Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

फ्री-टू-एयर चैनलों को विज्ञापनों के लिए निर्धारित समय सीमा से मुक्त करेगी सरकार

सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि सरकार फ्री-टू-एयर (एफटीए) चैनलों को विज्ञापन समय की सीमा के नियम से मुक्त करना चाहती है। इस संबंध में जल्दी ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। सरकार का ये निर्णय उन न्यूज़, म्यूज़िक व क्षेत्रीय ब्रॉडकास्टरों के लिए खुशखबरी है जो विज्ञापन समय की सीमा थोपे जाने के कारण सरकार और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
 
जावड़ेकर ने केबल टीवी डिजिटलीकरण के तीसरे व चौथे चरण के लिए बनी टास्कफोर्स की पहली बैठक के दौरान कहा, “हम जल्दी ही एफटीए चैनलों को 12 मिनट की विज्ञापन सीमा के नियम से मुक्त करने का फैसला लेंगे। लेकिन पे चैनलों को विज्ञापन समय सीमा के नियम का पालन करना होगा। इस फैसले से मैं उन्हें (पे चैनलों को) फ्री होने के लिए प्रोत्साहित कर रहा हूं।”
 
जावड़ेकर ने कहा कि वे पे चैनलों पर विज्ञापन सीमा लगाने के पक्ष में हैं, पे-चैनलों को ग्राहकों पर विज्ञापनों की अधिक बमबारी नहीं करनी चाहिए। उन्होने कहा कि ग्राहक चैनल के लिए दाम अदा करा करें और साथ ही विज्ञापन भी देखने को मजबूर हों ये उचित नहीं है। ब्रॉडकास्टर अधिक विज्ञापन चला सकते हैं लेकिन फिर उन्हें अपने चैनलों को ग्राहकों के लिए मुफ्त कर देना चाहिए।
 
केबल टीवी नेटवर्क नियम (सीटीएनआर) 1994 में निर्धारित विज्ञापन संहिता के अनुसार, “कोई भी प्रोग्राम प्रति घंटे 12 मिनट से ज्यादा के विज्ञापन नहीं चलाएगा जिसमें प्रति घंटे 10 मिनट के कमर्शियल विज्ञापन और 2 मिनट के चैनल के खुद के प्रोग्रामों के प्रमोशनल विज्ञापन हो सकते हैं।” एफटीए ब्रॉडकास्टर मांग करते रहे हैं कि उन्हें विज्ञापन समय की सीमा वाले नियम से बरी कर देना चाहिए क्योंकि खुद को टिकाने के लिए विज्ञापन आय पर ही निर्भर हैं, जबकि पे ब्रॉडकास्टरों को सब्सक्रिप्शन आय भी मिलती है।
 
गौरतलब है कि सरकार को एफटीए चैनलों को विज्ञापन समय की सीमा से मुक्त करने के लिए केबल टीवी नेटवर्क नियम (सीटीएनआर) 1994 में संसोधन करना होगा।
 
न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) और कुछ म्यूज़िक व क्षेत्रीय चैनलों में विज्ञापन सीमा के नियम को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है। इस पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ट्राई को आदेश दिया था कि वो अंतिम फैसला आने तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ जबरदस्ती कोई कदम न उठाए। हाल ही में यह मामला 20 नवंबर तक टाल दिया गया है।
 
ट्राई ने सेवा की गुणवत्ता (टेलिविज़न चैनलों पर विज्ञापन की अवधि) संशोधन विनियमन, 2013 को 20 मार्च 2013 को अधिसूचित किया था। इसके बाद से विज्ञापन समयसीमा का नियम 1 अक्टूबर 2013 से लागू हो गया। स्टार इंडिया, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ज़ेडईईएल), वायाकॉम18 और मल्टी स्क्रीम मीडिया जैसे ब्रॉडकास्टर बाकायदा इसका पालन कर रहे हैं।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन