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सारे न्यूज़ चैनलों ने राहुल गांधी से संबंधित फेक न्यूज़ चलाई, असली मामला पढ़िए!

Hindi news article screenshot from Aaj Tak about Rahul Gandhi’s question and Supreme Court verdict in Delhi news layout

रणविजय सिंह-

कल आजतक (Aaj Tak) ने नेता विपक्ष राहुल गांधी को लेकर एक फर्जी खबर चलाई. बाद में Aaj Tak की देखादेखी बाकी चैनलों पर भी ये फेक न्यूज फैलाई गई.

बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के आचरण को लेकर फटकार लगाई है. जबकि सच्चाई ये है कि कोर्ट ने संजय राउत को लेकर टिप्पणी की थी.

खास बात है कि कोर्ट ने किसी भी पिटीशनर का नाम नहीं लिया था. कोर्ट ने कहा था कि – वह ‘याचिकाकर्ताओं में से एक’ से उसके आचरण के बारे में स्पष्टीकरण मांगेगा.

इसके बाद BJP और मोदी सरकार की ओर से खबर प्लांट की गई कि कोर्ट ने राहुल गांधी को फटकार लगाई है, ताकि राहुल गांधी की छवि खराब की जा सके.

Aaj Tak ने सरकार के आदेश पर इस खबर को आगे बढ़ाया. तुरंत न्यूज चैनल पर चलने लगा कि राहुल गांधी के आचरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है.

जबकि कोर्ट के ऑर्डर में साफ हो गया कि ये बात संजय राउत के एक बयान को लेकर कही गई थी.

सवाल है – क्या Aaj Tak जिम्मेदारी लेते हुए फेक न्यूज के लिए माफी मांगेगा?

इस थ्रेड में आपको Aaj Tak की चलाई गई खबर भी मिलेगी और संजय राउत का बयान भी मिलेगा.


Screenshot of a Live Law tweet about Supreme Court petition and judges' remarks; includes multiple paragraphs of text and a cropped portrait of a man in a white shirt at the bottom.

चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ INDIA गठबंधन के नेताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत से उनके आचरण को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।

पोस्ट में दी गई जानकारी के प्रमुख बिंदु:

संजय राउत से स्पष्टीकरण मांगा: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिका को फिलहाल संजय राउत की पहल पर सुनवाई के लिए स्वीकार किया जा रहा है, लेकिन यह उनके आचरण पर स्पष्टीकरण देने की शर्त के अधीन है।

अदालत की अवमानना का मामला: पोस्ट के मुताबिक, अटॉर्नी जनरल ने इससे एक दिन पहले न्यायपालिका और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ संजय राउत की टिप्पणियों को लेकर आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की सहमति दी थी।
CJI की टिप्पणी: सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं में से एक को अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायाधीश बाहर दिए जा रहे बयानों से अनजान नहीं हैं और वे किसी आइवरी टावर (आम लोगों से कटे हुए स्थान) में नहीं रहते।

संक्षेप में: पोस्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी नेताओं की याचिका पर विचार करते हुए संजय राउत के बयानों और आचरण पर सवाल उठाया है। साथ ही, न्यायपालिका और CJI पर उनकी टिप्पणियों को लेकर आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की सहमति दिए जाने का भी उल्लेख है।

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