इस अवसर पर हिल-मेल की दस वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और जनसरोकारों से जुड़े कार्यों को भी साझा किया गया।

सामाजिक सरोकारों में हिल-मेल की भूमिका महत्वपूर्ण
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने हिल-मेल की सराहना करते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में संस्था ने आम लोगों की समस्याओं और मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ के गांवों से लेकर दूरस्थ क्षेत्रों तक जनता की समस्याओं, संस्कृति, युवाओं और सामाजिक सरोकारों को मंच देने में हिल-मेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जनरल चौहान ने कहा, “मेरे विचार से यह डिजिटल प्लेटफॉर्म और न्यूज चैनल केवल उत्तराखंड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की धरती के लोगों, उनकी संस्कृति और सफलता का एक कैनवास बनेगा। यह उत्तराखंड के लोगों की महज आवाज ही नहीं, बल्कि उनकी पहचान भी बनेगा। यह चैनल राज्य के निवासियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विदेशों में बसे हमारे लोगों को भी अपने साथ जोड़ेगा।”
उन्होंने आशा व्यक्त की, यह चैनल मुख्य रूप से स्थानीय समाचारों पर ध्यान केंद्रित करेगा।




उन्होंने मनजीत नेगी और चेतना नेगी की प्रशंसा करते हुए कहा, “वे दिल्ली में रहते हुए भी उत्तराखंड के लोगों की सशक्त आवाज बनकर सामने आए हैं। उन्होंने ‘रैबार’ सहित जो भी आयोजन किए हैं, उनके माध्यम से न केवल देश भर के लोगों को, बल्कि विदेशों में रह रहे प्रवासियों को भी एक मंच पर लाने का काम हुआ है। मैं ‘रैबार’ और अन्य कार्यक्रमों के समय से ही उनसे जुड़ा हुआ हूं। मैंने उन्हें बहुत करीब से देखा है और यह भी महसूस किया है कि उन्होंने पूरे समाज को एकजुट करने का सराहनीय प्रयास किया है।”
जनरल चौहान ने कहा, “मैं चाहूंगा कि यह प्लेटफॉर्म युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, आम नागरिकों और सैनिकों, सभी को एक सूत्र में बांधकर रखे और सबको साथ लेकर चले। हम मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहते हैं। यह इसलिए है, क्योंकि यह शासन में जवाबदेही लाता है, विकास की गति को तेज करता है और लोगों के हितों की रक्षा करता है, लेकिन यह तभी संभव है, जब मीडिया से जुड़े लोग एक जिम्मेदार पत्रकार की भूमिका निभाएं और जिम्मेदार पत्रकारिता के नियमों का पालन करें। बिना किसी हेरफेर के सत्यता, सटीकता, निष्पक्षता और नैतिक रिपोर्टिंग ही इस पीढ़ी की पहचान होनी चाहिए। मुझे पूरी आशा है कि मनजीत नेगी और चेतना नेगी का यह प्लेटफॉर्म इन्हीं आदर्शों को भविष्य का आधार बनाकर काम करेगा।
उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि यह एक ‘होलिस्टिक प्लेटफॉर्म’ बने, जो समाचार और मनोरंजन के बीच एक सटीक संतुलन बनाए रखे। यह नए और पुराने विचारों के साथ समाज के सभी वर्गों को आकर्षित करे और लोगों की सच्ची आवाज बने। जैसा कि मैंने पहले भी कहा, यह हमारी संस्कृति, हमारी परंपराओं और उत्तराखंड के सभी जिलों की विशिष्टताओं को उजागर करे। साथ ही, यह उत्तराखंड की आकांक्षाओं और वहां के सरोकारों के लिए एक सशक्त माध्यम साबित हो। उन्होंने हिल-मेल की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में और अधिक सफलता की कामना की।”
इस अवसर पर जनरल चौहान ने मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी की पंक्तियां सुनाईं:
खींचो न कमानों को, न तलवार निकालो,
जब तोप मुक़ाबिल हो, तो अख़बार निकालो।
हिल-मेल बना हर वर्ग की आवाज : डॉ. धन सिंह रावत
उत्तराखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को बीते एक दशक से प्रमुखता से उठाने वाले हिल-मेल के डिजिटल चैनल के शुभारंभ समारोह में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने हिल-मेल की पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पहल को प्रदेश के लिए सकारात्मक और दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम के जरिए अब उत्तराखंड की आवाज देश-दुनिया तक और अधिक प्रभावशाली तरीके से पहुंचेगी।
डॉ. रावत ने कहा कि आज डिजिटल मीडिया का दौर है और ऐसे समय में हिल-मेल का डिजिटल चैनल शुरू होना प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय प्रतिभाओं को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा और उत्तराखंड की सकारात्मक तस्वीर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आएगी।
उन्होंने कहा, मीडिया लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है और जब मीडिया जनहित को प्राथमिकता देता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होते हैं। उन्होंने हिल-मेल की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने हमेशा सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखकर कार्य किया है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हिल-मेल का डिजिटल चैनल जन जागरूकता बढ़ाने, प्रदेश के विकास कार्यों को लोगों तक पहुंचाने और समाज के वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती देने में प्रभावी भूमिका निभाएगा। उन्होंने हिल-मेल की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह मंच भविष्य में और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
