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उत्तर प्रदेश

लाठीचार्ज के विरोध में वकीलों और पत्रकारों ने किया प्रदर्शन

सकलडीहा (चंदौली): पत्रकारों के विभिन्न संगठनों ने मुगलसराय में कोतवाल द्वारा व्यापारियों व पत्रकारों पर किए गए लाठी चार्ज के विरोध में तहसील के मुख्य गेट से पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। साथ ही अपनी तीन सूत्रीय मांगों से संदर्भ में जिलाधिकारी के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

सकलडीहा (चंदौली): पत्रकारों के विभिन्न संगठनों ने मुगलसराय में कोतवाल द्वारा व्यापारियों व पत्रकारों पर किए गए लाठी चार्ज के विरोध में तहसील के मुख्य गेट से पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। साथ ही अपनी तीन सूत्रीय मांगों से संदर्भ में जिलाधिकारी के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन व बार एसोसिएशन ने मुगलसराय कोतवाल के कृत्यों की निंदा की एवं उनके निलंबन की मांग की। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष सत्येंद्र यादव, आशीष विद्यार्थी, डॉ. देवेंद्र प्रताप यादव, बजरंगी प्रसाद, नवीन राय, फरीदूद्दीन, श्रीप्रकाश यादव, रविंद्र प्रताप सिंह, देवानंद, जेपी रावत, हेमंत सिंह, अमित कुमार सहित अन्य पत्रकार शामिल थे। वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह एवं डेमोक्रेटिक के संरक्षक अजय सिंह द्वारा दर्जनों अधिवक्ताओं संग पत्रकारों के आंदोलन में सहभागिता दिखाई। अधिवक्ताओं ने कहा कि मुगलसराय कोतवाल को तत्काल निलंबित किया जाय। इस अवसर पर सुभाष सिंह, विजय प्रताप सिंह, सच्चिदानंद सिंह, रमाशंकर, श्रीकांत सिंह, रामजी प्रसाद, गौरव, मेराज खां लड्डू सहित तमाम लोग उपस्थित थे।

निलंबन की मांग दोहराई

चकिया: ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के सदस्यों ने नगर स्थित बापू पार्क में धरना दिया। लोगों ने कोतवाल को निलंबित करने की मांग की। सदस्यों ने चेतावनी दी यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो पत्रकार अपने आंदोलन को जारी रखेंगे। धरने पर मंगला सिंह, विनोद सिंह, शीतला प्रसाद राय, जितेन्द्र जायसवाल, गौरव श्रीवास्तव, मुसाफिर विश्वकर्मा, विजय विश्वकर्मा उपस्थित थे।

काली पट्टी बांध किया विरोध

चंदौली: व्यापारियों व पत्रकारों पर लाठी चार्ज व उत्पीड़न के विरोध में मुख्यालय पर पत्रकारों ने बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इस दौरान हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में पुलिस की कार्य प्रणाली संदेह के घेरे में हैं। जहां सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, वहां पुलिस की यह कार्रवाई उसकी निरंकुश सोच को उजागर करती है। इस दौरान ग्रापए, उपजा, भारतीय पत्रकार संघ की ओर से खुर्शीद आलम, अभिलाष पांडे, अमित द्विवेद्वी, कमलेश सिंह, मृत्युंजय सिंह, चंदन पांडे, मनोज सिंह सहित कई पत्रकार उपस्थित थे।

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