शीतल पी सिंह-
राम के नाम पर..
पहली बारिश में भगवान राम को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने वाली बीजेपी राज्यसभा सांसद नवीन जैन की कंपनी PNC का क्या है 4300 करोड़ में बनने वाली राम वन गमन पथ कॉरिडोर से नाता?
भाजपा के सबसे अमीर सांसद नवीन जैन का क्या है इस कपनी से रिश्ता?
प्रयागराज से करीब 35–40 किलोमीटर दूर श्रृंगवेरपुर को जोड़ने वाले राम वन गमन पथ पहली बारिश में ये 6 लेन पुल धंस गया है, खुद चीख चीख कर भ्रष्टाचार की परतें खोल रहा है।
केंद्र सरकार के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार अयोध्या से चित्रकूट तक प्रस्तावित राम वन गमन मार्ग की लंबाई करीब 210 किलोमीटर है। यह मार्ग अयोध्या से फैजाबाद, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जेठवारा, श्रृंगवेरपुर, मंझनपुर और राजापुर होते हुए चित्रकूट को जोड़ने के लिए प्रस्तावित किया गया था। श्रृंगवेरपुर में गंगा नदी पर पुल भी परियोजना का हिस्सा है।
ध्यान दीजिए, इस हजारों करोड़ रुपये की हाई-प्रोफाइल परियोजना को गंगा पर छह लेन का पुल का ठेका PNC Infratech कंपनी को मिला।
PNC के पीछे कौन है?
कंपनी की management में-
- Pradeep Kumar Jain — Chairman & MD
- Chakresh Kumar Jain — Managing Director
- Yogesh Jain — Managing Director
- Naveen Kumar Jain — Promoter
कुछ साल पहले ही नवीन जैन मालिक के पद से हटे हैं और अपने भाई और बेटों को कंपनी का मालिक बना दिया।
कंपनी के प्रदीप कुमार जैन, चक्रेश कुमार जैन, योगेश जैन और परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं। इनके नाम के पहले अक्षरों पर PNC नाम पड़ा।
प्रदीप जैन, चक्रेश, दोनों नवीन जैन के भाई हैं जो भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं।
नवीन जैन के 2024 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी घोषित कुल संपत्ति लगभग ₹441.95 करोड़ थी। उसी हलफनामे में उन्होंने PNC Infratech के लगभग ₹291.99 करोड़ मूल्य के शेयर और NCJ Infrastructure Pvt. Ltd. में लगभग ₹72.68 करोड़ की हिस्सेदारी घोषित की थी।
सवाल यह उठता है कि-
- NHAI ने क्या प्रमाणित किया?
- contractor को भुगतान से पहले कौन-कौन से quality certificates लिए गए?
इस कंपनी को और कौन कौन से ठेके मिले हैं?
- अप्रैल 2026 में PNC NHAI के दो projects में भाग ली, जिनकी संयुक्त Bid Project Cost लगभग ₹3,483 करोड़ थी।
- Lucknow Development Authority का लगभग ₹200 करोड़ का Gomti river bank 4-lane flyover project
- UP State Bridge Corporation का लगभग ₹559 करोड़ का EPC bridge project
- Prayagraj–Kaushambi रोड का ठेका
इस कंपनी को NHAI और दूसरी राज्य सरकारों से (महाराष्ट्र समेत)में कई बड़े ठेके मिले हैं।
2025 में कंपनी की reported order book लगभग ₹17,792 करोड़ थी।
प्रयागराज के पत्रकार रवि राज (ravi raj prayagi) की निडरता और साहस को सलाम, जो इनके ठिकानों पर घूम घूमकर इनकी पोल खोल रहे हैं।



