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दैनिक भास्कर वाराणसी संस्करण का उदघाटन PM से कराने के नाम पर कितने रुपये लिए थे?

नोएडा। दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश का वाराणसी संस्करण शीर्ष प्रबन्धकों की करतूतों के कारण आये दिन सुर्खियों में है। सूत्रों का कहना है कि भास्कर के वाराणसी संस्करण को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उदघाटन कराने के नाम पर भास्कर उत्तर प्रदेश नोएडा व लखनउ के प्रधान सम्पादक दीपक द्विवेदी ने लाखों रुपये लिए थे। इस सिलसिले में प्रधानमंत्री मोदी को दीपक द्विवेदी ने एक पत्र भी लिखा था कि वह इस संस्करण का उदघाटन करने की कोई तिथि तय करें। इस पत्र की एक प्रतिलिपि भड़ास के पास भी मौजूद है जिसे नीचे दिया जा रहा है।

वाराणसी संस्करण के सम्पादक डा0 वरूण उपाध्याय को यह बताया गया था कि मोदी द्वारा वाराणसी संस्करण का उदघाटन करने से एक ही झटके में लाखों का विज्ञापन जुट जायेगा। नोएडा बुलाकर मुद्रक प्रकाशक ललन मिश्रा ने यह ज्ञान देते हुए डा. वरूण को बताया था कि यूफलेक्स के चेयरमेन अशोक चतुर्वेदी के प्रधानमंत्री से बहुत अच्छे संबंध है, और वह प्रधानमंत्री जी को अखबार के उदघाटन के लिए राजी कर लेंगे। उदघाटन के लिए आठ लाख रुपये खर्चे के बताये गये थे जो कई किस्तो में डा0 वरूण उपाध्याय से इस जोड़ी ने वसूले थे।

प्रधानमंत्री को 10 अक्तूबर 2019 को यह पत्र द्विवेदी ने अपने हस्ताक्षर से डाक द्वारा भेजा था। द्विवेदी को यह उम्मीद थी कि भास्कर का यह संस्करण मोदी के निर्वाचन क्षेत्र से प्रकाशित होने जा रहा है, तो आसानी से मोदी जी अपनी सहमति दे देंगे।

सूत्रों का कहना है कि जब पीएमओ ने इस अखबार के प्रबंधकों की खुफिया जांच करायी तो रिपोर्ट नकारात्मक मिली, और प्रधानमंत्री कार्यालय से उदघाटन तिथि देने की बात तो दूर, एक बधाई संदेश तक दीपक द्विवेदी एण्ड कम्पनी को नहीं मिला।

यह सभी को मालूम है कि इस अखबार के पीछे संरक्षक के रूप में यूफलेक्स के चेयरमेन अशोक चतुर्वेदी हैं और नोएडा भूमि घोटाले में उसे गाजियाबाद की सीबीआई अदालत ने सजा सुनाकर पूर्व आईएएस नीरा यादव के साथ जेल भेजा था।

उदघाटन के मामले पर डा0 वरूण द्वारा दी गयी रकम को वापस करने के लिए एक कानूनी नोटिस 4 फरवरी 2020 को दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश के प्रधान सम्पादक दीपक द्विवेदी और मुद्रक प्रकाशक ललन मिश्रा को भेजा जा चुका है।

इसी सिलसिले में एक वाद भी वाराणसी न्यायालय में दायर हो चुका है। बहुत जल्द कोरोना संकट के समाप्त होने के बाद भास्कर के शीर्ष प्रबन्धकों को फौजदारी और अन्य धाराओं के तहत कोर्ट में तलब किया जायेगा।

अपने पाठको के लिए हम श्री द्विवेदी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे गये पत्र की छायाप्रति ज्यों का त्यों छाप रहे हैं, आप भी पढिये-

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