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उत्तराखंड

धामी सरकार का ‘चौथा स्तंभ’ वाला खेल: अनजान-से अखबार को 10 लाख का विज्ञापन!

Man reading a Hindi newspaper beside a government form showing a circled 999,999.99 on a table or invoice line item.

देखिए, उत्तराखंड की धामी सरकार का नया कारनामा सामने आया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने “न्यूज वायरस (H/D) देहरादून” नाम के एक अखबार/मीडिया आउटलेट को लगभग 10 लाख रुपये (ठीक-ठीक 999,999.99 रुपये) का रंगीन विज्ञापन थमा दिया।

दस्तावेज खुद बोल रहा है—

विज्ञापन अवधि: 23 जुलाई से 31 जुलाई 2026
आदेश जारी: 22 जुलाई 2026
साइज: 3333.333 वर्ग सेमी
रेट: 300 रुपये प्रति वर्ग सेमी
कुल राशि: लगभग 10 लाख

अब सवाल ये है कि ये “न्यूज वायरस” कितना बड़ा चौथा स्तंभ है? जनता में कितनी पहुंच है? कितने पाठक हैं? कितनी विश्वसनीयता है? या फिर ये भी उन सैकड़ों छोटे-मोटे मीडिया घरानों में से एक है जिन्हें सरकारी विज्ञापनों से पाल-पोस कर रखा जाता है? जनता का पैसा… सड़कें, शिक्षा, स्वास्थ्य, पहाड़ों में रोजगार… इन सब पर खर्च होना चाहिए। लेकिन यहां तो विज्ञापन का बजट ऐसे उड़ाया जा रहा है जैसे कोई लॉटरी जीत ली हो। पहले भी रिपोर्ट्स आ चुकी हैं कि धामी सरकार ने विज्ञापन पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं।

जनता के पैसे का इतना उदार इस्तेमाल देखकर सिर्फ एक बात कहनी बनती है— सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, अपनी छवि चमकाने वाले ‘मीडिया मैनेजमेंट’ पर है। अब आप बताइए— क्या ये सही है? या फिर टैक्सपेयर्स का पैसा ऐसे ही उड़ता रहेगा?


10 लाख रूपी एक वायरस…..! इस वायरस की जांच करवाई जाए तो पता चलेगा कि अभी तक कितने करोड़ रुपये डकार चुका है यूट्यूब चैनल के साथ-साथ अखबार और पोर्टल के नाम पर….धाकड़ धामी, तुम्हारी पहाड़ विरोधी और गैर उत्तराखंडी प्रेमी नीतियां तुम्हें ले डूबेंगी…..
उत्तराखंड में ऐसे तमाम वायरस है जो उत्तराखंड की गाड़ी कमाई को जैसे तैसे लूटने खसूtने में लगे हैं…. इनकी जांच हो तो पता चलेगा कि इनका प्रकाशन कितना होता है और कहां-कहां तक उनकी पहुंच है क्या खाली सूचना विभाग और हमारे मुखिया तक चाटुकारिता करने के लिए इनकी पहुंच है या जनता भी इनको कुछ जानती है..
-आशीष डोभाल

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