नई दिल्ली: प्रसार भारती की डीडी फ्री डिश के MPEG-4 स्लॉट के लिए हुई मध्य-वर्ष की 102वीं ई-नीलामी में न्यूज लीडर, TV7 भारत और PTC सिमरन सफल बोलीदाता के रूप में सामने आए हैं।
प्रसार भारती की ओर से जारी नतीजों के मुताबिक, इन तीनों चैनलों को 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि के लिए स्लॉट मिले हैं।
प्रसार भारती ने खाली MPEG-4 स्लॉट आवंटित करने के लिए 16 सितंबर को मध्य-वर्ष की ई-नीलामी का नोटिस जारी किया था। इसके लिए ई-नीलामी 24 सितंबर को आयोजित की गई थी। नियमित वार्षिक आवंटन प्रक्रिया के विपरीत यह मध्य-वर्ष की नीलामी वित्त वर्ष के बचे हुए छह महीनों यानी 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए है।
प्रसार भारती ने भाग लेने वाले चैनलों को उनकी भाषा और शैली के आधार पर पांच श्रेणियों में बांटा था। न्यूज और करेंट अफेयर्स चैनलों वाली G1 श्रेणी के लिए शुरुआती रिजर्व कीमत 39.83 लाख रुपये तय की गई थी। इसके बाद नॉन-न्यूज और करेंट अफेयर्स चैनलों वाली G2 श्रेणी के लिए यह कीमत 36.40 लाख रुपये थी।
क्षेत्रीय चैनलों के लिए पंजाबी, मराठी, गुजराती, बंगाली और उड़िया चैनलों को R2 श्रेणी में रखा गया था, जिसका रिजर्व मूल्य 21.56 लाख रुपये था। वहीं संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के चैनलों के लिए R3 श्रेणी बनाई गई थी। इसमें हिंदी और उर्दू के साथ R1 और R2 में शामिल भाषाओं को बाहर रखा गया था। इस श्रेणी का रिजर्व मूल्य 3.31 लाख रुपये था।
सबसे कम शुरुआती रिजर्व कीमत 3 लाख रुपये R1 श्रेणी के लिए तय की गई थी। इसमें तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं के चैनल शामिल थे। G1 और G2 श्रेणियों में बोली बढ़ाने की न्यूनतम राशि 1 लाख रुपये, जबकि तीनों क्षेत्रीय भाषा श्रेणियों में 50 हजार रुपये रखी गई थी।
नीलामी की शर्तों के तहत चैनलों को बोली प्रक्रिया के दौरान घोषित शैली और भाषा में मुख्य रूप से कंटेंट प्रसारित करना होगा। प्रसार भारती ने ‘मुख्य रूप से’ की सीमा 75 प्रतिशत तय की है। इसमें विज्ञापन और प्रचार सामग्री को छोड़कर कंटेंट का 75 प्रतिशत होना जरूरी है, जो चैनल के कुल मासिक कंटेंट का कम से कम 60 प्रतिशत बैठता है।


