अरविंद शर्मा-
संजय राय : खबरों से आगे एक शख्सियत

मेरे करीबी मित्र और वरिष्ठ पत्रकार संजय राय इन दिनों चर्चा में हैं। पत्रकारिता में अहम योगदान के लिए उन्हें दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में सम्मानित किया गया है। मेरे लिए यह केवल एक पत्रकार के सम्मान की खबर नहीं, बल्कि उस सहज, सौम्य और सज्जन व्यक्तित्व का सम्मान है, जिसने अपने पेशे में अपनी जगह उछल-कूद करके नहीं, बल्कि व्यवहार, भरोसे और आत्मीयता से बनाई है।
संजय भाई आजमगढ़िया हैं और पुराने प्रतिष्ठित अखबार ‘आज’ के नेशनल ब्यूरो चीफ हैं। पिछले 26 वर्षों से दिल्ली के लुटियन जोन की खबर रखते आ रहे हैं। समसामयिक विषयों पर उनके लेख हिंदी और उर्दू के अनेक समाचार पत्रों, पत्रिकाओं और डिजिटल मंचों पर प्रकाशित होते रहे हैं। चुनिंदा उर्दू लेखों का संग्रह ‘आलमी मंजरनामा’ पुस्तक के रूप में प्रकाशित हो चुका है। मगर मेरी नजर में संजय राय अपनी इन सारी उपलब्धियों से आगे की शख्सियत हैं।
अगर आप उन्हें संपूर्णता में जानना चाहते हैं तो उनसे मिलिए, उनके पास बैठिए, उन्हें समय दीजिए। वह आपने अनुभवों से ही परिचित नहीं कराएंगे, बल्कि रिश्तों और संवाद की उस दुनिया से भी रूबरू कराएंगे, जिसे आज की भागती जिंदगी में हम पीछे छोड़ आते हैं।
संजय भाई की सबसे बड़ी पूंजी उनकी सौम्यता है। उन्हें देखते ही सामने वाले के चेहरे पर सहज मुस्कान तैर जाती है। वह दिल से सुनते हैं और मन से सुनाते हैं। बातचीत में न दिखावा, न औपचारिकता, सिर्फ अपनापन। उनसे बातें करना कुछ नया जानने और समझने का अवसर देता है। मैंने उन्हें खबरों के पीछे भागते नहीं देखा। खबरें ही उनके पास आती रही हैं। यह वर्षों की विश्वसनीयता और रिश्तों की कमाई है।
राय साहब का सम्मान वास्तव में उस पत्रकारिता का सम्मान है, जिसमें पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ इंसानियत, विनम्रता और रिश्तों की गर्माहट भी बची हुई है।
मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।

दिनांक 19 सितंबर, 2026 को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह और प्राइम इंडिया मीडिया हाउस द्वारा आयोजित कार्यक्रम में देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी (IIT Delhi से बीटेक, स्विट्जरलैंड के IMD Lausanne से एमबीए) और पूर्व मंत्री एवं सांसद डॉ. अशोक वाजपेई के हाथों 26 वर्षों की जन सरोकार से जुड़ी पत्रकारिता के लिए मिले सम्मान से अभिभूत हूं।
यह सम्मान उन सभी पत्रकार बंधुओं को समर्पित है, जो तमाम समस्याओं से जूझते हुए जनता के बीच रहकर लोकतंत्र के चौथे खंभे को मजबूत बनाए रखने में अपना योगदान दे रहे हैं। यह सम्मान हमें अपना काम सही तरीके से करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। यही हमारे मेहनत की असली कमाई है।
-संजय राय, वरिष्ठ पत्रकार




