अमरोहा के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के झुलपुरी गांव स्थित फार्म हाउस में 22 सितंबर 2026 की रात हरियाणा (फतेहाबाद) की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड के खानपुर (हरिद्वार) से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार शर्मा चर्चा के केंद्र में हैं। घटना उस संपत्ति पर हुई है जिसे स्थानीय रिपोर्टों में उनके फार्म हाउस या “डीडी फार्म हाउस / डीडी ब्रदर्स फार्म हाउस” के रूप में बताया जा रहा है।
चारों आरोपी गिरफ्तार हैं—हसनपुर थाने के दरोगा संजय तोमर, सिपाही प्रमोद, सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम यादव और हेड कांस्टेबल मोहित। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(1) के तहत दर्ज है। यूपी पुलिस के दोनों कर्मी निलंबित हैं और सीआरपीएफ को विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। पीड़िता के अनुसार उसे धार्मिक स्थलों की यात्रा के बहाने सोनीपत-मेरठ होते हुए हसनपुर लाया गया, फार्म हाउस पर कमरे लिए गए, खाना-शराब आई और फिर तीन आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। चौथे ने कोशिश की तो उसने दरवाजा अंदर से बंद कर पुलिस को फोन किया।
पत्रकार से विधायक तक का सफर
उमेश कुमार शर्मा 2022 के विधानसभा चुनाव में खानपुर से निर्दलीय जीते थे। इससे पहले वे खोजी पत्रकार और न्यूज चैनल (समचार प्लस / न्यूज प्लस आदि) से जुड़े रहे। हरीश रावत और त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के समय के स्टिंग ऑपरेशन से उन्हें चर्चा और ढेरों आरोप मिले थे। बाद में उन्होंने जन निर्माण पार्टी की घोषणा की और पत्नी सोनिया शर्मा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। खानपुर में पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह ‘चैंपियन’ परिवार से पुरानी रंजिश भी सार्वजनिक रही है।
यही व्यक्ति अब उस संपत्ति के मालिक के रूप में चर्चा में हैं जहां वर्दीधारी आरोपी रात को पहुंचकर कमरे ले सके।
फार्म हाउस पर सवाल
रिपोर्टों के अनुसार यह जगह अतरासी-हसनपुर मार्ग पर झुलपुरी के पास है, करीब 65 बीघा में बताई जाती है और 2016-18 के आसपास तैयार हुई। राजस्व विभाग की टीम ने फार्म हाउस की जमीन और रिकॉर्ड की जांच शुरू की है। स्थानीय रिपोर्टों में इसे विधायक और उनके ससुर के नाम से जुड़ी कृषि भूमि पर बना बताया गया है।
केयरटेकर रामनिवास की तहरीर और अखबारों में छपे बयान के अनुसार राजबपुर थाने के दरोगा नरेशपाल राणा समेत कुछ लोग फार्म हाउस की लोकेशन मांगते रहे, “गृह मंत्रालय की जांच” और महिला अधिकारी का बहाना बनाया गया, धमकी भी दी गई और फिर परिसर में घुसकर कमरे लिए गए। विधायक का पक्ष है कि वे घटना के समय खानपुर के लंढोरा में रोड शो और कार्यक्रम में थे (शाम 6:30 से रात 11 बजे तक), साल में एक-दो बार ही फार्म जाते हैं और केयरटेकर को गुमराह किया गया। उन्होंने खुद शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
सवाल यहीं से शुरू होते हैं:
• स्थानीय थाना इंचार्ज और सीआरपीएफ कर्मी “जांच टीम” का बहाना बनाकर विधायक की संपत्ति पर कमरे कैसे ले पाए?
• केयरटेकर को लोकेशन और एंट्री देने के लिए क्या दबाव या पहचान का इस्तेमाल हुआ?
• फार्म हाउस का नियमित उपयोग कौन करता है—केवल मालिक या अन्य लोग भी?
• राजस्व जांच में भूमि का मालिकाना हक, निर्माण और उपयोग क्या निकलता है?
पुलिस का कहना है कि मालिक विधायक से भी पूछताछ होगी और यह देखा जाएगा कि फार्म हाउस उनकी अनुमति से इस्तेमाल हुआ या नहीं।
क्या साफ है और क्या नहीं
चारों आरोपी वर्दीधारी हैं और गिरफ्तार हैं—यह तथ्य पुलिस ने पुष्टि किया है। घटना की तारीख, स्थान और पीड़िता की शिकायत के मुख्य बिंदु भी सार्वजनिक रिकॉर्ड में हैं। उमेश कुमार शर्मा पर खुद दुष्कर्म का आरोप पुलिस ने नहीं लगाया है; वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं बताए गए हैं।
फिर भी एक जनप्रतिनिधि की बड़ी संपत्ति पर रात को पुलिस-सीआरपीएफ कर्मी इस तरह पहुंच सकें, कमरे ले सकें और केयरटेकर को धमकी/बहाने का हवाला दिया जाए—यह सामान्य निजी फार्म हाउस का चित्र नहीं है। पत्रकारिता से राजनीति में आए व्यक्ति के लिए यह और भी तीखा सवाल है: जब वे खुद जांच और खुलासे की भाषा बोलते रहे, तब उनकी संपत्ति पर वर्दीवालों के इस इस्तेमाल की जवाबदेही कौन लेगा?
