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मध्य प्रदेश

ग्वालियर प्रेस क्लब के पत्रकारों ने मोहन सरकार के सामने रखीं चार बड़ी डिमांड!

Group of people in casual and traditional attire standing at a construction site, forming a line and shaking hands in the center.

ग्वालियर। पत्रकारों के हितों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर ग्वालियर प्रेस क्लब ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। प्रेस क्लब ने पत्रकारों को रेलवे किराये में रियायत फिर से शुरू करने, स्वास्थ्य बीमा की जगह आयुष्मान योजना का लाभ देने, श्रद्धानिधि की राशि बढ़ाने और दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

प्रेस क्लब का कहना है कि पत्रकार विपरीत परिस्थितियों, आर्थिक चुनौतियों और विभिन्न जोखिमों के बीच जनहित के मुद्दों को शासन-प्रशासन और समाज के सामने उठाते हैं। ऐसे में पत्रकारों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए इन मांगों पर जल्द फैसला लिया जाना जरूरी है।

रेलवे किराये में रियायत फिर शुरू करने की मांग

ग्वालियर प्रेस क्लब ने कोरोना महामारी के दौरान स्थगित की गई पत्रकारों के लिए रेलवे किराये में रियायत को दोबारा शुरू करने की मांग की है। क्लब ने कहा कि महामारी की परिस्थितियां खत्म होने के बावजूद यह सुविधा अब तक बहाल नहीं हुई है।

प्रेस क्लब ने राज्य सरकार से केंद्र सरकार के स्तर पर आवश्यक पहल कर पत्रकारों को पहले की तरह रेलवे किराये में रियायत दिलाने का आग्रह किया है।

स्वास्थ्य बीमा की जगह आयुष्मान योजना का लाभ

पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत हर साल बीमा के लिए राशि का भुगतान करने की व्यवस्था को खत्म कर पात्र पत्रकारों और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के निशुल्क इलाज की सुविधा देने की मांग की गई है।

प्रेस क्लब ने उत्तर प्रदेश में पत्रकारों को आयुष्मान योजना का लाभ दिए जाने की व्यवस्था का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश में भी इसी तरह की सुविधा लागू करने की मांग की है।

श्रद्धानिधि बढ़ाकर 40 हजार रुपये करने की मांग

मध्य प्रदेश में पत्रकारों को दी जाने वाली श्रद्धानिधि की मौजूदा राशि 20 हजार रुपये प्रतिमाह है। प्रेस क्लब ने महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत को देखते हुए इसे बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है।

इसके साथ ही गंभीर और असाध्य बीमारी से पीड़ित पत्रकारों के मामले में श्रद्धानिधि के लिए निर्धारित आयु सीमा में विशेष छूट देने की मांग भी की गई है। प्रेस क्लब का कहना है कि पत्रकारिता संस्थानों में सेवानिवृत्ति की सामान्य आयु 58 वर्ष है, इसलिए श्रद्धानिधि की पात्रता की आयु सीमा भी घटाकर 58 वर्ष की जानी चाहिए।

दिवंगत पत्रकारों के परिवार को 8 लाख रुपये की सहायता

प्रेस क्लब ने बीमारी, दुर्घटना या अन्य कारणों से असामयिक मृत्यु का शिकार होने वाले पत्रकारों के आश्रित परिवारों को 8 लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने की मांग की है।

क्लब के मुताबिक, सरकार की ओर से इस संबंध में पहले घोषणा की जा चुकी है, लेकिन योजना का अपेक्षित रूप से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। ऐसे में लंबित प्रकरणों का जल्द निपटारा कर दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को घोषित सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

प्रेस क्लब ने सरकार से इन सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द आदेश जारी करने का आग्रह किया है। क्लब का कहना है कि पत्रकार जनसमस्याओं और जनहित के मुद्दों को समाज और सरकार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इस दौरान ग्वालियर प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश शर्मा, सचिव सुरेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार सुरेश दंडोतिया, विनय अग्रवाल, अजय मिश्रा, प्रवीण दुबे, सुरेंद्र माथुर, राजेंद्र तलेगांवकर, जोगेंद्र सेन, हरीश चंद्रा, राजेश जायसवाल, रवि उपाध्याय, राकेश वर्मा, जयदीप सिकरवार और विक्रम प्रजापति समेत अन्य पत्रकार मौजूद रहे।

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