विश्वसनीय पत्रकारिता की नई पहल
समारोह में उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने हिल-मेल की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए इस पहल को समाज और राज्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि मीडिया का मूल उद्देश्य समाज की वास्तविक तस्वीर को सामने लाना और जनता की आवाज को सही मंच देना होता है, और हिल-मेल ने पिछले दस वर्षों से इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया है।
उन्होंने कहा, आज के दौर में मीडिया की भूमिका केवल समाचार देने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोगों को जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने की जिम्मेदारी भी मीडिया पर है। उन्होंने कहा कि हिल-मेल ने सामाजिक सरोकारों, जनसमस्याओं, संस्कृति और लोकहित से जुड़े विषयों को लगातार प्रमुखता देकर समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वर्तमान समय डिजिटल मीडिया का है, जहां सूचनाएं तेजी से लोगों तक पहुंचती हैं। लेकिन इस दौर में विश्वसनीय और निष्पक्ष पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के बीच सही और तथ्यात्मक जानकारी लोगों तक पहुंचाना एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे हिल-मेल गंभीरता से निभा रहा है।
कैबिनेट मंत्री उनियाल ने विश्वास जताया कि हिल-मेल का डिजिटल चैनल समाज में सकारात्मक सोच और जन जागरूकता को बढ़ावा देगा। इस मंच के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति, परंपराएं, लोककला और स्थानीय प्रतिभाओं को नई पहचान मिलेगी, वहीं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी भी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगी। हिल-मेल उत्तराखंड सरकार के साथ समन्वय बनाकर कार्य करे और जहां भी लोगों को किसी प्रकार की परेशानी या समस्या हो, उसे सरकार तक पहुंचाने का माध्यम बने। इससे आम जनता का सरकार के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
उन्होंने हिल-मेल की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि लगातार दस वर्षों तक जनसरोकारों को केंद्र में रखकर कार्य करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में हिल-मेल और अधिक मजबूती के साथ समाज और प्रदेश के हित में कार्य करता रहेगा।
उत्तराखंड की आवाज को मिला वैश्विक मंच
इस अवसर पर पूर्व एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि हिल-मेल ने अपने दस वर्ष सफलतापूर्वक पूरे किए हैं और अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में नई शुरुआत कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि टीम के निरंतर परिश्रम, समर्पण और सकारात्मक सोच का परिणाम है। समारोह में कई गणमान्य अतिथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया जगत से जुड़े व्यक्तियों ने भी हिल-मेल की इस नई पहल का स्वागत किया और इसे उत्तराखंड की आवाज को वैश्विक मंच तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
‘हिल रत्न’ सम्मान से सम्मानित हुईं विशिष्ट हस्तियां
डिजिटल चैनल के उद्घाटन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को ‘हिल रत्न’ सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन शख्सियतों को प्रदान किया गया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के साथ-साथ समाज, सेवा, पर्यावरण और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।
• प्रसिद्ध नेत्र सर्जन डॉ. अंशुमन डोगरा को चिकित्सा क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
• 127 टीए बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल प्रतुल थपलियाल को पर्यावरण संरक्षण एवं सामुदायिक गतिविधियों में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
• सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल एवं चीनी भाषा विशेषज्ञ गरिमा जोशी को बहुआयामी योगदान और सेवा भाव के लिए सम्मान प्रदान किया गया। उनके कार्यों को राष्ट्र सेवा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की क्षमता को मजबूत करने वाला बताया गया।
• जापान में पिछले 25 वर्षों से कार्यरत रमेश शर्मा ने हिल-मेल से प्रेरित होकर अपने गांव में रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में कार्य कर रहे हैं। प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए प्रेरणा स्रोत बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की गई।
• राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल के डायरेक्टर डॉ. धीर सिंह को कृषि, पशुपालन और अनुसंधान क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
• पर्यटन एवं होटल व्यवसाय से जुड़े विनोद नेगी वर्तमान में अपने गांव में ‘वनवासा प्रोजेक्ट’ पर कार्य कर रहे हैं और ग्रामीण विकास एवं स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यटन को स्थानीय स्तर पर विकसित करने के प्रयासों के लिए विशेष रूप से सराहना की गई।
सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान है हिल रत्न
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि ‘हिल रत्न’ सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उन व्यक्तित्वों का सम्मान है, जो अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। यह सम्मान उन लोगों को प्रेरित करने का प्रयास है जो अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता के साथ-साथ समाज सेवा की भावना को भी आगे बढ़ा रहे हैं। समारोह में उपस्थित लोगों ने सभी सम्मानित व्यक्तित्वों का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अभिनंदन किया और हिल-मेल की इस पहल को प्रेरणादायक बताया।
वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, लोक संगीत और पारंपरिक विरासत को जीवित रखने में इन हस्तियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लोक कलाकारों ने अपनी गायन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध परंपराओं को देश-विदेश तक पहुंचाने का कार्य किया है। वहीं, पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्तित्वों ने जनसरोकारों को मजबूती से उठाकर समाज को नई दिशा देने में भूमिका निभाई है।
वहीं, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान प्रदान करने वाले कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को दीर्घायु ऑर्गेनिक हिमालय के शुद्ध पहाड़ी उत्पादों एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों को सशक्त बनाने में उनके योगदान के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से प्रदान किया गया।
सम्मानित शख्सियत
–प्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री माधुरी बर्थवाल
–जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण
–लोक गायिका रेखा धस्माना
–जीबी पंत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान
–उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय पूर्व कुलपति प्रो. ओपी एस नेगी
–वरिष्ठ पत्रकार जयसिंह रावत
–पंडित सुशील थपलियाल
फिल्म ‘कंडाली’ का प्रोमो लॉंच
पूर्व वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, चेतना नेगी तथा फिल्म ‘कंडाली’ के डायरेक्टर शिव नारायण, प्रोड्यूसर तथा जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सीईओ एयर वाइस मार्शल राजेश भंडारी, फिल्म की नायिका ने बहुप्रतीक्षित प्रोमो लॉन्च किया। समारोह में मौजूद दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से पूरी टीम का स्वागत किया। फिल्म की कहानी और प्रस्तुति को लेकर लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
कार्यक्रम के समापन पर हिल-मेल की सीईओ चेतना नेगी ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में लोगों से जो स्नेह और सहयोग हिल-मेल को मिला है, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में हिल-मेल के डिजिटल चैनल को भी दर्शकों का भरपूर समर्थन और प्यार मिलता रहेगा।
वर्तमान समय डिजिटल युग का है और ऐसे में हिल-मेल का डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करना एक सकारात्मक और दूरदर्शी पहल है। इससे समाज के हर वर्ग तक सूचनाएं तेजी से पहुंचेंगी और उत्तराखंड की संस्कृति, परंपराओं तथा जनभावनाओं को व्यापक स्तर पर पहचान मिलेगी। मीडिया केवल समाचारों का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को जोड़ने, जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने की एक सशक्त शक्ति भी है। हिल-मेल ने जिस निष्पक्षता, समर्पण और सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है, वह अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।
-जनरल अनिल चौहान, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ
हिल-मेल ने पिछले 10 वर्षों में समाज के हर वर्ग की समस्याओं और जन भावनाओं को ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ सामने लाने का कार्य किया है। पहाड़ के दूरस्थ गांवों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पलायन, संस्कृति और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने में हिल मेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
-डॉ. धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में कई ऐसे मुद्दे हैं, जो मुख्यधारा तक आसानी से नहीं पहुंच पाते। ऐसे में हिल मेल जैसे मंचों ने गांव-गांव की समस्याओं, युवाओं की आकांक्षाओं, पर्यावरण, पलायन और स्थानीय संस्कृति को मजबूती से उठाने का कार्य किया है। यही कारण है कि लोगों के बीच हिल मेल के प्रति विश्वास लगातार बढ़ा है।
-सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड
किसी भी संस्था के लिए एक दशक तक लगातार जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता बनाए रखना आसान नहीं होता, लेकिन हिल-मेल ने यह साबित किया है कि ईमानदार पत्रकारिता और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में हिल-मेल नई ऊंचाइयों को छुएगा और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा।”
-एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया सेवानिवृत


