Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

वेब-सिनेमा

यूट्यूब ने ‘स्पेशल कवरेज न्यूज़’ पर 7 दिनों के लिए वीडियो अपलोड करने पर लगाई रोक!

भारत सरकार अब उन यूट्यूब चैनलों के ख़िलाफ़ सख़्त रवैया अपना रही है, जो जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं। इस बार ‘स्पेशल कवरेज न्यूज़’ को निशाना बनाया गया है। यूट्यूब ने “कम्युनिटी गाइडलाइंस” के उल्लंघन का हवाला देते हुए चैनल की आगामी 7 दिनों की वीडियो अपलोडिंग पर रोक लगा दी है।

बताया जा रहा है कि ‘स्पेशल कवरेज न्यूज़’ शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोज़गार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लगातार उठाता रहा है, जिससे जनता के बीच सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा था। इस चैनल की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ रही थी—पिछले एक महीने में लगभग एक करोड़ दर्शकों ने इसके वीडियो देखे, जिससे कुछ प्रभावशाली वर्गों को असहजता महसूस हुई।

चैनल द्वारा हाल ही में लखीमपुर खीरी की एक बड़ी घटना को प्रमुखता से दिखाया गया, जिसका शीर्षक था—“गुब्बारे की तरह फट गई पानी की टंकी”। इसके अलावा, अखिलेश यादव से रेखा गुप्ता के सवाल, मनोज यादव द्वारा मनोज मुंतशिर पर की गई तीखी टिप्पणी, ट्रंप के बयान से उत्पन्न हलचल, यूपी में दलित व्यक्ति की पिटाई, और एक बीजेपी नेता द्वारा अखिलेश से किए गए सवाल जैसे मुद्दों पर आधारित लगभग एक दर्जन वीडियो यूट्यूब ने हटा दिए।

इस कार्रवाई के तहत चैनल की वीडियो अपलोडिंग भी 7 दिनों के लिए रोक दी गई है।

चैनल का दावा है कि उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया, ग्राम प्रहरी, और संविदा कर्मियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया, जिससे सरकार घबरा गई और आवाज़ को दबाने का प्रयास किया गया।

चैनल ने यह भी बताया कि जब उन्होंने ईवीएम से जुड़ी एक किताब के लेखक संजय कुमार सिंह का इंटरव्यू लिया, तो उसके ठीक अगले दिन वीडियो अपलोडिंग की अनुमति हटा दी गई।

चैनल के संपादक शिवकुमार मिश्रा ने कहा:

“मार्च में भी एक समाचार एजेंसी के ज़रिए हमारे चैनल पर हमला किया गया था। किसी तरह 22 मार्च को हमने चैनल को बचाया। लेकिन हम साफ़ कर देना चाहते हैं कि इस आवाज़ को कोई नहीं रोक सकता। ये न रुकेगी, न झुकेगी। सात दिन बाद हम और ताक़त के साथ वापस लौटेंगे—आपके साथ, आपके सहयोग से!”

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन