Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

यूपी में खाली श्रम न्यायालयों में पीठासीन अधिकारी नियुक्त, देखें कौन कहां पहुंचा

-निर्मल कांत शुक्ला-

उत्तरप्रदेश से मजीठिया की लड़ाई लड़ रहे मीडिया कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर आ रही है। योगी सरकार ने यूपी के सभी ग्यारह श्रम न्यायालयों में पीठासीन अधिकारी के रिक्त पदों पर नियुक्तियां कर दी हैं।
उत्तरप्रदेश के ग्यारह श्रम न्यायालय पिछले कई महीनों से पीठासीन अधिकारी का पद खाली चल रहा था।इस कारण संबंधित श्रम न्यायालयों में मजीठिया वेज बोर्ड के क्लेम केसों की सुनवाई ठप हो गई थी। सिर्फ तारीख पर तारीख पड़ रही थी। बरेली के मजीठिया क्रांतिकारी मनोज कुमार शर्मा, डॉ. पंकज मिश्रा, निर्मल कांत शुक्ला, राजेश्वर विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव(श्रम) को अनगिनत पत्र भेजकर श्रम न्यायालयों में रिक्त पीठासीन अधिकारियों के पदों पर नियुक्तियों की मांग की थी।

बरेली के सांसद व केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार को भी स्थिति बताकर खाली श्रम न्यायालयों में पीठासीन अधिकारी नियुक्त कराने की मांग की थी। बरेली के सांसद व केंद्रीय श्रम मंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर नियुक्तियों का आग्रह किया था।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव(श्रम) सुरेश चंद्रा ने सेवानिवृत्त आईएएस विपिन कुमार द्विवेदी को श्रम न्यायालय लखनऊ, सेवानिवृत्त एचजेएस अमेरिका सिंह को श्रम न्यायालय कानपुर(1), सेवानिवृत्त पीसीएस रवींद्र दत्त पालीवाल को श्रम न्यायालय कानपुर(3), सेवानिवृत्त एचजेएस शांति प्रकाश अरविंद को श्रम न्यायालय झांसी, सेवानिवृत्त एचजेएस विनोद कुमार सेकिंड को श्रम न्यायालय बरेली, सेवानिवृत्त एचजेएस हरीश कुमार फर्स्ट को श्रम न्यायालय सहारनपुर, सेवानिवृत्त एचजेएस मो. शरीफ को श्रम न्यायालय वाराणसी, सेवानिवृत्त एचजेएस पुरनेन्दू कुमार श्रीवास्तव को श्रम न्यायालय गोरखपुर, सेवानिवृत्त एचजेएस मनोहर लाल को श्रम न्यायालय रामपुर, सेवानिवृत्त एचजेएस घनश्याम पाठक को श्रम न्यायालय फैजाबाद, सेवानिवृत्त एचजेएस राम कृष्ण उपाध्याय को श्रम न्यायालय इलाहाबाद का पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा न्यायमूर्ति शैलेन्द्र कुमार अग्रवाल(सेवानिवृत्त) को औद्योगिक न्याधिकरण लखनऊ, न्यायमूर्ति एसके सिंह (सेवानिवृत्त) को औद्योगिक न्यायधिकरण गोरखपुर का पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। खाली श्रम न्यायालयों में पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति की खबर अखबार मालिकों के लिए झटका देने वाली खबर है, वहीं उत्तर प्रदेश में मजीठिया की लड़ाई लड़ रहे मीडिया कर्मचारियों को इस खबर से राहत मिली है कि अब उनके केसों की सुनवाई में फिर तेजी आएगी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार छह माह में उनको न्याय मिल जाएगा।

-उत्तर प्रदेश से निर्मल कांत शुक्ला की रिपोर्ट. संपर्क : [email protected]

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन