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उत्तर प्रदेश

अग्निवीर भर्ती देखने आ रहे 19 वर्षीय युवक को पुलिस ने बदमाश बता कर मार डाला, कोर्ट ने मुक़दमा दर्ज करने का आदेश दिया

मदन मोहन सोनी-

आगरा : पुलिस विभाग में एनकाउंटर करने की मुहिम इस तरह से हावी हुई है कि पुलिस अब बेगुनाहों को भी मौत के घाट उतार रही है. पुलिस के फर्जी एनकाउंटर का शिकार हुआ 19 वर्षीय मासूम युवक आकाश गुर्जर.

आज से ठीक 7 महीने पहले आगरा के सैया थाना क्षेत्र स्थित टोल प्लाजा से एक वीडियो वायरल हुई जिसमें 51 सेकंड में खनन माफियाओं के 13 ट्रैक्टर टोल प्लाजा तोड़ते हुए लगातार निकल गए.

वीडियो वायरल होने के बाद तत्कालीन एसएसपी ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए टीम गठित कर दी लेकिन ओरिजिनल खनन माफियाओं को पकड़ने की जगह पुलिस ने मुरैना से आगरा अग्निवीर की भर्ती देखने आ रहे 19 वर्षीय युवक आकाश गुर्जर को अगवा कर लिया और उसे खनन माफिया बताकर पुलिस मुठभेड़ दिखाकर गोली मार दी.

आकाश की गंभीर हालत देखते हुए सरकारी अस्पताल से उसे एक प्राइवेट अस्पताल में रेफर कर दिया गया. कुछ दिनों बाद आकाश गुर्जर की मृत्यु हो गई. आगरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस और खनन माफियाओं के बीच हुई मुठभेड़ में मृत आकाश गुर्जर के परिवार जनों की शिकायत पर कि उनके बेटे को फर्जी मुठभेड़ में मारा है, तत्कालीन पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं.

5 सितंबर 2022 की रात में आगरा के सैंया टोल पर चंबल की खनन के दर्जनों ट्रैक्टर बैरिकेड को तोड़ते हुए निकलते हैं. उसके बाद पुलिस एक्शन में आती है और खनन माफियाओं की धरपकड़ शुरू हो जाती है. 27 सितंबर को सुबह पुलिस कर्मियों के साथ मुठभेड़ होती है और उसमें ड्राइवर आकाश गुर्जर गोली लगने से घायल बताया गया. दौरानी इलाज उसकी मृत्यु हो जाती है. परिवार जनों का आरोप है वह अपने घर मुरैना से चला था आगरा अपने भाई के यहां आने के लिए. रास्ते से वह गायब हो जाता है और उन्हें सूचना मिलती है कि उनके बेटे को पुलिस ने मार दिया है.

आकाश मुरैना मध्य प्रदेश का रहने वाला था और उसने 12वीं तक की पढ़ाई पूरी कर ली थी और नौकरी की तलाश में था. आगरा में अग्निवीर भर्ती को देखने आया था. उसके खिलाफ कोई भी अपराधिक मामला दर्ज नहीं है. जिस दिन आगरा पुलिस ने उसे मुठभेड़ में गोली मारी उसी दिन उस पर दो मुकदमे दर्ज किए गए थे.

आकाश के वकील भारतेंद्र सिंह बताते हैं कि उन्होंने आगरा न्यायालय में सभी साक्ष्यों को देकर उनके माता-पिता की तरफ से शिकायत की थी जिस पर न्यायालय ने थाना इरादत नगर को मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं. साथ ही पुलिस कमिश्नर आगरा को निष्पक्ष एजेंसी से इस पूरे मामले की तफ्तीश करने को कहा है.

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1 Comment

1 Comment

  1. विजय सिंह

    March 29, 2023 at 4:01 pm

    ऐसे मामले मन को विचलित करते हैं. दोषियों पर कार्रवाई हो.

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