नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए भवन हादसे को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और न्यूज एजेंसी ANI पर सवाल उठाए हैं। खेड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि ANI ने अपनी पोस्ट को एडिट कर ऐसा दिखाया कि सत्य निकेतन हादसे के बाद अमित शाह ने गोवा का कार्यक्रम रद्द कर दिया था।
खेड़ा ने दावा किया कि अमित शाह रविवार को गोवा में मौजूद थे और उन्होंने वहां नवनिर्मित BJP के राज्य मुख्यालय ‘अटल भवन’ का उद्घाटन भी किया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक शाह ने हादसे की जानकारी मिलने के बाद उद्घाटन समारोह का राजनीतिक कार्यक्रम बीच में ही समाप्त कर दिया था। इसके बाद उन्होंने पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक और गोवा पुलिस के President’s Colour समारोह में हिस्सा लिया।
खेड़ा ने अपने पोस्ट में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार के दौरान 290 BJP कार्यालय बनाए जा चुके हैं, 105 निर्माणाधीन हैं और 123 अन्य कार्यालयों के लिए जमीन खरीदी जा चुकी है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर BJP कार्यालयों के निर्माण में खर्च होने वाले करोड़ों रुपये कॉलेजों और छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने में लगाए जाते, तो शायद सत्य निकेतन जैसी घटना को टाला जा सकता था।
सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से कई छात्रों की मौत और अन्य लोगों के घायल होने के बाद दिल्ली में छात्र सुरक्षा और PG भवनों की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है और मामले में FIR भी दर्ज की गई है।
नोट: पवन खेड़ा के BJP कार्यालयों और सत्य निकेतन हादसे के बीच संबंध को लेकर किया गया दावा उनका राजनीतिक आरोप/मत है, स्थापित तथ्य नहीं।


पवन खेड़ा का मूल ट्वीट-
ANI edited its post yesterday to portray Amit Shah as being so sensitive to the Satya Niketan tragedy that he cancelled his Goa event.
What they wanted to erase was the fact that Amit Shah was in Goa yesterday to inaugurate a newly constructed BJP state headquarters.
Just days ago, Nadda ji was boasting that under Modi, 290 BJP offices have been built, 105 are under construction, and land has been acquired for another 123.
Think about that.
Had the crores poured into building lavish BJP offices instead been spent on colleges and student hostels, perhaps yesterday’s tragedy in Satya Niketan could have been avoided.


