Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

केरल विधानसभा में मीडिया पर हमले का विरोध

मीडिया और एक विधायक पर यूडीएफ के कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए कथित हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ विपक्ष के सदस्यों ने केरल विधानसभा से बर्हिगमन किया। विपक्ष, मलयालम टीवी चैनल ‘रिपोर्टर’ के प्रमुख संपादक एम वी निकेश कुमार और केसीबी के विधायक के बी गणेश कुमार के पत्थनापुरम स्थित आवास पर हुए कथित हमले के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की अनुमति चाहता था। विधायक ने हाल ही में कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी यूडीएफ से अपने संबंध तोड़ लिए थे।

मीडिया और एक विधायक पर यूडीएफ के कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए कथित हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ विपक्ष के सदस्यों ने केरल विधानसभा से बर्हिगमन किया। विपक्ष, मलयालम टीवी चैनल ‘रिपोर्टर’ के प्रमुख संपादक एम वी निकेश कुमार और केसीबी के विधायक के बी गणेश कुमार के पत्थनापुरम स्थित आवास पर हुए कथित हमले के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की अनुमति चाहता था। विधायक ने हाल ही में कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी यूडीएफ से अपने संबंध तोड़ लिए थे।

ये घटनाएं कथित तौर पर उस समय हुईं, जब यूडीएफ के कार्यकर्ता अरूविक्कारा उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार के एस सबरीनंदन को मिली जीत का जश्न मना रहे थे। प्रस्ताव के नोटिस पर जवाब देते हुए चेन्नीतला ने कहा कि यूडीएफ के कार्यकर्ताओं ने पत्रकार पर हमला नहीं बोला।

उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि मीडिया को लोकतंत्र में स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए। कुछ लोगों ने उनका मजाक बनाया और वास्तव में पुलिस नीकेश कुमार को सुरक्षा देते हुए उनकी कार तक ले गई। चेन्नीतला ने कहा कि यूडीएफ सरकार प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करती है और वह कभी भी पत्रकारों का अपमान नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को इस संदर्भ में कोई शिकायत नहीं मिली है।

उन्होंने ये भी कहा कि यदि पुलिस को इस मुद्दे पर शिकायत मिलती है तो वह निश्चित तौर पर जांच करेगी। माकपा के पी श्रीरामकृष्णन ने आरोप लगाया कि यह हमला जानबूझकर किया गया क्योंकि यूडीएफ सरकार के भ्रष्टाचार का खुलासा करने में यह चैनल सबसे आगे था।

चेन्नीतला के जवाब के बाद स्पीकर एन सकतन ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने अपने नेता वी एस अच्युतानंदन के नेतृत्व में बर्हिगमन किया। इससे पहले बैठक के शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने विरोध किया और बार रिश्वत मामले में वित्त मंत्री के एम मणि के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन