आकाशवाणी रांची में आकस्मिक उदघोषकों का शोषण चरम पर, 7 माह से न मिला पेमेंट

आकाशवाणी रांची का हाल बुरा है. 7 महीने से कम्पियरों और कैजुअल अनाउंसरों को उनका पारिश्रमिक नहीं मिला है. अभी हाल में ही एक मई को मज़दूर दिवस मनाया गया. सब तरफ उल्लास दिखा लेकिन आकाशवाणी रांची के आकस्मिक उदघोषक निराश हैं. बार बार भुगतान का आश्वासन देने के बावजूद आकस्मिक उदघोषक को उनका पारिश्रमिक नहीं मिल पाया है. करीब डेढ़ से कैजुअल एनाउंसरों की पीड़ा को कोई सुनने-समझने वाला नहीं है.

रांची आकाशवाणी के लोगों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि रांची आकाशवाणी में कार्यरत वर्तमान कार्यक्रम प्रभारी के द्वारा मनमानी की जाती है. उनके दखल से उनके चेहतों को भुगतान पहले हो जाता है, लेकिन बाकी का पेमेंट लटका रह जाता है.

बात-बात में आकस्मिक उदघोषक को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है. साथ ही उनके द्वारा धमकी भी दी जाती है कि ज्यादा होशियार बनने वालों को निकाल दिया जाएगा. उनके डर से कोई मुंह खोलने की जहमत नहीं उठाता.

कई आकस्मिक उदघोषक तो ऐसे हैं जो आकाशवाणी रांची के परमानेंट स्टाफ के रिलेटिव हैं जिनकी मनमानी भी वहां चलती है. उनका भुगतान अधिकारियों के इशारे पर पहले होता है. बाद में दूसरों का. बेहद खस्ताहाल में हैं आकाशवाणी रांची के आकस्मिक उदघोषक जिनकी सुननेवाला भी कोई नहीं है.

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