महराजगंज के कप्तान शक्ति मोहन अवस्थी और उनकी टीम की बड़ी कामयाबी: नेपाल के एक झाड़-फूंक करने वाले की सलाह पर रची गई थी साज़िश। दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार, पुलिस टीम को ₹25,000 का इनाम।
उत्तर प्रदेश के महराजगंज ज़िले में अंधविश्वास की एक खौफ़नाक साज़िश का पर्दाफ़ाश हुआ है। ठूठीबारी थाना क्षेत्र से अगवा किए गए दो महीने के एक बच्चे को पुलिस ने दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अमावस्या के दिन बच्चे की बलि देने की तैयारी में थे और यह एक-दो दिन में होने वाला था। मामले में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
आधी रात घर से उठा ले गई महिला
3 नवंबर 2026 की रात ठूठीबारी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक परिवार घर में सो रहा था। रात करीब 2 से 4 बजे के बीच कोई घर में घुसा और मां-बाप के पास सो रहे दो माह के बेटे को उठा ले गया। सुबह पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और कई टीमें बनाकर तलाश शुरू कर दी।
कप्तान शक्ति मोहन अवस्थी की टीम ने CCTV की कड़ियां जोड़कर दिल्ली तक किया पीछा
घटनास्थल के आसपास की फुटेज में तड़के करीब 3:57 बजे राजाबारी पुल के पास एक महिला गोद में बच्चा लिए निचलौल रोड की ओर जाती दिखी। आगे के कैमरों में वह ठूठीबारी बस स्टैंड तक पहुंचती दिखी। एक बस चालक ने बताया कि वह महिला सुबह करीब 5 बजे बस से शिकारपुर मोड़ पर उतरी थी और घुघली की ओर गई थी।
स्थानीय पूछताछ और मुखबिरों की मदद से महिला की पहचान घुघली थाना क्षेत्र के कफवा गांव की सावित्री के रूप में हुई। वह घर पर नहीं मिली और फोन पर भी गोलमोल जवाब देती रही, तो पुलिस ने सर्विलांस से उसकी लोकेशन ट्रैक की। लोकेशन का पीछा करते हुए टीम दिल्ली पहुंची, जहां कश्मीरी गेट बस स्टैंड पर सावित्री अपने साथी करण कुमार गौतम के साथ एक बच्चे को लिए मिली। बच्चे के बारे में दोनों कोई ठीक जवाब नहीं दे सके। पुलिस ने बच्चे की फोटो व्हाट्सएप पर पिता को भेजी और उन्होंने उसे अपने बेटे के रूप में पहचान लिया।
पुलिस के मुताबिक, डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल की जांच की गई और कुल 100 से ज़्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
“लापता पति और बेटा लौट आएंगे”
पूछताछ में जो सामने आया, वह चौंकाने वाला है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बच्चे की बलि अमावस्या के दिन दी जानी थी। उनका मानना था कि ऐसा करने से सह-आरोपी सरस्वती के कई साल से लापता पति और बेटा वापस आ जाएंगे और परिवार में हो रही अकाल मौतें रुक जाएंगी। पुलिस के अनुसार, यह सलाह नेपाल के बैरियहवा के एक झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति ने दी थी। इसी अंधविश्वास में सावित्री और सरस्वती ने अपहरण की योजना बनाई। इसमें सावित्री का दूसरा पति करण कुमार गौतम भी शामिल था।
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गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है: कफवा गांव (थाना घुघली, महराजगंज) की सावित्री, इसी गांव की 55 वर्षीय सरस्वती, और देवरिया का 22 वर्षीय करण कुमार गौतम। तीनों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 140(4), 331(5) और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 80 के तहत केस दर्ज है। तीनों को अदालत में पेश किया जा रहा है।
मेडिकल जांच के बाद बच्चे को परिवार को सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने बरामदगी करने वाली टीम को ₹25,000 नकद इनाम देने की घोषणा की है। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ और क्षेत्राधिकारी निचलौल रविन्द्र कुमार सिंह की निगरानी में ठूठीबारी पुलिस, एसओजी, स्वाट और डॉग स्क्वायड की संयुक्त टीम ने की।

