नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सोमवार को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश किया गया, जिसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललेर ने यह आदेश दिया।
यह मामला जुलाई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान एक दलित छात्र-कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। स्वतंत्र भारद्वाज को 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने उनके खिलाफ मारपीट के अलावा SC/ST एक्ट और POCSO एक्ट के तहत भी धाराएं लगाई हैं। शुरुआत में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) (साधारण चोट पहुंचाना) और 126(2) (गलत तरीके से रोकना) के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में प्रदर्शनकारियों की ओर से शिकायत और विरोध के बाद मामले में गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ा विवाद
मामले के बीच स्वतंत्र भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर दावा किया था कि उन्होंने छात्र के पिता की खोपड़ी फोड़ दी थी और पुलिस ने उन्हें कुछ घंटों के लिए ही हिरासत में लिया था। उन्होंने NDA नेताओं कपिल मिश्रा और चिराग पासवान से करीबी का भी दावा किया था। हालांकि, चिराग पासवान ने इन दावों से इनकार करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ अलग शिकायत दर्ज कराई थी।
इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका भी दाखिल की है।
अब दिल्ली की अदालत के ताजा आदेश के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को अगले 14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा।
पकड़ा गया गुंडा!
स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर के धमेड़ा नारा गांव में दिल्ली पुलिस के हाथों पकड़ा गया है. स्वतंत्र भारद्वाज के साथ पवन नाम का एक युवक भी दिल्ली पुलिस ने पकड़ा है.
दिल्ली में टेक्सी ड्राइविंग करने वाले हरिशंकर उर्फ अन्नू ने स्वतंत्र भारद्वाज और पवन के पकड़े जाने की पुष्टि की है. हरिशंकर उर्फ अन्नू बुलंदशहर के नेथला गांव के निवासी हैं. बीती रात स्वतंत्र भारद्वाज और पवन, हरिशंकर के घर ही रात्रि विश्राम किए थे.
हरिशंकर उर्फ अन्नू के घर में ही स्वतंत्र भारद्वाज ने प्रेस वार्ता की थी.
दिल्ली- अदालत ने “हिंदू ह्रदय सम्राट” स्वतन्त्र भारद्वाज को 14 दिन की जुडिशियली कस्टडी में भेज दिया है. स्वतन्त्र भारद्वाज पर दलित नीशू के पिता पर जानलेवा हमला करने के आरोप है. इस केस में पॉक्सो एक्ट और SCST एक्ट की धाराऐं भी बढ़ाई गयी है.
-नरेंद्र प्रताप