भाकियू संयुक्त मोर्चा समेत कुछ संगठनों ने आरोपियों की सजा और सीबीआई जांच की मांग की है। अमरोहा पुलिस और राजस्व विभाग की जांच अभी चल रही है। फार्म हाउस के मालिकाना हक, अनुमति, केयरटेकर की भूमिका और आरोपियों के स्थानीय संपर्क—ये बिंदु अब सिर्फ “मालिक दूर था” कहकर बंद नहीं हो सकते।
(नोट: यह रिपोर्ट प्रकाशित समाचारों, पुलिस बयानों और विधायक के सार्वजनिक स्पष्टीकरण पर आधारित है। आरोप सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं।)



क्यों करवाई तहरीर वापस ? अब चालाकी नहीं चलने वाली , इलाज होगा
मित्रों, कोई पैंतरेबाजी नहीं चलने वाली नहीं चलेगा बेटे का sympathy card
चालाकी साजिश झूठ नहीं चलेगा
आदरणीय योगी जी का राज्य है अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे
क्या डर सता रहा था कि इस तहरीर पर अन्वेषण जांच के दौरान गहराई से तथ्य खंगाले जाएंगे , और फिर वो CDR से सच बाहर आयेगा जिससे अपने और नकार्जन पर सख्त कार्यवाही होगी
इसलिए वापस ली तहरीर
इसी का खौफ सता रहा है जो बौखलाहट में byte में 2026 को 2022 बोला गया : वैसे चेहरे का उड़ा हुआ रंग और परेशानी की लकीरें द्योतक है इस भयंकर डर की
फ़िक्र न करो सम्मानित योगी बाबा महामर्द का डंडा अत्यधिक मजबूत है , जो पाप और पापी को भी नेस्तानाबूद करता है.बलातकार आरोपी का करो पूर्ण बॉयकॉट
सम्मानित देवभूमिवासियोंइस “देवभूमि के कलंक” नारी पर घिनौने जघन्य दुर्दांत अपराध करने वाले वहशी दरिंदे का “पूर्ण बॉयकॉट” किया जाए
आज अमरोहा ऊ प्र में इस दरिंदे का “पुतला दहन” कर CBI की जांच और नारी शोषण का अड्डा बने गेस्ट हाउस पर बुलडोजर कार्यवाही की मांग की गई
देवभूमि उत्तराखंड में भी ऐसे ज़लील को विधायक बनाने पर शर्मसार हुई महान जनता को चाहिए कि इसके पुतले सारे आम जलाए जाएंजय हिंद जय उत्तराखण्ड
-कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन (पूर्व विधायक, खानपुर)
सोशल मीडिया पर कुछ खबरे लगातार वायरल हो रही है जिसमे मेरे अमरोहा स्थित फ़ार्म पर घटना को घटित होना बताया गया है। पूरा प्रकरण ये है । अगर स्थानीय थाना इंचार्ज सीआरपीएफ के लोगो के साथ फ़ार्म पर आता है तो क्या चौकीदार गेट नहीं खोलेगा ? बाक़ी प्रकरण पुलिस को दी गई इस तहरीर में आप पढ़ सकते है। बाक़ी जिस समय घटना घटी उस समय मैं खानपुर के लंढोरा में शाम 6:30 बजे से रात के 11 बजे तक रोड शो और सार्वजनिक कार्यक्रम में था। सोशल मीडिया पर सभी साक्ष्य उपस्थित है। आखरी बात जब पुलिस प्रसाधन ही भक्षक बन जाये तो कोई क्या कर सकता है।
साँच को आँच नहीं होती, युवती दो दिन से अपराधियों के साथ थी , 22 की रात को फ़ार्म पर पहुँचने से पहले 21 तारीख़ को भी इनके साथ रुकी थी।फ़ार्म हाउस की राजस्व विभाग ने जाँच के बाद क्लीन चिट दी , एक भी इंच भूमि पर अतिक्रमण नहीं। पूरा प्रकरण पढ़िए धीरे-धीरे सारी परतें खुलेंगी, उत्तर प्रदेश सरकार का आभार निष्पक्ष जाँच कराने हेतु।
-उमेश कुमार (विधायक, खानपुर)


